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अमेजन प्राइम वीडियो में मोबाइल पर देख सकते हैं 5 ब्लॉकबस्टर हिन्दी फिल्में

वेब सिरीज तांडव भी इस प्लेटफार्म पर मौजूद, महीने में खर्च करने होंगे 89 रुपये

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voice4bihar desk. वेब सिरीज “तांडव” के कारण सुर्खियां बटोरने वाला अमेजन प्राइम वीडियो अब दर्शकों के लिए पांच ब्लॉकबस्टर हिन्दी फिल्में लेकर आया है। यदि हाल में रिलीज कई फिल्में देखने से आप चूक गए हैं तो आपके लिए कम खर्च में बेहतरीन फिल्में देखने का मौका है। वह भी मोबाइल फोन पर। ऐमजॉन प्राइम वीडियो के नए लॉन्च किए गए मोबाइल एडिशन प्लान के साथ आप अब एक महीने के लिए बिल्कुल नई फिल्में और वेब सीरीज़ फ्री में देख सकते हैं।

सूत्रों के अनुसार, ऐमजॉन प्राइम वीडियो, एयरटेल के साथ मिलकर, भारत के नेटिजंस को नए साल की ऐसी सौगात देकर सेवा प्रदान कर रहा है। उसने प्राइम वीडियो मोबाइल एडिशन (पी.वी.एम.ई.) को सिर्फ रु. 89 की शुरुआती कीमत पर पेश किया है। ये सिंगल-यूज़र मोबाइल-ओनली प्लान, (जिसका मतलब यह भी है कि आपको अपने ओ.टी.टी. सब्सक्रिप्शन को अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ बाँटना नहीं पड़ेगा), पी.वी.एम.ई. के साथ एयरटेल के ग्राहक 1 महीने की फ्री ट्रायल के साथ एस.डी. क्वालिटी में ऐमज़ॉन प्राइम वीडियो स्ट्रीम कर सकते हैं। अमेजन प्राइम की नई पेशकश में पांच फिल्में हैं – शकुंतला देवी, गुलाबो सिताबो, अनपॉज़्ड, शुभ मंगल ज़्यादा सावधान व थप्पड़।

शकुंतला देवी : मानव कंप्यूटर के रुप में दिखेंगी विद्या बालन

‘मानव कंप्यूटर’, शकुंतला देवी का क़िरदार निभाते हुए, विद्या बालन ने पिछले साल की एक सबसे यादगार अदाकारी दिखाई थी। फिल्म, शकुंतला देवी ने न सिर्फ उनकी एक गणित के जादूगर की यात्रा के बारे में बताया, बल्कि उनकी समझ-बूझ, कमज़ोरियों और खामियों के साथ एक औरत और माँ के रूप में उनकी ज़िंदगी की झलक भी दिखायी। अनु मेनन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में सान्या मल्होत्रा, अमित साध और जीशु सेनगुप्ता ने भी अहम क़िरदार निभाए हैं।

गुलाबो सिताबो : आयुष्मान खुराना व अमिताभ बच्चन नए रुप में

शूजित सरकार की गुलाबो सिताबो में, आयुष्मान खुराना ने एक हताश-परेशान किरायेदार (बाँके) का क़िरदार निभाया है, जिसने हवेली खाली न करने का फ़ैसला किया है और इसलिए उसे छोटी-छोटी बातों पर उलझने वाले मकान मालिक, मिर्ज़ा से निपटना पड़ता है, जो क़िरदार अमिताभ बच्चन ने निभाया है। जब अलग-अलग ज़माने के दो हरफ़नमौला अदाकार एक साथ स्क्रीन पर आते हैं तो यह स्क्रीन पर किसी जादू से कम नहीं होता है। बाँके और मिर्ज़ा के बीच प्यार-तकरार का रिश्ता बिल्कुल देखने लायक है। जंग छिड़ने वाली है, आप किसके साथ हैं?

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अनपॉज़्ड : पांच फिल्मों का कलेक्शन है यह कहानी

महामारी के दौरान उम्मीद और नई शुरुआतों की कहानियाँ, अनपॉज़्ड 5 फ़िल्मों का कलेक्शन है जिसने हिंदी सिनेमा में 5 अच्छे निर्देशकों को मिलाया है। निर्देशक हैं – राज और डी.के., निखिल आडवानी, तनिष्ठा चटर्जी, अविनाश अरुण और नित्या मेहरा, जिन्होंने साथ रत्ना पाठक शाह, ऋचा चड्ढा, सुनील व्यास, सैयामी खेर, रिंकू राजगुरु, गुलशन देवैया, ईश्वक सिंह, लिलेट दुबे, अभिषेक बनर्जी, गीतिका विद्या ओहल्याण और शार्दुल भारद्वाज जैसे हुनरमंद अदाकारों की मंडली को साथ लेकर हम सभी के देखने के लिए एक दिल छू लेने वाली फ़िल्म बनाई, खासकर अगर हम एक बुझी-बुझी सी रात में अपनी भावनाओं को जगाना चाहते हों तो।

शुभ मंगल ज़्यादा सावधान : आयुष्मान और जितेंद्र ने एक ही सेक्स वाले प्रेमी जोड़े का क़िरदार निभाया

आयुष्मान खुराना और जितेंद्र कुमार उर्फ जीतू के अहम क़िरदार वाली, आनंद एल राय की इस फिल्म ने एल.जी.बी.टी.क्यू. समाज के बारे में बेहद ज़रूरी बात-चीत को छेड़ दिया है। आयुष्मान और जितेंद्र ने एक ही सेक्स वाले प्रेमी जोड़े का क़िरदार निभाया है, जिन्हें जीतू के परिवार वालों के विरोध का सामना करना पड़ता है और वे उन्हें अपने रिश्ते के लिए मनाने के लिए पुरज़ोर कोशिश करते हैं। इस फिल्म ने अपनी रिलीज़ के बाद से ही एक सही चर्चा छेड़ दी और उन फ़िल्मों की लिस्ट में शुमार होने की पूरी हकदार है, जिन्हें आपको देखना चाहिए। बोनस- शुभ मंगल ज़्यादा सावधान में तड़का लगाने के लिए स्क्रीन के एक सबसे प्यारे जोड़े, नीना गुप्ता और गजराज राव को भी फ़िल्म में शामिल किया गया है।

थप्पड़ : अनुभव सिन्हा ने तापसी पन्नू को दिलाया नया मुकाम

अनुभव सिन्हा द्वारा निर्देशित, थप्पड़ में तापसी पन्नु एक अहम क़िरदार में हैं। यह फिल्म अमृता (तापसी) की कहानी बयां करती है, जिसकी दुनिया उस वक़्त टूटकर बिखर जाती है जब उसका बेहद महत्वाकांक्षी पति, विक्रम (पावेल गुलाटी) उसे एक पार्टी में थप्पड़ मारता है जो कि कॉर्पोरेट जगत में उसकी सफलता का जश्न मनाने के लिए रखी गई थी। अपनी शादी से खुश, अमृता, जिसकी ज़िंदगी विक्रम और उसके परिवारवालों का ध्यान रखने के इर्द-गिर्द घूमती थी, अंत में लोगों के बीच हुई अपनी बेइज़्ज़ती का मुक़ाबला करती है और तलाक लेना चाहती है और अपने पति से तलाक़ लेती है। यह सोशल ड्रामा ने गहराई तक बसी हुई औरतों के लिए नफ़रत के बारे में चर्चा की शुरूआत कर दी और सालों से चली आ रही औरतों के हालातों को उजागर किया जिसका कारण उसका अपना ही परिवार और वो समाज ही होता है जिसमें वो रहती है।

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