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ब्लाइंड मर्डर केस सुलझाने में पुलिस को मिली कामयाबी

मर्डर वेपन्स के साथ लुटेरे चढ़े पुलिस के हत्थे, स्कार्पियो बरामद

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सासाराम के ताराचंडी इलाके में मिली थी रौशन कुमार उर्फ बिट्‌टू की लाश

स्कॉर्पियो लूट के मकसद से हुई थी हत्या, वारदात में शामिल थे पांच अपराधी

रोहतास से अभिषेक कुमार सुमन के साथ बजरंगी कुमार की रिपोर्ट

सासाराम (voice4bihar news)। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गायघाट गिजवाही इलाके से चालक सह मालिक की हत्या कर स्कार्पियो लूट फरार होने वाले लुटेरों को पुलिस ने दबोचने में सफलता पायी है। दबोचे गये अपराधियों में औरंगाबाद मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरा गांव निवासी लखन पासवान का पुत्र रजनीकांत उर्फ राजा बाबू और सासाराम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बसुहरा गांव निवासी विजेन्द्र प्रसाद सिंह का पुत्र ओम प्रकाश सिंह उर्फ सोनू शामिल हैं। हत्याकांड में कुल पांच अपराधियों की संलिप्तता उजागर हुई है, जिसमें कैमूर रोहतास और औरंगाबाद के बड़े अपराधियों को चिन्हित किया गया है।

ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा पुलिस के लिए थी बड़ी चुनौती

यह वारदात पिछले 25 फरवरी को हुई थी, जब स्कार्पियो लूट के मकसद से अपराधियों ने मोहनिया रेलवे स्टेशन से किराये पर गाड़ी बुक किया। गाड़ी में बैठकर सासाराम के ताराचंडी इलाके में पहुंचे और चालक सहित मालिक की हत्या कर शव को ठिकाने लगा दिया। शातिराना अंदाज में अपराध को अंजाम देकर भाग चुके अपराधियों को गिरफ्तार करना पुलिस के लिए चुनौती से कम नहीं था। सुनसान पहाड़ी इलाके में शव बरामदगी के बाद सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करने की थी। मुफस्सिल पुलिस ने शव बरामदगी के 12 घंटे के भीतर इसकी शिनाख्त कर ली। पुलिस ने मृतक की पहचान कैमूर जिले के रसूलपुर कर्मरहरी गांव निवासी सुखन राम के पुत्र रौशन कुमार उर्फ बिट्टू के रूप में की।

मृतक के पिता के बयान पर दर्ज हुई प्राथमिकी

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शव की शिनाख्त होते ही पुलिस ने रौशन कुमार उर्फ बिट्टू के परिजनों से संपर्क स्थापित किया और मृतक के पिता सुखन राम के बयान पर 26 फरवरी 2022 को आईपीसी की धारा 302/ 201/ 406/ 420/ 120बी सहित 3(2)(ङ) एससी-एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की। मुफस्सिल पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया और सबसे पहले मृतक के सीडीआर को खंगालते हुए सुराग तलाशने में जुट गयी।

प्रेम-प्रसंग मानकर हो रही थी जांच, इसी बीच झारखंड में मिली स्कार्पियो

मृतक के सीडीआर को खंगालते हुए पुलिस ने पहले प्रेम प्रसंग और स्कार्पियो लूट को हत्या का कारण मानकर अनुसंधान आगे बढ़ाया, लेकिन जब तक पुलिस किसी नतीजे पर पहुंचती, इसी बीच झारखंड के पलामू जिला अंतर्गत हरिहरगंज पुलिस ने स्कॉर्पियो बरामद कर ली। लावारिस हालत में बरामद स्कार्पियो की सूचना एसआईटी को मिली और 28 फरवरी को एसआईटी ने स्कार्पियो अपने कब्जे में ले लिया।
अब तक ब्लाइंड केस की शक्ल में सामने आये इस मामले में पुलिस ने एक ठोस वजह तलाश ली थी।

स्कार्पियो लूट की नीयत से हत्याकांड को अंजाम दिये जाने को आधार मान अनुसंधान को आगे बढ़ाया गया। तकनिकी जांच से अपराधियों की शिनाख्त करने में जुटी पुलिस ने एक पखवारे तक अनुसंधान के बाद दो अपराधियों को मर्डर वेपन्स सहित पकड़ने में सफलता पायी है। एसआईटी का नेतृत्व मुफस्सिल थानाध्यक्ष देवराज राय कर रहे थे, जिसमें करवंदिया ओपी थानाध्यक्ष बिपिन बिहारी और एसआई विशम्भर प्रसाद को शामिल किया। जांच की मानिटरिंग पुलिस कप्तान आशीष भारती के निर्देशन में सदर डीएसपी संतोष कुमार राय कर रहे थे।

एसआईटी में शामिल एस आई विशम्भर प्रसाद एवं करवंदिया ओपी थानाध्यक्ष बिपिन बिहारी।

यूपी और झारखंड तक दौड़ लगाने वाली एसआईटी होगी पुरस्कृत

मुफस्सिल थाना क्षेत्र के करवंदिया ओपी के ताराचंडी-गिजवाही-करवंदिया रोड में लावारिस हालत में बरामद रौशन कुमार उर्फ बिट्टू के शव की शिनाख्त आसान नहीं थी। पुलिस टीम ने रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद की खाक छानते-छानते झारखंड तक दौड़ लगाई और आखिरकार स्कार्पियो बरामद करने में सफल रही। इसके बाद अपराधियों को दबोचने के लिए एसआईटी ने यूपी के भी चक्कर लगाये और पंद्रह दिनों की कमरतोड़ मेहनत के बाद अपराधियों को मर्डर वेपन्स सहित लूटी गयी स्कार्पियो के साथ धर दबोचा। इस कामयाबी के लिए रोहतास पुलिस कप्तान आशीष भारती ने एसआईटी के कार्य की सराहना करते हुए टीम के सभी सदस्यों को पुरस्कृत करने की बात कही है। साथ ही कांड में शामिल अन्य तीन अपराधियों को जल्द दबोचने का दावा पुलिस कप्तान ने किया है।

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