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बिहार में युवक की मौत से बौखलायी भीड़ ने फूंक डाले कई बंजारों के घर

पुराने पेड़ को काट रहा था बंजारों का समूह, अचानक टहनी गिरने से राहगीर की मौत

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बाइक सवार के सिर पर गिरी सूखी टहनी, हेलमेट टूटने से सिर में लगी गंभीर चोट

बंजारों की बस्ती में लगी भीषण आग को बुझाने के लिए बुलाना पड़ा अग्निशमन दस्ता

अररिया (voice4bihar news)। बिहार के अररिया जिले में पेड़ काटते वक्त सूखी डाल गिरने से एक युवक की मौत हो गयी। हादसे में मारे गए युवक के परिजनों ने इसके विरोध में खूब तांडव मचाया। आक्रोशित परिजन व ग्रामीण इतने बेकाबू हुए कि बंजारा बस्ती को ही आग के हवाले कर दिया। यह घटना अररिया आरएस ओपी थाना के रजोखर गांव में हुई। हादसे उस वक्त हुआ जब बाइक सवार युवक तेज रफ्तार में पेड़ के पास से गुजर रहा था।

बताया जा रहा है कि रजोखर गांव में एक पुराने पेड़ की डाल वहीं के बंजारा लोग काट रहे थे, तभी पेड़ की एक डाल तेज रफ्तार से जा रहे बाइक पर जा गिरी। बाइक सवार युवक का हेलमेट टूट गया और सिर पर गहरी चोट लगने से युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। मृतक युवक का नाम संतोष भगत था, जो अररिया से रानीगंज की तरफ बाइक से जा रहा था। ग्रामीणों ने इस हादसे के लिए बंजारों को जिम्मेदार ठहराते हुए हंगामा किया। इसी बीच आक्रोशित भीड़ ने बंजारा समाज की अवैध झपड़ियों में आग लगा दी। देखते ही देखते पूरी बस्ती धू-धू कर जलने लगी और बंजारों को जत्था मौके से फरार हो गया।

युवक की मौत पर विलाप करतीं महिलाएं।
युवक की मौत पर विलाप करतीं महिलाएं।

आक्रोशित लोगों ने कहा- खुद ही बस्ती में आग लगाकर फरार हुए बंजारे

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दूसरी ओर, ग्रामीणों ने बस्ती में आग लगाने की बात से इनकार किया है। उनका आरोप है कि भीड़ में शामिल होकर बंजारा लोगों ने ही अपने घरों को आग लगा दी और मौके से भाग खड़े हुए। उधर, आक्रोशित ग्रामीणों ने युवक के शव को सड़क पर रखकर घंटों प्रदर्शन किया। इस दौरान अररिया-सुपौल स्टेट हाईवे पर घंटों आवागम बाधित रहा। पूरे वाकये की जानकारी मिलते ही अररिया आरएस ओपीअध्यक्ष उमेश कुमार के अलावा नगर थाना की पुलिस टीम मौका ए वारदात पर पहुंची। तत्काल अग्निशमन दस्ता को बुलाकर आग पर काबू पाया गया।

पुलिस की एक टीम उस जगह भी पहुंची, जहां शव को सड़क पर रखकर हंगामा किया जा रहा था। पुलिस पदाधिकारी भीड़ को शांत करने में जुटे रहे, लेकिन ग्रामीण हटने को तैयार नहीं थे। थोड़ी देर बाद अररिया अनुमंडल पदाधिकारी शैलेशचंद्र दिवाकर और अररिया अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पुष्कर कुमार ने घटना स्थलपर पहुंचकर भीड़ को शांत किया, तब जाकर जाम हट सका।

घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस व प्रशासन के अधिकारी।
घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस व प्रशासन के अधिकारी।

बंजारों की पहचान के बारे में पुलिस के पास कोई जानकारी नहीं

इधर मृतक के परिजनों का कहना है कि पुलिस जल्द दोषी की गिरफ़्तारी करे। अररिया एसडीओ ने बताया कि सरकारी सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। बहरहाल, प्रशासन के आश्वासन के बाद मामला थोड़ा शांत जरूर हो गया, लेकिन कई सवाल अब भी अनुत्तरित रह गये। सबसे बड़ा सवाल यह कि इन बंजारों को अवैध तरीके से किसने बसाया और इन बंजारों की पहचान सम्बन्धी सूचना प्रशासन के पास आखिर क्यों नहीं है?

घटना के बाद बंजारे कहां चले गए, इसकी सूचना किसी को नहीं है। ऐसे में पुलिस उन्हें कैसे पकड़ेगी? बस्ती में आग किसने लगाई, यह पता करना भी पुलिस के लिए आसान नहीं होगा। हंगामा कर रहे लोगों का दावा है कि भीड़ में शामिल होकर बंजारों ने खुद ही अपने घरों में आग लगा दी और मौका देखकर फरार हो गये। हालांकि मामला जो भी हो वह तो पुलिस अनुसंधान में ही सामने आयेगी। दोषियों की गिरफ्तारी व पीड़ित पक्ष को मुआवजा कब तक मिलेगा, यह भी एक सवाल है।

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