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नेपाल में केपी ओली सरकार की फिर से सत्ता में वापसी की संभावना प्रबल

बहुमत में फिर आई ओली सरकार, विरोधी गुटों के दावे हुए फेल

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अविश्ववास प्रस्ताव जीतने के बावजूद नई सरकार बनाने नहीं आया विपक्ष

राजेश कुमार शर्मा की रिपोर्ट

अररिया (voice4bihar news)। भारत के पड़ोसी देश नेपाल में राजनीतिक संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व में गठित नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार गिराने का लगातार दूसरा प्रयास भी विफल होता नजर आ रहा है। तीन दिन पहले ही सदन में विश्वास मत खो चुके प्रधानमंत्री ओली की फिर से सत्ता में वापसी की प्रबल संभावना दिखने लगी है।

दरअसल पिछले दिनों फ्लोर टेस्ट में बुरी तरह हारने वाले केपी ओली के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव स्वतः ही रद्द हो गया है। तीन दिन पूर्व नई सरकार के गठन के लिए विपक्षी दलों को दी गयी समय सीमा खत्म हो चुकी है। इस दौरान कोई भी दल अपना बहुमत का प्रस्ताव राष्ट्रपति के समक्ष पेश नहीं कर पाया है। जिसके बाद पीएम ओली की सत्ता पर फिर से पकड़ मजबूत दिखने लगी है।

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नई सरकार गठन का दावा नहीं कर सका कोई भी दल, केपी ओली के पास बहुमत

इस संबंध में राष्ट्रपति कार्यालय ने प्रेस विज्ञप्ति सार्वजनिक करते हुए कहा है कि बहुमत की सरकार गठन के लिए राष्ट्रपति बिद्या देवी भण्डारी द्वारा दी गयी समय सीमा गुरुवार की रात्रि 9 बजे समाप्त हो चुकी है। इस समय तक किसी भी दल की ओर से सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया जा सका है। इधर प्रधानमंत्री ओली ने अपने पक्ष के सांसदों को एकजुट करते हुए अपना बहुमत कायम रखा है।

प्रधानमंत्री केपी ओली के पास पूर्ण बहुमत के साथ 141 सांसदों का साथ दिख रहा है।
नेकपा एमाले : 121 + जसपा (महन्त+राजेन्द्र) : 19 + नेमकिपा : 1 = 141
सत्ता की इस गणित के अनुसार प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व में नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार ही अभी सत्ता पर काबिज रहेगी।

यह भी देखें : नेपाल : अग्निपरीक्षा में फेल हुए केपी शर्मा ओली, प्रधानमंत्री की कुर्सी गयी

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