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तम्बाकू की लत पालने वाले कैदी अब चबा रहे नीम व तुलसी

नवादा जेल में काराधीक्षक की सख्ती के बाद जेलकर्मियों में भी हड़कंप

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मंडलकारा में लगाये गए पोस्टर, जेलकर्मियों पर भी लागू होगा यह आदेश

नवादा (Voice4bihar news)। तम्बाकू या टोबैको प्रोडक्टस के आदी हो चुके जो कैदी किसी न किसी तरह से खैनी, गुटखा या सिगरेट के पैकेट जेल में मंगाने की जुगत में रहते थे, वे अब नीम व तुलसी के पत्ते चबाकर अपनी तलब पूरी पर रहे हैं। यह हकीकत है बिहार के नवादा मंडल कारा की, जहां नए जेलर के आने के बाद लगाई गयी सख्त पाबंदियों के कारण के कारण ऐसा करना पड़ रहा है।

दरअसल नवादा मंडलकारा में पिछले एक माह से चल रहे कैदी सुधार कार्यक्रम के तहत एक यह कड़ा कदम उठाया गया है। इसके तहत पूरे जेल परिसर को तम्बाकू निषेध क्षेत्र घोषित किया गया है। यहां तंबाकू व इसके अन्य उत्पादों के इस्तेमाल को पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है। मंडल काराधीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय के आदेश पर जेल परिसर में जगह-जगह पोस्टर चस्पा किये गए हैं, जिनमें आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है।

मजेदार बात यह है कि यह आदेश सिर्फ जेल के बंदियों के लिए नहीं है बल्कि जेल में तैनात कर्मियों पर भी समान रूप से लागू किया गया है। इस बात काराधीक्षक श्री पांडेय ने बताया कि हमारा प्रयास है कि जेल का वातावरण हर मायने में पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त हो, साथ ही जेल में पहुंचने वाली आपत्तिजनक वस्तुओं को पूरी तरह से रोका जा सके।

तम्बाकू के चलते सस्पेंड हुए थे पिछले काराधीक्षक

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यहां उल्लेखनीय है कि नवादा मंडलकारा में अनियमितता मिलने के कारण ही पिछले माह यहां के काराधीक्षक को निलंबित किया गया था। जिला प्रशासन की छापेमारी में यहां कई मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री की बरामदगी हुई थी, जिनमें तम्बाकू व तम्बाकू उत्पाद भी शामिल थे। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर यहां के कई कर्मियों का तबादला भी किया गया था। इस दंडात्मक कार्रवाई के पीछे जिला प्रशासन ने यह भी कहा था कि पूर्व में हुई छापेमारी के दौरान भी यहां आपत्तिजनक सामग्री की बरामदगी हुई थी।

पुराने काराधीक्षक के निलंबन की वजह को लेकर बढ़ी सतर्कता

जेल में कुव्यवस्था को दूर करने के लिए यहां बेनीपट्टी के काराधीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय को भेजा गया है। कामकाज संभालते ही काराधीक्षक ने उन तमाम अनियमितताओं को दूर करने कवायद आरंभ की, जिसके लिए जेल की बदनामी व काराधीक्षक का निलंबन हुआ था। इसी कड़ी में तम्बाकू व इसके उत्पादों यानी खैनी, पान, बीड़ी, सिगरेट, गुटखा आदि को पूर्णतरूप प्रतिबंधित कर दिया है।

आदेश के उल्लंघन पर जेलकर्मियों का कटेगा वेतन!

बताया जाता है काराधीक्षक की ओर से बंदियों को सख्त चेतावनी तो दी ही गई है, जेल कर्मियों को भी कह दिया गया है कि कारा के अंदर ड्यूटी के दौरान तम्बाकू का इस्तेमाल न करें। ऐसा करते पकड़े जाने पर कार्रवाई तय है। विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि जो भी कर्मी इस आदेश का उल्लंघन करते पाए जाएंगे उनके वेतन में कटौती की जाएगी। यही कारण है कि इसके भय से कई कैदी अपनी तलब दूर करने के लिए तुलसी के पत्ते चबाकर काम चला रहे हैं।

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