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सासाराम में अब नहीं लगाना होगा थाने का चक्कर

शस्त्र लायसेंस के नवीकारण के लिए जिलाधिकारी ने जारी किया नया आदेश

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रोहतास से बजरंगी कुमार सुमन की रिपोर्ट। बिहार के रोहतास जिले में शस्त्र अनुज्ञप्ति के नवीनीकरण के लिए लोगों को अब थाने का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। जिलाधिकारी ने एक आदेश के जरिये शस्त्र अनुज्ञप्ति के नवीनीकरण का अधिकार अपने हाथों में लिया है। अब थानदारों को केवल इतना करना होगा कि शस्त्र अनुज्ञप्तिधारकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होने पर शस्त्र दंडाधिकारी को इसकी सूचना देते हुए अनुज्ञप्ति रद्द करने की अनुशंसा करनी होगी। यदि आपराधिक मुकदमा दर्ज होने के बाद थानेदार द्वारा समय पर सूचना नहीं दिये जाने के कारण किसी शस्त्रधारक की अनुज्ञप्ति का नवीकरण हो जाता है तो इसके लिए थानेदार को जिम्मेदार माना जायेगा और उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी।

रोहतास के जिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने इससे संबंधित आदेश निर्गत कर दिया है। इसमें जिलाधकारी ने कहा है कि वर्तमान व्यवस्थ के तहत शस्त्र अनुज्ञप्ति के नवीनीकरण के लिए पहले आरटीपीएस काउंटर पर आवेदन जमा करना होता है। आवेदन के संबंध में एसपी से जांच प्रतिवेदन की मांग की जाती है। एसपी इसे जांच के लिए संबंधित थाने को भेजते हैं। थाने से जांच रिपोर्ट आने में काफी वक्त लगता है। इससे अनुज्ञप्तिधारकों में असंतोष की भावना बढ़ती है और जिला प्रशासन की छवि भी खराब होती है।

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इसी समस्या को दूर करने के लिए नयी व्यवस्था बनायी गयी है। इसके तहत शस्त्र का भौतिक सत्यापन होने के बाद पुलिस जांच की जरूरत नहीं होगी और शस्त्र दंडाधिकारी अपने स्तर से अनुज्ञप्ति का नवीकरण कर सकेंगे।

शस्त्र धारियों को इस नयी व्यवस्था से मिली बड़ी राहत

जिला दंडाधिकारी धर्मेंद्र कुमार द्वारा उठाए गए इस कदम को लाइसेंसी शस्त्र धारी नगर पूजा समिति के अध्यक्ष सरदार मानिक सिंह और महामंत्री कमलेश महतो तथा ताराचंडी धाम कमिटी के उपाध्यक्ष उमरेन्द्र कुमार सुमन ने सराहनीय कदम बताते हुए डीएम को साधुवाद दिया है ।

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