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लॉकडाउन के उल्लंघन में गिरफ्तार पप्पू यादव को अपहरण के केस में जेल

पटना में गिरफ्तारी के बाद मिली जमानत, मधेपुरा में 32 साल पुराने केस में फंसे

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सारण पुलिस भी कर रही दो अन्य मामलों में छपरा लाने की तैयारी

पटना (voice4bihar news)। पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव व उनके कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी भले ही लॉकडाउन व कोरोना गाइडलाइंस के उल्लंघन के आरोप में हुई है, लेकिन आखिरकार उन्हें 32 साल पुराने अपहरण के एक केस में जेल भेजा गया। यह मामला वर्ष 1989 में मधेपुरा जिले से जुड़ा है। ऐसे में पप्पू यादव को मधेपुरा भेजा गया है। उधर सारण जिले में हाल ही में दर्ज दो मामलों में भी उन्हें छपरा ले जाने की तैयारी वहां की पुलिस कर रही है।

राजधानी पटना के पीरबहोर थाने में दर्ज प्राथमिकी में आरोप है कि पूर्व सांसद राजेश रंजन ने सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन किया तथा सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए कोविड-19 महामारी अधिनियम का घोर उल्लंघन किया। इन पर पीएमसीएच नियंत्रण कक्ष के प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मसौढ़ी रास बिहारी दूबे एवं पुलिस पदाधिकारी चंदेश्वर प्रसाद सिंह के आवेदन पर पीरबहोर थाना में भारतीय दंड संहिता, आपदा प्रबंधन अधिनियम एवं महामारी रोग अधिनियम की सुसंगत धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

मधेपुरा के कुमारखंड थाने में दर्ज है अपहरण का केस

बताया जाता है कि उपरोक्त आरोप जमानतीय धाराओं में दर्ज होने के कारण पप्पू यादव के वकीलों ने तत्काल जमानत दिला दी लेकिन पहले से ही तैयार बैठी मधेपुरा पुलिस 32 साल पुराने मामले में पप्पू यादव को मधेपुरा ले गयी। पप्पू यादव पर राजकुमार यादव के अपहरण का मामला दर्ज है। प्राथमिकी संख्या 989 अंदर दफा 364/341  आईपीसी की धारा के तहत 30 जनवरी 1989  को राजकुमार यादव के अपहरण का मामला कुमारखंड थाना में दर्ज किया गया था।

मधेपुरा में पप्पू यादव पर दर्ज केस के आलोक में कुर्की जब्ती का आदेश।

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ज्ञात हो कि इस मामले में पप्पू यादव पर काफी दिनों से गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। अदालत की ओर से कुर्की जब्ती एवं इश्तेहार भी निकला हुआ है। इसी मामले में गिरफ्तारी की आशंका विधान सभा चुनाव के वक्त भी थी। यही कारण है कि पप्पू यादव ने विधायक की उम्मीदवारी के लिए नामांकन पत्र ऑनलाइन भरा था। उन्हें आशंका थी कि नामांकन के तुरंत बाद पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।

सारण एसपी ने कहा- जिले में दर्ज दो मामलों में पप्पू यादव को लाया जाएगा

इस बीच सारण पुलिस भी इस मामले में कूद पड़ी है। भाजपा सांसद राजीव प्रताप रुडी के खिलाफ एंबुलेंस विवाद खड़ा करने वाले पप्पू यादव पर सारण के दो अलग अलग थानों में दो प्राथमिकी दर्ज हुई है। इनमें से एक एफआईआर वहां की एक एनजीओ ने एंबुलेंस विवाद खड़ा करने के विरोध में दर्ज कराई है तो दूसरी रिपोर्ट में अंचलाधिकारी ने लॉकडाउन का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। मंगलवार को सारण के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सारण में दर्ज इन दोनों मामलों में पप्पू यादव को छपरा लाया जाएगा।

पीरबहोर थाने में दर्ज एफआईआर में क्या है आरोप

एफआईआर में कहा गया है कि 11 मई को सुबह 7:45 बजे पप्पू यादव अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी HR 26BY 5401 पर सवार होकर पीएमसीएच अस्पताल के कोविड वार्ड पहुंचे और अपने करीब 10 -12 समर्थकों के साथ अनावश्यक रूप से पूछताछ करते हुए हल्ला हंगामा करने लगे। वहां लोगों की अनावश्यक भीड़ जुटने से पीएमसीएच कोविड वार्ड का कार्य प्रभावित हो गया। इस दौरान भीड़ में सोशल डिस्टेंसिंग तथा कोविड-19 की शर्तों का उल्लंघन किया गया। इसके बाद पीएमसीएच कंट्रोल रूम जाकर पूछताछ करने लगे तथा अपने कार्यकर्ताओं के साथ हल्ला हंगामा करने लगे।

जब पीएमसीएच में तैनात पुलिस पदाधिकारी एवं दंडाधिकारी द्वारा पूछा गया कि लॉकडाउन में कोरोना वार्ड में आप क्यों आए हैं एवं उनसे अनुमति पास दिखाने का अनुरोध किया तो उन्होंने पास दिखाने से मना कर दिया। इस प्रकार उनके द्वारा कोरोना महामारी तथा लॉकडाउन की अवधि में सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने, भीड़ भाड़ लगाने ,सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने तथा आपदा/ महामारी अधिनियम का घोर उल्लंघन किया गया।

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