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सासाराम नगर परिषद की मुख्य पार्षद कंचन देवी गिरफ्तार

विकास योजना पूरी किये बगैर सरकारी राशि निकासी के मामले में हुई गिरफ्तारी

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तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी कुमारी हिमानी और अभियंता अरुण कुमार सिंह का भी एफआईआर में नाम

मुख्य पार्षद की गिरफ्तारी के बाद अफसरों व इंजीनियर पर भी लटकी गिरफ्तारी की तलवार

रोहतास से अभिषेक कुमार के साथ बजरंगी कुमार सुमन की रिपोर्ट

सासाराम (voice4bihar news)। सासाराम नगर परिषद में विकास योजनाओं में गबन को लेकर लंबे अरसे से शुरू एफआईआर का सिलसिला अब गिरफ्तारी तक पहुंच गया है। सरकारी योजना का काम पूरा किये बिना राशि निकासी के मामले में सासाराम नगर परिषद की मुख्य पार्षद कंचन देवी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनकी गिरफ्तारी के साथ जहां एक ओर सासाराम नगर परिषद की सियासत में गर्माहट आ चुकी है, वहीं दूसरी तरफ नगर परिषद की सियासत कालिख की कोठरी साबित होने लगी है।

गौरतलब है कि नगर परिषद की बहुचर्चित मुख्य पार्षद नाजिया बेगम के दौर से शुरू हुआ एफआईआर का सिलसिला वर्तमान में मुख्य पार्षद की कुर्सी संभाल रहीं मुख्य पार्षद कंचन देवी तक आ पहुंचा है। नगर थाना में दर्ज प्राथमिकी संख्या 156/21, नगर थाना कांड संख्या 503/20 तथा नगर थाना कांड संख्या 35/2021 के आलोक में फरार मुख्य पार्षद कंचन देवी को सासाराम एएसपी अरविंद प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने फजलगंज से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी की पुष्टि स्वयं एएसपी अरविंद प्रताप सिंह ने कर दी है। हालांकि पूरे मामले की जानकारी पुलिस कप्तान आशीष भारती के कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गयी।

अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस दे रही दबिश

रोहतास एसपी आशीष भारती ने प्रेस को बताया कि कंचन देवी की गिरफ्तारी बेदा नहर के पास एक मकान से हुई है। इसके लिए एसडीपीओ के नेतृत्व में एक टीम गठित की गयी थी, जिसमें नगर थाने के थानेदार व अन्य पुलिस अफसर शामिल थे। एसपी का दावा है कि इस कांड में संलिप्त अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर पुलिस छापेमारी कर रही है। जल्द ही सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

मुख्य पार्षद पर योजना में गड़बड़ी का है आरोप

यह मामला योजनाओं में की गई गड़बड़ी का है, जिसमें बगैर कार्य कराए दूसरे मद की राशि से पूरी की गई योजना के आलोक में अन्य मद की राशि की वित्तीय वर्ष 2019-20 में मापी पुस्तिका तैयार कर निकासी कर ली गयी थी। योजना में गड़बड़ी का मामला नगर परिषद के वार्ड संख्या 11 से जुड़ा है। यहां 14वें वित्त योजना से 05 और नगर निधि की 02 सहित कुल 07 योजनाओं के संबंध में नगर परिषद के वर्तमान कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने जांच प्रतिवेदन सौंपा था। विगत 13 अगस्त 2020 को पत्रांक संख्या 2495 के द्वारा रोहतास जिला पदाधिकारी को यह जांच प्रतिवेदन समर्पित किया गया था।

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मुख्य पार्षद कंचन देवी व जांच प्रतिवेदन की कॉपी।

जिलाधिकारी के निर्देश पर दर्ज हुई थी मुख्य पार्षद कंचन देवी के विरुद्ध प्राथमिकी

जिलाधिकारी के उक्त निर्देश के आलोक में कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने स्थानीय नगर थाने में तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी कुमारी हिमानी, मुख्य पार्षद कंचन देवी सहित कनीय अभियंता अरुण कुमार सिंह के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। नगर थाने मे धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120 बी, 406/34 के तहत कांड संख्या 156/21 दर्ज हुआ था जिसके आलोक में गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई है।

पर समाहर्ता की अध्यक्षता में हुई थी मामले की जांच

जांच रिपोर्ट आने के बाद जिलाधिकारी रोहतास ने 26 अगस्त 2020 को गोपनीय शाखा द्वारा पत्रांक 1430 जारी करते हुए अपर समाहर्ता रोहतास की अध्यक्षता में जांच दल का गठन किया था। इसमें तकनीकी विशेषज्ञों से सहयोग लेते हुए उपरोक्त सातों योजनाओं के संबंध में संयुक्त जांच प्रतिवेदन तलब किया गया था। अपर समाहर्ता रोहतास ने 4 फरवरी 2021 को जारी पत्र 172 द्वारा संयुक्त जांच प्रतिवेदन जिला पदाधिकारी को समर्पित किया गया था।

अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में गठित जांच टीम के संयुक्त प्रतिवेदन समर्पित किए जाने के पश्चात 19 फरवरी 2021 को जिला पदाधिकारी रोहतास के गोपनीय प्रशाखा द्वारा जारी पत्रांक 404 में योजना गड़बड़ी की पुष्टि करते हुए सरकारी राशि के गबन का मामला मानकर जिला पदाधिकारी द्वारा सासाराम नगर परिषद के वर्तमान कार्यपालक पदाधिकारी को सभी संबंधित दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई का निर्देश दिया गया था।

कंचन देवी की गिरफ्तारी से सियासी गलियारे में भूचाल

योजना में गड़बड़ी को लेकर मुख्य पार्षद कंचन देवी की गिरफ्तारी के बाद रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम का सियासी पारा चढ़ चुका है ऐसे में काफी चहल कदमी बढ़ गई है हालांकि तमाम कवायद के बावजूद पुलिस को मुख्य पार्षद की गिरफ्तारी करने में 3 महीने से अधिक का समय लगा है पुलिस सूत्रों की मानें तो पुलिस महकमे के वरीय अधिकारियों की जांच रिपोर्ट और उचित निर्देश के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई है।

यह भी पढ़ें : मुख्य पार्षद, कार्यपालक पदाधिकारी और कनीय अभियन्ता पर एफआईआर

 

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