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कांग्रेस में कहां गया अनुशासन!, वरिष्ठ नेताओं के सामने ही फिर भिड़े कार्यकर्ता

प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी की मौजूदगी में हुई झड़प व हंगामा

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voice4bihar desk. पूर्व प्रधानमंत्री आयरन लेडी इंदिरा गांधी अक्सर एक सूत्र वाक्य दोहराती थीं -“अनुशासन की देश को महान बनाता है।” मगर आज उन्हीं की पार्टी में इस सूत्रवाक्य की धज्जियां उड़ती दिख रही है। आए दिन ऐसे दृश्य देखने को मिल रहे हैं, जब कांग्रेस में निचले स्तर पर दबा हुआ असंतोष पार्टी की बैठकों में उभरकर आता है। यह असंतोष वरीय नेताओं की मौजूदगी में अनुशासनहीनता की हद तक दिखाई देता है। ऐसे में सवाल है कि कांग्रेस में कहां गया अनुशासन? बिहार के परिप्रेक्ष्य में हाल की घटनाओं को देखें तो यह पार्टी के लिए कतई शुभ संकेत नहीं है। रविवार व सोमवार को गोपालगंज व आरा में ऐसी ही घटनाएं देखने को मिलीं।

गोपालगंज में भक्तचरण दास व मदनमोहन झा के सामने की भिड़े कार्यकर्ता

गोपालगंज में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा व बिहार प्रदेश के प्रभारी भक्तचरण दास की मौजूदगी में रविवार को कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए । इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वरीय नेताओं की मौजूदगी में जोरदार हंगामा कर एक दूसरे पर दोषारोपण किया तथा पार्टी के वरीय नेताओं पर पक्षपात करने तथा दूसरे दल के नेताओं को टिकट देने का आरोप लगाया । दरअसल रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक जिला परिसदन में आयोजित की गई थी । पूर्व से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा के अलवा बिहार कांग्रेस के प्रभारी भक्तचरण दास सहित कई नेता बैठक में भाग लेने के लिए पहुंचे ।

बैठक प्रारंभ होने के साथ ही कांग्रेस के कार्यकर्ता वरीय कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में एक दूसरे से उलझ गए तथा पार्टी के वरीय नेताओं पर जिले के पार्टी कार्यकर्ताओं को दरकिनार करने का आरोप लगाने लगे । इस बीच पार्टी कार्यकर्ताओं ने चुनाव के समय पार्टी के नेताओं को टिकट देने के बदले दूसरे दल से आने वाले नेताओं को तरजीह देने का आरोप लगाया । हंगामा के बीच गत विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशियों ने भी कार्यकर्ताओं पर चुनाव के दौरान साथ नहीं देने का आरोप लगाया । इसके बाद दोनों पक्ष के आरोप – प्रत्यारोप की वजह से वैठक में हंगामा शुरु हो गया। नतीजा यह कि कई कार्यकर्ता वैठक छोड़कर जाने लगे । हंगामा के बाद विहार कांग्रेस प्रभारी भक्त चरण दास ने स्वीकार किया कि पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में सही लोगों को टिकट नहीं मिला ।

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आरा में भक्त चरण दास के कार्यक्रम में आपसी झड़प

उधर आरा में कांग्रेस कमेटी के नए प्रदेश प्रभारी भक्तचरण दास का जिला कार्यालय शहीद भवन में सोमवार को स्वागत समारोह था। इस दौरान सहार की पूर्व विधायक सह कांग्रेस नेत्री ज्योति ने बिहार में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने भोजपुर जिले के सातों विधानसभा क्षेत्र से एक भी कांग्रेसी प्रत्याशी के नहीं रहने पर क्षोभ व्यक्त किया । उन्होंने कहा कि जब महागठबंधन के साथ कांग्रेस का आपसी तालमेल हुआ था, उसके बावजूद भोजपुर जिले के किसी विधानसभा क्षेत्र से एक भी कांग्रेस प्रत्याशी को टिकट नहीं मिलना निराशाजनक है । कार्यक्रम के दौरान सहार के पूर्व विधायक सह कांग्रेस नेत्री ज्योति द्वारा उठाए गए प्रश्न पर सहानुभूति जताने के बदले अतिथियों ने उनका ही बहिष्कार किया । इस पर कार्यकर्ताओं में आपसी झड़प पर हो गई । उनका कहना है कि पार्टी में वाजिब आवाज को दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विधानसभा चुनाव के बाद पटना में हुई थी भिड़ंत

पिछले दिनों बिहार विधानसभा का परिणाम आने के बाद पटना के सदाकत आश्रम में भी विधायकों की बैठक में ऐसी ही झड़प देखने को मिली थी। बैठक के बीच में ही कांग्रेस (Congress) के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए और जमकर हाथापाई हुई। दरअसल, विधायक विजय शंकर को चोर कहे जाने से नाराज विधायक सिद्धार्थ के समर्थकों ने मारपीट की थी। कांग्रेस एमएलए सिद्धार्थ को विधायक दल का नेता बनाए जाने के लेकर सदाकत आश्रम में खूब नारेबाजी हुई थी। यह घटना भी भूपेश बघेल और अविनाश पांडे की मौजूदगी में हुई थी।

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