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मुखिया व इंजीनियर सहित सात लोगों के विरुद्ध होगी एफआईआर

मामला नोखा में नल जल योजना के ध्वस्त होने के कारण ग्रामीण की मौत का

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एसडीओ की जांच रिपोर्ट के आलोक में डीएम ने जारी किया आदेश

रोहतास से अभिषेक कुमार सुमन की रिपोर्ट

सासाराम (voice4bihar)। रोहतास जिले के नोखा प्रखंड में नल जल योजना की पानी टंकी ध्वस्त होने से एक शख्स की मौत के मामले पंचायत के मुखिया व इंजीनियर समेत सात लोगों पर गाज गिरी है। अनुमंडल पदाधिकारी के नेतृत्व में बनी जांच टीम की रिपोर्ट के आलोक में इन सभी के खिलाफ एफआईआर का आदेश दिया गया है।

गौरतलब है कि विगत 2 अप्रैल को नोखा प्रखंड की घोसियां पंचायत अंतर्गत रामनगर वार्ड संख्या 13 में नल जल योजना की नवनिर्मित पानी टंकी स्ट्रक्चर समेत ध्वस्त हो गयी थी। इस कारण एक ग्रामीण की मौत हो गयी थी जबकि दूसरा शख्स घायल हुआ था। इस मामले में जिला पदाधिकारी ने मुखिया और इंजीनियर सहित 7 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया है।

मानक के अनुसार नहीं हुआ था काम, राशि का भी दुरुपयोग

जिलाधिकारी रोहतास ने जिला पंचायत प्रशाखा के पत्रांक 888 से जारी आदेश में योजना के क्रियान्वयन में खराब गुणवत्ता, मानक के अनुरूप कार्य नहीं कराए जाने सहित सरकारी राशि के दुरुपयोग का दोषी बताया है। दुर्घटना के बाद योजना क्रियान्वयन की जांच सासाराम अनुमंडल पदाधिकारी की अध्यक्षता में गठित टीम से कराई गई थी। जांच टीम की ओर से समर्पित रिपोर्ट के आलोक में जिला पदाधिकारी ने नोखा प्रखंड विकास पदाधिकारी को एफआईआर करने का आदेश दिया है।

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एफआईआर दर्ज करने के लिए जारी डीएम रोहतास के आदेश की प्रति।
एफआईआर दर्ज करने के लिए जारी डीएम रोहतास के आदेश की प्रति।

इनके खिलाफ होगी एफआईआर

दुर्गावती दाएं तट पर मंडल के कनीय अभियंता प्रभात रंजन, तकनीकी सहायक ज्योति चौधरी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी अमर पासवान, मुखिया आरती देवी, पंचायत सचिव रामप्रवेश पांडे, वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति की अध्यक्ष शारदा देवी और वार्ड सचिव चंद्रशेखर साह सहित 7 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का फरमान जारी किया है।

नल जल योजना में गड़बड़ी के आरोप में सैकड़ों मुखिया हो सकते हैं ब्लैकलिस्टेड

बताते चलें कि पंचायत चुनाव की सरगर्मी तेज हो चुकी है। ऐसे में नल जल योजना में गड़बड़ी के आलोक में सैकड़ों मुखिया के ब्लैक लिस्टेड होने की संभावना है। इस संबंध में प्रशासनिक व सियासी गलियारे में चर्चा जोरों पर है। माना जा रहा है कि जिला प्रशासन अन्य पंचायतों में भी गड़बड़ी की शिकायत के आलोक में जांच करा सकता है। इसके उपरांत बड़ी कार्रवाई का अनुमान है। ऐसा होने पर जिले के सैकड़ों मुखिया के चुनाव लड़ने की संभावना पर प्रश्न चिन्ह लग जाएगा।

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