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…तो शराब नहीं ‘जहरीला मादक तरल पदार्थ’ पीने से हुई पांच लोगों की मौत?

मुजफ्पुरपुर के कटरा में शराब पीने से मौत की बात चीख-चीख कर कह रहे परिजन

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  • जहरीली शराब पीने से मौत की पुष्टि हुई तो आश्रितों को देना होगा 4-4 लाख रुपये मुआवजा
  • डीएम ने उत्पाद अधीक्षक का थमाया शोकॉज, एसएसपी को भी दिये सख्ती के निर्देश
  • जीविका की कार्यशैली पर भी नाराज, शराब सेवन के खिलाफ लोगों को नहीं किया जागरुक

मुजफ्फरपुर (voice4bihar desk)। मुजफ्फरपुर जिले में कथित जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत के मामले में प्रशासन अब भी मानने को तैयार नहीं है कि शराब पीने से ही पांच लोगों की जान गयी है। बकौल प्रशासन उस सभी की मौत “जहरीला मादक तरल पदार्थ” पीने से प्रतीत हो रही है। सवाल यह कि वह जहरीला मादक तरल पदार्थ यदि शराब नहीं है तो फिर डीएम ने उत्पाद अधीक्षक से स्पष्टीकरण क्यों मांगा।

यहां बता दें कि जिले के कटरा प्रखंड अंतर्गत दरगाह गांव में बीते दिनों शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गयी। यह बात मृतकों के परिजन ने डीएम व एसएसपी से सामने चीख-चीख कर कही। इसके बाद डीएम प्रणव कुमार ने बीते रविवार की देर रात आदेश जारी कर उत्पाद अधीक्षक संजय कुमार राय से स्पष्टीकरण मांगा। डीएम ने उत्पाद अधीक्षक को जारी पत्र में कहा है कि दरगाह में रामचंद्र मांझी, मंजू देवी, विनोद मांझी, अजय मांझी एवं सोनल सिंह की संदिग्ध स्थिति में मौत दो दिनों में हुई ।

प्रथम दृष्टया जांच में जहरीला मादक तरल पदार्थ के सेवन के कारण उनकी मौत प्रतीत हो रही है । राज्य में शराब और मादक द्रव्य के पूर्ण निषेध का कानून लागू है । इसके बावजूद कटरा की घटना से प्रतीत हो रहा कि मादक द्रव्यों के निषेध को लेकर कार्रवाई में लापरवाही बरती जा रही है । यह गंभीर मामला है । इसे देखते हुए उक्त घटना के संबंध में 24 घंटे में स्पष्टीकरण दें।

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डीएम प्रणव कुमार ले लगे हाथ एसएसपी जयंत कांत को भी निर्देश दिया कि क्षेत्र में मादक द्रव्यों की आवाजाही के खिलाफ सघन छापेमारी, जांच एवं तलाशी अभियान चलाते हुए कार्रवाई करें ताकि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो। वहीं एसकेएमसीएच के अधीक्षक से घटना में मृत विनोद मांझी की पोस्टमार्टम एवं विसरा रिपोर्ट अतिशीघ्र उपलब्ध कराने को कहा है।

डीएम ने इस मामले में एसएसपी व उत्पाद अधीक्षक से कहा कि जांच में यह बात सामने आई है कि प्रमोद दास नामक व्यक्ति दो दिन पूर्व एक डिब्बा रसायन लेकर अजय मांझी के घर गया था। दोनों ने रसायन से तरल पदार्थ तैयार कर उसका सेवन किया था । इसके बाद पेट दर्द के साथ विकार पैदा हुआ। इलाज के दौरान अजय मांझी की मौत हो गई। इसे देखते हुए आसपास के क्षेत्र में छापेमारी तेज की जाए।

डीएम ने जीविका के डीपीएम के कार्य को लेकर भी नाराजगी जताई है। उन्होंने जारी निर्देश में कहा है कि मादक द्रव्यों के सेवन से लोगों को दूर करने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने को कहा गया था। मगर कटरा की घटना को देखकर लगता है कि इसमें लापरवाही बरती गई है । इसे देखते हुए संबंधित गांव में जीविकोपार्जन के नए अवसर को लेकर अभियान चलाया जाए।

डीएम ने कहा कि बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम में शराब से मौत या क्षति पर मुआवजा का प्रावधान है । दरगाह के पांच लोगों की मौत जहरीली शराब से पुष्टि होने पर उनके आश्रितों को चार – चार लाख रुपये देने का प्रस्ताव भेजने का निर्देश एसएसपी और उत्पाद अधीक्षक को दिया।

यह भी देखें : राजधानी में फिर पकड़ी गयी 25 लाख की शराब

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