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निजी अस्पतालों में अधिकतम 18 हजार रुपये में करा सकेंगे कोरोना का इलाज

छोटे शहरों में गंभीर मरीजों के लिए नौ हजार रुपये करने होंगे खर्च

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पटना को श्रेणी- ए एवं भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया एवं पूर्णिया को श्रेणी-बी में रखा गया

राज्य के अन्य सभी जिले श्रेणी-सी में शामिल, अस्पतालों को भी तीन कैटगरी में बांटा गया

पटना (Voice4bihar desk.) । राज्य में तेजी से बढ़ते मरीजों के साथ ही कोरोना का इलाज करने में अब सरकारी स्वास्थ्य संसाधन नकाफी प्रतीत हो रहे हैं। कोविड डेडिकेटेट अस्पतालों के अलावा सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में आइसोलेशन बेड कम पड़ने लगे हैं। ऐसे में सरकार ने सभी जिलों में निजी अस्पतालों में कोरोना का इलाज करने की व्यवस्था करने का निर्देश प्रशासन को दिया है। पिछले वर्ष अगस्त माह में तय किए गए इलाज खर्च के अनुसार ही सभी निजी अस्पतालों को कोरोना मरीजों का इलाज करना होगा।

राज्य के स्वास्थ्य विभाग की ओर से तय इलाज खर्च पर गौर करें तो सूबे के शहरों को तीन श्रेणी में बांटकर खर्च की सीमा तय की गयी है। इसके तहत श्रेणी-ए में पटना, श्रेणी- बी में भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया एवं पूर्णिया तथा श्रेणी- सी में शेष अन्य जिलों को रखा गया है। इसके साथ ही सरकार ने कोविड-19 संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे विभिन्न अधिकृत निजी चिकित्सालयों के लिए इलाज खर्च का निर्धारण किया है। इसके साथ ही जिलों के निजी अस्पतालों को भी तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। इन्हीं श्रेणियों के आधार पर कोविड मरीजों से इलाज खर्च लिया जाएगा।

श्रेणी-ए वाले अस्पतालों में अधिकतम 18 हजार रुपये में कोरोना का इलाज

श्रेणी-ए के एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पताल में सामान्य रूप से बीमार (आइसोलेशन, बेड, ऑक्सीजन के साथ सपोर्टिव केयर) वाले मरीज के लिए 10 हजार रुपये, गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के बगैर आई.सी.यू में देखभाल) के लिए 15 हजार रुपये एवं अति गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के साथ आई.सी.यू में देखभाल) के लिए 18 हजार रुपये निर्धारित की गई है।

वहीं श्रेणी-ए के अस्पताल जो एनएबीएच मान्यता प्राप्त नहीं है, उनमें सामान्य रूप से बीमार (आइसोलेशन, बेड, ऑक्सीजन के साथ सपोर्टिव केयर) मरीज से 08 हजार रुपये, गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के बगैर आई.सी.यू में देखभाल) मरीज से 13 हजार रुपये एवं अति गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के साथ आई.सी.यू में देखभाल) के लिए 15 हजार रुपये की सीमा निर्धारित की गई है।

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श्रेणी-बी के अस्पतालों में 20 प्रतिशत कम होगा इलाज खर्च

श्रेणी-बी में शामिल जिले (भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया एवं पूर्णिया) में स्थित श्रेणी- ए के निजी अस्पतालों की दरों का क्रमशः 80% अधिकतम शुल्क कोरोना के इलाजा के लिए निर्धारित किया गया है। जिसमें एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पताल में सामान्य रूप से बीमार (आइसोलेशन, बेड, ऑक्सीजन के साथ सपोर्टिव केयर) के लिए 08 हजार रुपये, गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के बगैर आईसीयू में देखभाल) के लिए 12 हजार एवं अति गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के साथ आईसीयू में देखभाल) के लिए 14 हजार 400 रुपये निर्धारित की गई है।

वहीं श्रेणी-बी के अस्पताल जो एनएबीएच मान्यता प्राप्त नहीं है, उन्हें सामान्य रूप से बीमार (आइसोलेशन, बेड, ऑक्सीजन के साथ सपोर्टिव केयर) 06 हजार 400 रुपये, गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के बगैर आईसीयू में देखभाल) हेतु 10 हजार 400 एवं अति गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के साथ आई.सी.यू में देखभाल) हेतु 12 हजार रुपये निर्धारित की गई है।

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श्रेणी-सी के अस्पतालों में 10,800 रुपये लिए जाएंगे

श्रेणी-सी के जिले में स्थित श्रेणी- ए के निजी अस्पतालों की दरों का क्रमशः 60% अधिकतम शुल्क कोरोना के इलाज के लिए निर्धारित किया गया है। जिसमें एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पताल में सामान्य रूप से बीमार (आइसोलेशन, बेड, ऑक्सीजन के साथ सपोर्टिव केयर) मरीज के लिए 06 हजार रुपये, गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के बगैर आईसीयू में देखभाल) के लिए 09 हजार रुपये एवं अति गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के साथ आईसीयू में देखभाल) के लिए 10 हजार 800 रुपये निर्धारित की गई है।

वहीं श्रेणी-सी के अस्पताल जो एन.ए.बी.एच मान्यता प्राप्त नहीं है, को सामान्य रूप से बीमार (आइसोलेशन बेड ऑक्सीजन के साथ सपोर्टिव केयर) 04 हजार 800 रुपये, गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के बगैर आई.सी.यू में देखभाल) के लिए 07 हजार 800 एवं अति गंभीर रूप से बीमार (वेंटिलेटर के साथ आईसीयू में देखभाल) के लिए 09 हजार रुपये निर्धारित की गई है।

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