Header 300×250 Mobile

दो से तीन महीने में पूरी होगी शिक्षक बहाली प्रक्रिया

पटना हाईकोर्ट पर देरी का ठीकरा फोड़ने वाले शिक्षा मंत्री अब दे रहे कोरोना का हवाला

- Sponsored -

574

- sponsored -

- Sponsored -

पटना (voice4bihar desk)। बिहार के शिक्षक अभ्यर्थियों की हालत तार से गिरे खजूर पर अटके वाली हो गयी है। पटना हाईकोर्ट से छूटे तो कोरोना ने बहाली को जकड़ लिया है। पटना हाईकोर्ट के नाम पर बहाली में हो रही देरी का ठीकरा फोड़ने वाले शिक्षा मंत्री अब कोरोना का हवाला देकर पूरी बहाली प्रक्रिया दो से तीन माह में पूरी होने की बात कहने लगे हैं। हालांकि मंत्री इसके पहले तक 15 दिनों में बहाली पूरी लेने की बात कहते रहे हैं। बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी का यह सुर पटना हाईकोर्ट से बहाली पर से रोक हटने के बाद बदला है।

शुक्रवार को टीवी चैनलों पर आये मंत्री ने कहा कि कोरोना के कारण लागू लॉकडाउन के मद्देनजर नौ जून से दिव्यांग अभ्यर्थियों को आवेदन भरने के लिए 15 दिनों का समय दिया जायेगा। बिहार में पांच मई से लागू लॉकडाउन के आठ जून के बाद खत्म होने के आसार हैं। यानि अगर आज के हालात के मुताबिक कोरोना से हालात सुघरते रहे तो लॉकडाउन खत्म हो सकता है, अन्यथा इसे बढ़ाया भी जा सकता है। लॉकडाउन बढ़ाये जाने के हालात में अभ्यर्थियों का इंतजार भी और लंबा खिंच सकता है।

यह भी पढ़ें : केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान, वर्ष 2011 में TET पास अभ्यर्थी अब भी बन सकते हैं शिक्षक

विज्ञापन

शुक्रवार को टीवी चैनलों पर आये शिक्षा मंत्री ने कहा कि नौ जून से अगले 15 दिनों तक दिव्यांग अभ्यर्थियों से आवेदन लिए जायेंगे। इसके बाद अगले एक हफ्ते में प्रोविजनल मेरिट लिस्ट तैयार की जायेगी। इस प्रोविजनल मेरिट लिस्ट पर आपत्ति ली जायेगी और फिर उसमें आवश्यक सुधार कर फाइनल मेरिट लिस्ट जारी की जायेगी। फाइनल मेरिट लिस्ट के अनुसार ही अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग की जायेगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में दो से तीन महीने लग जायेंगे।

शुक्रवार को बिहार के शिक्षा मंत्री ने सातवें चरण की बहाली से जुड़े सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बिहार के स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली हैं और हमारे योग्य अभ्यर्थी बाहर सड़क पर है, यह दुखद स्थिति है। हम इसे बदलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तनाम में शिक्षकों की बहाली के लिए जारी प्रकिया छठे चरण की है। इसके पूरा होते ही हम सातवें चरण की प्रक्रिया शुरू करेंगे। सातवें चरण की प्रक्रिया में हम उन अभ्यर्थियों को बहाल करेंगे जो एसटेट 2019 की परीक्षा में पास हुए हैं।

यहां बता दें कि बिहार में करीब सवा लाख शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जुलाई 2019 से चल रही है। इसमें करीब 94,000 प्राथमिक और मध्य जबकि 30,000 हाई स्कूल और प्लस टू के शिक्षकों की बहाली की जानी है। बहाली प्रक्रिया में विभाग की गड़बड़ी और मामले के पटना हाईकोर्ट में चले जाने के कारण यह अब तक अटकी हुई है। तीन जून को अदालत ने रोक हटाते हुए बहाली प्रक्रिया को शीघ्र पूरी करने को कहा है। हालांकि हाईकोर्ट ने दिव्योंगों को आवेदन जमा करने के लिए फिर से 15 दिनों का समय देने का निर्देश दिया है। इसके बाद विभाग आगे की तैयारियों में जुटा हुआ है।

यह भी पढ़ें : हफ्ता से 15 दिनों में कर सकते हैं नियुक्ति, इजाजत दे न्यायालय

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

ADVERTISMENT