Header 300×250 Mobile

विधायकों को घिसियाने और लतियाने वाले पुलिसवालों पर गिर सकती है गाज

विधानसभा अध्यक्ष ने मांगी विधायकों का मान-मर्दन करने वाले पुलिसकर्मियों की सूची

- Sponsored -

472

- sponsored -

- Sponsored -

पटना (voic4bihar desk)। बिहार विधानसभा में विपक्षी विधायकों को घिसियाने और लतियाने वाले पुलिसवालों पर अब गाज गिर सकती है। बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने राज्य के आला अधिकारियों से उन पुलिसवालों की सूची मांगी है जिन्होंने विधानसभा में विपक्षी विधायकों का मान मर्दन किया।

कांग्रेस विधायक को पीटता सुरक्षाकर्मी।

पुलिसवालों पर ताकत का ऐसा नशा सवार था कि महिला विधायकों की साड़ी खुल जाने के बाद भी उन्हें घसीटना नहीं छोड़ा। भागते विधायकों को खदेड़कर पीटते रहे जैसे वे गली के गुंडे हों। विधानसभा कैंपस में तो एक पुलिसवाला जमीन पर पड़े एक विधायक को ऐसे लात मार रहा था जैसे फुटबाल के मैदान में विपक्षी टीम के फाउल करने के चलते रेफरी ने उसे फ्री किक मारने का मौका दे दिया हो।

जमीन पर पटक कर विधायक को पैर से ठोकर मारता पुलिसकर्मी।

विधानसभा अध्यक्ष ने मांगी विधायकों का मान-मर्दन करने वाले पुलिसकर्मियों की सूची

विज्ञापन

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के डीजीपी एसके सिंघल और गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद से विधायकों का मान मर्दन करने वाले पुलिसकर्मियों की सूची की मांगी है। विधानसभा परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों और मीडिया में चल रहे वीडियो क्लीपिंग की सहायता से ऐसे पुलिसकर्मियों की लिस्ट बनायी जायेगी जो विपक्षी विधायकों के साथ हिंसा में शामिल थे।

बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस अधिनियम 2021 को लेकर सदन में हुआ जबर्दस्त हंगामा

बता दें कि मंगलवार को बिहार विधानसभा में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस अधिनियम 2021 को लेकर जबर्दस्त हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही के दौरान पक्ष-विपक्ष में हंगामा बढ़ने और माहौल खराब होने के बाद अध्यक्ष सदन की कार्यवाही स्थगित कर अपने कक्ष में चले गये। इसके बाद विपक्षी राजद, कांग्रेस और माले विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष को घेर लिया और वहीं धरना देकर बैठ गये। विपक्षी सदस्यों ने अध्यक्ष के कक्ष को बाहर से बंद कर दिया। इसके कारण अध्यक्ष अपने ही कक्ष में बंधक बनकर रह गये।

इस दौरान विपक्षी सदस्यों को अध्यक्ष के कक्ष के पास से हटाने की सत्ता पक्ष की जब सारी कोशिशें विफल हो गयीं तो शाम करीब छह बजे विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर मौके पर पुलिस पहुंची और एक-एक कर सभी विपक्षी सदस्यों को बाहर निकाला। इसी दौरान पुलिसवालों ने विधायकों पर लात-घूसों की बरसात कर दी। कई विधायकों को घसीटते हुए बाहर लॉन में ले जाकर पटक दिया। पुरुष विधायक साथियों को बचाने के लिए जब महिला विधायक आगे आयीं तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें भी नहीं छोड़ा और उन्हें भी घसीटते हुए बाहर तक ले गये।

बताया जाता है कि बिहार सरकार से पुलिसवालों की सूची मिलते ही उसे विधानसभा की आचार समिति के पास भेज दिया जायेगा। आचार समिति ही इस मामले की जांच पड़ताल कर पूरी रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को सौंपेगी।

इस हंगामे के दौरान की गयी पुलिसिया कार्रवाई से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव काफी गुस्से में हैं। बुधवार को उन्होंने एलान किया था कि इस पूरे प्रकरण में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती है तथा मुख्यमंत्री पूरी घटना के लिए माफी नहीं मांगते हैं तो वे और उनके साथी वर्तमान विधानसभा के शेष कार्यकाल का बहिष्कार करेंगे। साथ ही बृहस्पितवार को उन्होंने घटना के विरोध में शुक्रवार को बिहार बंद करने का एलान भी किया है।

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored