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बिहार बीजेपी में बगावत, कैबिनेट के विस्तार के साथ ही विद्रोह

कैबिनेट के विस्तार की सूची आने पर सामने आई बिहार बीजेपी में बगावत

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  • विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने खोला मोर्चा, सवर्णों की उपेक्षा का आरोप
  • प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल व प्रदेश प्रभारी भूपेन्द्र यादव निशाने पर

voice4bihar desk. बिहार बीजेपी में बगावत की चिंगारी फूट पड़ी है। ऊपर से समान्य दिखने के बावजूद सब कुठ ठीक नहीं चल रहा है। नीतीश कैबिनेट के विस्तार को लेकर मंत्रियों के नाम तय होने के साथ ही भाजपा के अंदर दबी विद्रोह की चिंगारी फूट पड़ी। पार्टी के एक विधायक ने सीधे-सीधे प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

ऐसा पहली बार हो रहा है जब भाजपा का कोई विधायक बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल के साथ ही प्रदेश प्रभारी भूपेन्द्र यादव के खिलाफ सीधे बीजेपी में बगावत का सुर बुलंद कर रहा है। विद्रोही तेवर अपनाने वाले विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू का कहना है कि बिहार BJP के कुछ नेता केंद्रीय नेतृत्व को अंधेरे में रखकर मनमर्जी कर रहे हैं। उन्होंने साफ कर दिया कि वे इस मसले पर चुप नहीं बैठेंगे और विधायकों से बातचीत कर रहे हैं । उनका गुस्सा इस कदर था कि उपमुख्यमंत्रियों तारकिशोर प्रसाद व रेणु को अज्ञानी तक कह डाला।

बिहार कैबिनेट का विस्तार की बगावत की जड़

एक तरफ राज्यपाल फागू चौहान ने मंगलवार को राजभवन के सभागार मंडपम में 17 मंत्रियों को शपथ दिलाई। वहीं इस सूची से वंचित रह गए विधायकों में आक्रोश भर गया। ऐस में बिहार बीजेपी में बगावत सतह पर आ गया। बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में मंत्रिमंडल गठन के 85 दिनों बाद नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है।

यह विस्तार बहुप्रतीक्षित था और सत्ता में शामिल दोनों बड़े दलों BJP व JDU ने मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी के लिए एक दूसरे को जिम्मेवार बताया था। संभवतया मंत्रियों की सूची फाइनल करने में दोनों दल निष्कर्ष पर नहीं पहुंच रहे थे। वजह- सीटें कम व दावेदार ज्यादा। विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू के बगावती तेवर को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

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तारकिशोर व रेणु को अज्ञानी तक कह डाला

पटना जिले के बाढ़ विधानसभा क्षेत्र से चुनकर आए विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू बीजेपी में बगावत करते हुए खुलकर मैदान में आ गए हैं। उन्होंने बीजेपी नेतृत्व पर सवाल खड़े किये हैं। ज्ञानू ने कहा कि अज्ञानी लोगों को डिप्टी सीएम बनाया गया है। वहीं मंत्रिपरिषद विस्तार में क्षेत्रवार संतुलन को दरकिनार किया गया है। एक ही जिले से कई लोगों को मंत्री पद दिया जा रहा है जो पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि इस कैबिनेट में पूरे तौर पर सवर्णों की उपेक्षा की गई है। ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि दोनों डिप्टी सीएम भी पिछड़ा-अतिपिछड़ा समाज को दिया गया है। दक्षिण बिहार को पूरी तरह से मंत्री पद से वंचित कर दिया गया है।

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क्षेत्रों की उपेक्षा का आरोप, सवर्ण कार्ड खेला

विधायक ज्ञानू ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा की जीती हुई करीब आधी सीटों पर अपर कास्ट के लोग चुन कर आये हैं लेकिन मंत्रिमंडल में इन लोगों को कोई तवज्जो नहीं दी गई। यहां तक कि कम जानकार लोगों को डिप्टी सीएम बना दिया गया । ज्ञानू ने बिना नाम लिये बिहार प्रभारी भूपेन्द्र यादव पर हमला किया है । उन्होंने कहा कि कुछ नेता राष्ट्रीय नेतृत्व को अंधेरे में रखकर काम कर रहे हैं। उन्होंने बिहार को राजस्थान व मध्य प्रदेश समझ रखा है, लेकिन हम यहां ऐसा होने नहीं देंगे।

आगे के कदम के बारे में ज्ञानू ने कहा कि बहुत जल्द विधायकों की गोलबंदी होगी और आगे का निर्णय लिया जाएगा। मतलब साफ है कि अब तक विद्रोह की आग झेल रही कांग्रेस की तरह ही भाजपा में लगी आग बुझने वाली नहीं है। विधायक ज्ञानू के अलावे कई ऐसे विधायक हैं जो दबी जुबान से प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाते हैं। अब देखना है कि बगावत का झंडा बुलंद किये विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू के साथ और कितने विधायक साथ आते हैं।

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