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बिमस्टेक की बैठक : म्यानमार में राजनीतिक संकट का मुद्दा नहीं हो सका शामिल

पर्यटन फन्ड बनाने के लिए भारत ने दिया सदस्य देशों को प्रस्ताव

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भारत की ओर से कोरोना वैक्सिन की आपूर्ति के लिए नेपाल ने जताया आभार

जोगबनी से राजेश कुमार शर्मा की रिपोर्ट
Voice4bihar news। बहु-क्षेत्रीय तकनीकी व आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी की पहल (BIMSTEC) के सदस्य राष्ट्रों की 17 वीं बैठक गुरुवार को वर्चुअल माध्यम से सम्पन्न हुई है। कोविड–19 महामारी के पश्चात पहली बार हुए विदेश मन्त्री स्तरीय इस सम्मेलन की अध्यक्षता श्रीलंका ने की। बैठक में भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्री एस जयशंकर ने किया।

इस बैठक में बिमस्टेक के सदस्य राष्ट्र म्यानमार में जारी राजनीतिक संकट का मुद्दा इस बैठक में नहीं उठ सका। इस मुद्दे को इस बैठक में प्रवेश मिलने की जिज्ञासा के बीच गत महीने म्यानमार के जुन्ता (सैनिक) की ओर से नियुक्त किये गए विदेश मन्त्री उन्ना मुग ल्वीन बैठक में सहभागी रहे। हालांकि इसके संकेत बैठक की पूर्व सन्ध्या पर आयोजित विदेश सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में ही मिल गए थे। इस बैठक ने बिमस्टेक के 17 वें संस्करण में म्यानमार के मुद्दा को नहीं रखने का संकेत दे दिया था।

बैठक में बोलते हुए भारत व नेपाल के विदेश मंत्रियों ने काठमांडू में सम्पन्न बिमस्टेक के चौथे शिखर सम्मेलन की उपलब्धि की चर्चा की। साथ ही कोलम्बो में होने वाले पांचवें सम्मेलन के सम्भावित एजेन्डा व कार्यसूची की चर्चा की गयी। वहीं भारत की ओर से इस बैठक में विकास व सुरक्षा को साथ-साथ ले जाने की बात रखी गयी।

प्राकृतिक आपदा की पूर्व सूचना देने वाली भारतीय प्रणाली का लाभ ले सकते हैं सभी देश

बैठक को सम्बोधित करते हुए भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि क्षेत्रीय विकास व सुरक्षा को साथ-साथ आगे बढ़ना होगा, क्योंकि बिमस्टेक परम्परागत व गैर-परम्परागत चुनौती का सामना कर रहा है। वहीं इन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्राकृतिक विपत्ति से होने वाली क्षति के व्यवस्थापन में बिमस्टेक सदस्यों के बीच साझेदारी की कमी है। विदेश मंत्री जयशंकर ने आगे कहा कि प्राकृतिक आपदा की पूर्व सूचना देने के लिए भारत द्वारा स्थापना किये गए मौसम व वातावरण केन्द्र का लाभ बिमस्टेक के सभी सदस्य राष्ट्र ले सकते हैं।

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अन्तरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन में बिमस्टेक देशों को भारत का न्यौता

वैश्विक महामारी कोरोना के बाद की उत्पन्न परिस्थिति से निकलने के लिए क्षेत्रीय पर्यटन विकास के लिए बिमस्टेक पर्यटन फन्ड स्थापना करने का प्रस्ताव भारत की तरफ से रखा गया है। वहीं 2021 के अंतिम में भारत में आयोजित होने वाले अन्तरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन में बिमस्टेक के सदस्य राष्ट्रों को आमंत्रण देने की तैयारी होने की बात जयशंकर ने कही।

वही श्रीलंका के कोलम्बो में होने वाले पांचवें शिखर सम्मेलन में डिप्लोमेटिक एकेडेमीज की साझेदारी, सदस्य राष्ट्र के लिए ट्रेनिंग केन्द्र की स्थापना व प्रविधि हस्तान्तरण के विषय में हस्ताक्षर होने के कार्यक्रम तय होने की बात भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बैठक में दी।

नेपाल ने कहा -विश्वव्यापी वैक्सीन वितरण में भारत की पहल सराहनीय

नेपाली प्रतिनिधिमण्डल का नेतृत्व कर रहे विदेश मंत्री ज्ञवाली ने कहा कि कोविड महामारी के साथ लड़ने के लिए पड़ोसी देश को प्राथमिकता में रख कर भारत की ओर से कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति की गयी, इसके लिए धन्यवाद देते हैं। मंत्री ज्ञवाली ने कहा कि विश्वव्यापी वैक्सीन वितरण में भारत की पहल सराहनीय है। वहीं इन्होंने क्षेत्रीय विकास व समृद्धि के लिए कनेक्टिविटी, ऊर्जा, ब्यापार, निवेश पर्यटन व कृषि में बिमस्टेक को केन्द्रित होने पर बल दिया।

2030 तक बिमस्टेक क्षेत्र से गरीबी हटाने की योजना को प्रभावकारी व समयबद्ध तरीके से कार्यान्वयन करने के लिए नेपाल ने ध्यानाकर्षण कराया है। साथ ही कहा कि स्थापना के 24 वर्ष की यात्रा में बिमस्टेक के पांचवें शिखर सम्मेलन के दौरान विभिन्न समझौता पत्रों पर हस्ताक्षर करने के लिए नेपाल तैयार है।

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