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बिहार में जहरीली शराब ने फिर ली तीन लोगों की जान

उत्तर प्रदेश की सीमा पर बसे सीवान जिले के बेलौरी गांव में हुई घटना

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मृतकों की पत्नियों ने शराब को बताया मौत का कारण, पुलिस कर रही जांच

लाशों को चिता से उठाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, रिपोर्ट का इंतजार

सीवान (voice4bihar news)। बिहार में वर्षों से जारी शराबबंदी के बावजूद एक बार फिर शराब पीने से तीन लोगों की मौत हो गयी। घटना सीवान जिले के दक्षिणी पश्चिमी छोर पर यूपी बॉर्डर से सटे गुठनी थाना क्षेत्र के बेलौर पंचायत स्थित बेलौरी गांव में रविवार की रात हुई। परिजनों ने शराब पीने को मौत की वजह बताई है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि शराब जहरीली थी अथवा अत्यधिक शराब सेवन से जान गयी।

शराब से मौत की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। हालांकि देर शाम होने के कारण रात्रि को किसी का भी शव नहीं जलाया गया। सुबह शव जलाने की तैयारियां हो हो रही थी कि पुलिस मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में ले लिया। मृतकों में से एक दुखहरन राम का शव तो मैरिटार गांव में नदी के किनारे चिता पर जलाने के लिए रख दिया गया था। पुलिस वहां भी पहुंच गयी और शव को चिता पर से उतार कर पोस्टमॉर्टम के लिये भेज दिया।

गांव के अन्य लोगों की जांच के लिए पहुंची मेडिकल टीम

सोमवार की सुबह गुठनी पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन की। इस बीच यह खबर थोड़े ही देर में पूरे जिले में जंगल की आग की तरह फैल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिनव कुमार, पुलिस उपाधीक्षक जितेंद्र पाण्डेय, एसडीओ रामबाबू बैठा समेत सभी प्रशासनिक व पुलिस अफसरों ने मामले की छानबीन की। सोमवार की सुबह मेडिकल टीम भी पहुंच गयी और गांव के अन्य लोगों को जांच की। शराब पीकर मरने वालों में दुखरन राम ( 60 वर्ष ) मनोज राम ( 30 वर्ष ) और अनवर मियां शामिल हैं।

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ग्रामीणों ने कहा- गांव में ही बिकती है देशी व विदेशी शराब

एक ही गांव के तीन लोगों की शराब पीने से मौत की सूचना के बाद आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया। साथ ही लोगों में आक्रोश भी दिखा। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में शराब की आपूर्ति यूपी बार्डर की तरफ से होता है, साथ ही गांव में भी शराब बनती है। सीवान जिले में महरौना बॉर्डर पर चेकपोस्ट बन जाने के बाद देहाती सड़कों से ही शराब की तस्करी भी की जाती है। लोगों का आरोप है कि इसमें पुलिस की मिलीभगत भी होती है।

एसपी और एडीएम के सामने ग्रामीणों ने बताया घटनाक्रम

घटनास्थल पर पहुंचे एसपी अभिनव कुमार और एडीएम ने पीड़ित परिवार से बातचीत की। इस दौरान मनोज राम और अनवर अंसारी के परिजनों ने शराब पीने की बात स्वीकार की और एसपी को बताया कि जब उनके पति शराब के नशे में घर पहुंचे तो वह पेट दर्द और बेचैनी की शिकायत करने लगे। वहीं मनोज राम की पत्नी ने एसपी के समक्ष कहा कि जब वह शराब पीकर घर आया तो उल्टी दस्त और घबराहट की शिकायत करने लगा। इसके बाद वह उसे लेकर निजी अस्पताल पहुंचे।

दूसरी ओर, मृतक अनवर अंसारी के परिजनों ने अफसरों के समक्ष स्वीकार किया कि अनवर ने भी शराब पी रखी थी और वह जब घर पहुंचा तो उसने यह जानकारी अपने परिजनों को भी दिया। उसकी हालत सुबह पांच बजे बिगड़ गई तो परिजन उसे लेकर जतौर के निजी अस्पताल पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई। इस संबंध में एसपी अभिनव कुमार का कहना है कि परिजनों के बयान रिकॉर्ड कर लिए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही घटना की पुष्टि हो पाएगी की दोनों की मौत किन कारणों से हुई है।

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