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पाम ऑयल का विकल्प बना नेपाली भटमास का तेल

भारत की ओर से पाम ऑयल के निर्यात पर लगाई गयी है रोक

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  • उद्यमियों ने आर्थिक संकट से उबरने के लिए नए विकल्प को दिया बढ़ावा
  • नेपाल के विराटनगर से भारत के तरफ 10 अरब के भटमास का तेल भेजने का लक्ष्य
  • भारत में आने वाले भटमास के कच्चे तेल के लिए लगेंगे अतरिक्त टैक्स
  • भारत के खाद्य तेल व्यवसायियों पर पड़ेगा अतिरिक्त आर्थिक बोझ

राजेश कुमार शर्मा की रिपोर्ट

जोगबनी (voice4bihar desk)। भारत में नेपाल व अन्य देशों से आयातित पाम ऑयल पर रोक लगने के बाद पड़ोसी देश नेपाल के उद्यमियों पर संकट के बादल मंडराने लगे, जिससे उबरने के लिए उन्होंने भटमास के तेल के रुप में विकल्प तलाश लिया है। नेपाल के विराटनगर से पिछले 6 महीने पूर्व से हाल के जनवरी महीने तक भारत की तरफ तकरीबन 5 अरब के भटमास तेल निर्यात किया जा चुका है। वही आगामी तीन महीने के अंदर आर्थिक वर्ष के समाप्ति तक यह लक्ष्य दस अरब तक पहुंचाने का रखा गया है।

भटमास तेल के निर्यात में बढ़ोतरी का कारण यह है कि पिछले दिनों भारत सरकार ने नेपाल से निर्यात होने वाले पाम तेल पर रोक लगा दी है, जिसके बाद मोरंग सुनसरी उद्योगिक कोरिडोर के उद्योगी के द्वारा भटमास के तेल के निर्यात में केन्द्रित हुए है । विराटनगर भन्सार कार्यालय से उपलब्ध कराए गए तथ्यांक के अनुसार चालू आर्थिक वर्ष के दूसरे त्रैमासिक अवधि में 4 अरब 85 करोड 40 लाख रुपये के 33 हजार 253 मिट्रिक टन भटमास का तेल नेपाल से भारत निर्यात हुआ। यह आंकड़ा विगत के आर्थिक वर्ष के इसी अवधि के तुलना में करीब तीन गुना ज्यादा है।

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विगत वित्तीय वर्ष में वर्तमान आर्थिक वर्ष की तुलना में तीन गुना कम भटमास का तेल भारत निर्यात किया गया था। आंकड़ों के अनुसार एक अरब 52 करोड 70 लाख रुपये के 11 हजार 948 मिट्रिक टन भटमास का तेल निर्यात किया गया था । वित्तीय वर्ष 2019-20 के पूरे एक वर्ष में नेपाल से भारत निर्यात किये गए भटमास के तेल का निर्यात चालू वर्ष से 56 करोड़ कम है। इस वित्तीय वर्ष में 4 अरब 29करोड़ 49 लाख रुपये के 31 हजार 634 मिट्रिक टन भटमास का तेल भारत भेजा गया ।
इसकी तुलना में वित्तीय वर्ष 2018-19 में सिर्फ 84 करोड़ 86 लाख रुपये के आठ हजार 331 मिट्रिक टन भटमास के तेल का निर्यात नेपाल ने भारत को किया है। बताया गया है कि नेपाल के उद्योगी के द्वारा साफ्टा समझौताअन्तर्गत शून्य प्रतिशत भन्सार में नेपाल से भारत के तरफ भटमास के तेल का निर्यात किया जा रहा है।

भारत में खाद्य तेल उद्यमियों पर बढ़ा आर्थिक बोझ, कीमतें बढ़ने के आसार

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष संसद में बजट भाषण के दौरान भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत में भटमास के कच्चा तेल में लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 1 प्रतिशत बढ़ाने की बात कही है। इससे जहाँ नेपाल के उद्योगी शून्य प्रतिशत में नेपाल से भारत तक भटमास का तेल भेज रहे थे। वही भारत में अब तक लगने वाला भंसार शुल्क 38.5 प्रतिशत की जगह 39.5 प्रतिशत लगेगा। इससे भारत के उद्योगपतियों को प्रति मिट्रिक टन 832 रुपये अतरिक्त खर्च करने होंगे। वही नेपाल भी भटमास के कच्चा तेल का आयात अर्जेन्टिना, युक्रेन व ब्राजील से करता आ रहा है। वही जोगबनी सीमा से बिराटनगर के सात उद्योगों के जरिये भटमास के कच्चा तेल का निर्यात किया जा रहा है।

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