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दलितों पर गोलियाँ बरसाना दबंगों को पड़ेगा भारी, एक्शन में रोहतास पुलिस

घटना में प्रयुक्त आर्म्स का लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी

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आठ नामजद आरोपियों में अब तक एक भी गिरफ्तार नहीं

पुराने मामलों में भी जमानत रद्द कराने की पुलिसिया तैयारी

अभिषेक कुमार सुमन के साथ बजरंगी कुमार की रिपोर्ट

सासाराम (voice4bihar news)।  रोहतास जिले के सूर्यपूरा थाना क्षेत्र अंतर्गत अगरेर खुर्द गांव में मामूली विवाद को लेकर दलितों पर गोलियां बरसाने वाले दबंगों पर कड़ा एक्शन होगा। लाइसेंसी गन से दलित की मौत मामले को रोहतास पुलिस कप्तान आशीष भारती ने गंभीरता से लिया है। वे पूरे मामले की मानिटरिंग स्वयं कर रहे हैं। इस बाबत गठित एसआईटी पुलिस कप्तान आशीष भारती के निर्देशन एवं बिक्रमगंज डीएसपी शशिभूषण सिंह के नेतृत्व में काम कर रही है।

सोमवार को एसपी ने स्वयं सूर्यपूरा पहुंच कर पूरे मामले की आंतरिक जानकारी ली और कई बिन्दुओं पर पुलिस टीम सहित थानाध्यक्ष को कड़े निर्देश जारी किये हैं। एसपी ने मामले में नामजद आठों अभियुक्तों की कुंडली खंगालने का निर्देश पुलिस टीम को दिया है। पूरे मामले में शांति बहाल रखते हुए कड़ी पुलिसिया कार्रवाई के संकेत पुलिस कप्तान आशीष भारती ने दिये हैं।

आर्म्स लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा जिला प्रशासन से करेगी पुलिस

विदित हो कि घटना के बाद मामले की पुष्टि करते हुए रोहतास पुलिस कप्तान आशीष भारती ने voice4bihar.com रिपोर्टर बजरंगी कुमार को बताया था कि दलितों पर गोलीबारी करने में प्रयुक्त अग्नेयास्त्र लाइसेंसी है या अवैध इसी जांच की जा रही है। साथ ही वारदात में नामजद अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास खंगालने सहित अन्य कई बिन्दुओं पर जांच का आदेश एसआईटी को देने की बात कही थी।

इसके अलावा अग्रेतर कार्रवाई की जानकारी से मीडिया को अपडेट करने का आश्वासन भी पुलिस कप्तान आशीष भारती ने दिया है। पुलिस कप्तान  श्री भारती ने अगरेर खुर्द गांव में स्थति को पूरी तरह नियंत्रण में होने का दावा किया था, जो अब भी पूरी तरह से नियंत्रित है।

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आरंभिक जांच के बाद मामले में अपडेट जानकारी पुलिस कप्तान आशीष भारती ने सूर्यपूरा थाने में हीं स्थानीय मीडियाकर्मियों को देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अगरेर खुर्द में हुए गोली कांड के सभी आठ नामजद अभियुक्तों की कुंडली पुलिस खंगालने में जुटी है।

इनमें एक नामजद अभियुक्त के पास लाइसेंसी हथियार होने की जानकारी पुलिस को मिली है, जिसका प्रयोग गोली कांड में होने की बात भी पुलिस कप्तान ने प्रथम दृष्टया स्वीकार किया है।  उन्होंने जिला प्रशासन से उक्त लाइसेंसी हथियार की अनुज्ञप्ति निरस्त करने की अनुशंसा का दावा मीडियाकर्मियों के समक्ष किया है।  इसके अलावे अन्य कुछ अभियुक्तों के अपराधिक इतिहास की जानकारी भी पुलिस जुटा चुकी है।

पुराने आपराधिक मामलों में जमानत निरस्त कराने की तैयारी

पुलिस कप्तान ने दावा किया है कि पुराने अपराधिक मामलों में जमानत पत्र विखंडित कराने की अर्जी भी रोहतास पुलिस माननीय न्यायालय में समर्पित करेगी। पुलिस कप्तान आशीष भारती द्वारा मीडिया कर्मियों को दिये इस अपडेट से इतना तय हो चुका है कि रोहतास पुलिस अपराधियों की जन्मकुण्डली खंगालते हुए कानूनी सबक सिखाने की कमरतोड़ कोशिश में जुटी है।

बहरहाल घटना के चौबीस घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। अब तक एक भी अभियुक्त पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है और न हीं अग्नेयास्त्र बरामद करने में सफल हो पायी है।

क्या था पूरा मामला

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक 17 मार्च को अगरेर खुर्द गांव में नाली के ऊपर रखा पत्थर का स्लैब नाली में गिरने और उसे निकाल कर हटाने को लेकर विवाद हो गया था। तब गांव के दबंगों ने नींबू राम की पिटायी कर दी थी। उसी विवाद में रविवार को भी दोनों पक्षों में नोंक झोक हो रहा था कि दबंगों के पक्ष से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में राजदेव पासवान और संतोष पासवान  को गोली लग गयी।

गोली लगने से राजदेव पासवान की मौक़ा ए वारदात पर हीं मौत हो गयी जबकि आनन फानन में संतोष पासवान को इलाज के लिए बिक्रमगंज के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।  अब संतोष पासवान की स्थिति खतरे से बाहर बतायी जा रही है। गांव में पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति अभी जारी है। आंतरिक स्थिति चाहे जो भी हो लेकिन फिलवक्त गांव में अमन चैन और शांति कायम है।

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