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बिहार के स्कूलों में जल्द लौटेगी रौनक, इसी हफ्ते खुलेंगे स्कूल व कोचिंग संस्थान

9वीं-12वीं तक की कक्षाएं 7 अगस्त से चलेंगी, कक्षा-1 से 8 तक की कक्षाएं अगले हफ्ते से

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एक दिन बीच कर स्कूल जाएंगे बच्चे, विद्यालय में सुरक्षा व स्वच्छता पर रहेगा विशेष जोर

पटना (voice4bihar desk)। लंबे समय से बच्चों की स्कूल से दूरी व डिजिटल गजट से दोस्ती अब खत्म होने वाली है। राज्य सरकार ने माध्यमिक से लेकर प्राथमिक तक के विद्यालयों को शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही कोरोना संक्रमण को लेकर विगत कई माह से बंद चल रहे राज्य के स्कूलों में फिर से रौनक लौट आएगी। माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक कक्षाएं इसी हफ्ते शनिवार से शुरू हो जाएंगी, जबकि प्राइमरी व मिडिल स्कूल के बच्चों को एक हफ्ते और इंतजार करना होगा।

बिहार में कोरोना संक्रमण के आंकड़े अब नगण्य रह गए हैं, ऐसे में राज्य सरकार ने कोरोना काल में लगे प्रतिबंधों में बहुत बड़ी ढील दी है। इसमें सबसे बड़ी ढील के तौर पर स्कूलों को खोला जा रहा है। आपदा प्रबंधन समूह की पिछली बैठक में ही यूनिवर्सिटी, बीएड कॉलेज, डिग्री कॉलेज व सरकारी ट्रेनिंग सेंटर तथा इंटर कॉलेज खोलने की मंजूरी दी गयी थी।  अब अनलॉक-4 के रूप में अगला कदम उठाते हुए सरकार ने हाई स्कूल, मिडिल स्कूल व प्राइमरी स्कूलों को खोलने की इजाजत दे दी है।

आपदा प्रबंधन समूह का फैसला 7 से 25 अगस्त तक रहेगा प्रभावी

बुधवार को हुई राज्य आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में कोरोना संक्रमण को लेकर हालात की समीक्षा के बाद कई अहम फैसले लिए गए। ये सभी निर्णय 7 अगस्त से लेकर 25 अगस्त तक लागू रहेंगे। बैठक में लिए गए निर्णय के बारे में राज्य गृह विभाग की विशेष शाखा ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 9वीं से 12वीं तक के स्कूलों के अलावा सभी विश्वविद्यालय, हर प्रकार के कॉलेज व तकनीकी शिक्षण संस्थान आगामी 7 अगस्त से खोले जा सकेंगे। हालांकि शर्त यह होगी कि स्कूल-कॉलेज में सिर्फ 50 फीसदी विद्यार्थी को ही बुलाने की अनुमति होगी।

प्राइमरी व मिडिल स्कूल खोलने से पहले सैनिटाइज किये जाएंगे स्कूल

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इसके साथ ही कक्षा-1 से 8 तक के बच्चों को 16 अगस्त से उन्हीं शर्तों के साथ विद्यालय आने की अनुमति होगी। यानि हर छात्र को एक दिन बीच कर स्कूल बुलाया जाएगा। हालांकि इसमें एक और शर्त रखी गयी है कि प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में कक्षाएं शुरू करने से पहले सभी स्कूलों में साफ-सफाई व सैनिटाइजेशन की व्यवस्था शिक्षा विभाग करेगा। हालांकि जो बच्चे स्कूल नहीं आना चाहते हैं उनके लिए भी विकल्प रखा गया है। सरकार ने कहा है कि ऑनलाइन माध्यम से शिक्षण की व्यवस्था के विकल्प को भी उपलब्ध रखा जाएगा।

11वीं से ऊपर की कक्षाएं विगत एक माह से चल रहीं

अब सभी सरकारी प्रशिक्षण संस्थान भी प्रशिक्षुओं की 50 % उपस्थिति के साथ खोले जा सकेंगे। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के अलावा अनुसूचित जाति / जनजाति आवासीय विद्यालय एवं कर्पूरी छात्रावासों का संचालन भी इन्हीं शर्तों के साथ होगा। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय, सभी कॉलेज, तकनीकि शिक्षण संस्थान, सरकारी प्रशिक्षण संस्थान, 11वीं एवं 12वीं तक के विद्यालय विगत 7 जुलाई से ही खोले जा चुके हैं। यहां ऑड-इवेन की तर्ज पर कक्षाएं नियमित चल रही हैं।

10वीं कक्षा से ऊपर वाले कोचिंग सेंटर भी खुलेंगे

आपदा प्रबंधन समूह ने स्कूलों के साथ कोचिंग संस्थानों को भी खोलने का निर्णय लिया है, लेकिन यह छूट सिर्फ सीनियर कक्षाओं व प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने वाले कोचिंग को ही होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक ट्वीट के जरिये कोचिंग खुलने की जानकारी दी तो सभी तरह के कोचिंग संचालकों में हर्ष छा गया, लेकिन गृह विभाग को नोटिफिकेशन आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गयी। मुख्यमंत्री ने ट्वीटर हैंडल पर लिखा- “कोचिंग संस्थान छात्रों की 50 प्रतिशत उपस्थिति (एक दिन छोड़कर) के साथ कार्य कर सकेंगे।”

गृह विभाग की विशेष शाखा की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 10वीं कक्षा से ऊपर के पाठ्यक्रम से संबंधित प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कोचिंग संस्थान खुलेंगे। यहां भी कुल छात्रों की 50 % उपस्थिति ही मान्य होगी। प्रत्येक छात्र एक दिन बीच कर कोचिंग संस्थान आ सकेगा। कोचिंग संस्थानों में केवल कोविड टीका प्राप्त व्यक्तियों को ही कार्य करने की अनुमति होगी। सभी कोचिंग संस्थानों को अपने यहां कार्यरत कर्मियों की सूची टीकाकरण की स्थिति के साथ स्थानीय थाने को देनी होगी।

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