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भगवान विष्णु का वाहन गरुड़ देखना है तो आएं यहां

भागलपुर में करीब 700 गरुड़ समेत हजारों पक्षियों से गुलजार हुआ दियारा क्षेत्र

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  • नवगछिया का जगतपुर झील इन दिनों प्रवासी व स्थानीय पक्षियों से भरा पड़ा
  • 153 प्रजाति के करीब 4000 पक्षियों ने जगतपुर झील को बनाया आशियाना

भागलपुर (voice4bihar desk) । दुर्लभ पक्षियों में शामिल भगवान विष्णु का वाहन गरुड़ अगर आपको देखना है तो बिहार के भागलपुर में आकर देख सकते हैं। बड़ा गरुड़ के संरक्षण का काम भागलपुर जिले के कदवा में चल रहा है । सबसे अच्छी बात यह है कि अभी क्षेत्र में बड़े गरुड़ की संख्या 700 है । इसके अलावा अन्य पक्षियों के कलरव करते नजारे आप नजदीक से देख सकेंगे।

दरअसल पुलिस जिला नवगछिया का दियारा क्षेत्र इन दिनों प्रवासी पक्षियों की शरणस्थली बना हुआ है । जाड़े के मौसम में ठंडे प्रदेशों में रहने वाले पक्षी भोजन की तलाश व प्रजनन के उपयुक्त वातावरण के लिए नवगछिया के दियारा क्षेत्र को अपना प्रवास स्थल बना लेते हैं । जाड़े के मौसम में ठंडे प्रदेशों में झील और तालाब बर्फ से ढंक जाते हैं । ऐसे में ये प्रवासी पक्षी उपयुक्त मौसम में प्रजनन करते हैं । नवगछिया के खरीक प्रखंड स्थित जगतपुर झील इन दिनों प्रवासी और स्थानीय पक्षियों से भरा पड़ा है ।

153 प्रजाति के 4000 पक्षियों ने डाला डेरा

यहां प्रवासी के ज्ञात पक्षियों की संख्या 153 बताई जा रही है । फिलवक्त इस झील में 3000 प्रवासी और 1000 स्थानीय पक्षी शरण लिए हुए हैं । प्रवासी पक्षियों में मुख्य रूप से लालसर , नर्दन पिटेल , नर्दन शोभलर , गढ़वाल , यूरेशियन कूट , गार्गेनी कटन , पिगनीगूज , कमन पोचार्ड और यूरेयिन विजन आदि पक्षी शामिल हैं । जबकि स्थानीय पक्षियों में ओरिएंटल डार्टर , छोटा और बड़ा पनकौआ लेसर विसलिंग डक, फेलूवलक विसलिंग डक, पर्पल हेरोन , ग्रे हेरोन , ग्रे हेडेड स्वाम्प हेन , वाइटब्रेस्टेडहेन, स्प्रे ( बाज प्रजाति का शिकारी पक्षी ) ब्रोंज विंड जकाना आदि शामिल हैं ।

झील में कलरव करते स्थानीय व मेहमान परिंदे।

पक्षियों के पैरों में पहनाया जा रहा छल्ला

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उल्लेखनीय है कि जगतपुर का यह झील लगभग 20 एकड़ में फैला हुआ है । यह पक्षी विहार वन विभाग की देखरेख अध्ययन के लिए बीएनएचएस के द्वारा चलाया जा रहा पक्षियों के पैरों में छल्ला पहनाने का कार्यक्रम में संचालित किया जा रहा है । जगतपुर झील में आने वाले प्रवासी पक्षियों के अध्ययन के लिए बीएनएचएस के द्वारा पक्षियों के पैरों में छल्ला पहनाने का कार्यक्रम चलाया जा रहा है ।

पक्षी व पर्यावरण प्रेमियों के लिए बना आकर्षण का केंद्र

जगतपुर झील में रहने वाले पक्षियों को देखने के लिए रोजाना लोग यहां आ रहे हैं । इसके अलावा पक्षी और पर्यावरण प्रेमी के लिए यह स्थल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है । वेटलैंड मित्र और पक्षी विशेषज्ञ दीपक कुमार बताते हैं कि जगतपुर झील में अक्टूबर-नवंबर से प्रवासी पक्षियों का आना शुरू हो जाता है । मार्च के बाद पक्षी यहां से जाना शुरु कर देते हैं । चीन, साइबेरिया, यूरोप और एशिया के कई देशों से पक्षी यहां आते हैं । यह सभी पक्षी भोजन और वातावरण की तलाश में यहां आते हैं । सबसे बड़ी बात प्रवासी पक्षी शाकाहारी होते हैं । इनका भोजन जलीय पौधा और वनस्पति होता है ।

पक्षियों से पटा झील।
पक्षियों से पटा झील।

दुर्लभ पक्षियों का शिकार चिंता का सबब

वेटलैंड मित्र और पक्षी विशेषज्ञ दीपक कुमार ने पक्षियों के अवैध शिकार पर चिंता जताते हुए कहा कि पक्षियों के अवैध शिकार के कारण कई पक्षियों विलुप्त होने के कगार पर पहुंच चुकी है । जिसमें प्रमुख रुप से बड़ा गरुड़ शामिल है । पक्षी विशेषज्ञ अरविंद मिश्रा के देखरेख में बड़ा गरुड़ के संरक्षण का काम भागलपुर जिले के कदवा में चल रहा है । सबसे अच्छी बात यह है कि अभी क्षेत्र में बड़े गरुड़ की संख्या 700 है । इसके अलावा कंबोडिया और असम में भी बड़ा गरुड़ के संरक्षण का काम चल रहा है ।

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