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तेजस्वी ने अपने सरकारी बंगले को बनाया कोविड केयर सेंटर

तेजस्वी ने अपना बंगला सरकार को सोंपा, बोले यहां मरीज और उनके परिजनों के लिए है हर सुविधा

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पटना (voice4bihar desk)। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राजधानी पटना के अपने सरकारी आवास को कोविड केयर सेंटर के रूप मे सुसज्जित कर इसे राज्य सरकार को सौंप दिया है। तेजस्वी को बतौर नेता प्रतिपक्ष राज्य सरकार की और पोलो रोड में स्थित एक नंबर का बंगला आवंटित किया गया है। तेजस्वी पिछले कई हफ्तों से अपने पिता लालू प्रसाद के साथ सांसद बहन मीसा भारती के आवास पर दिल्ली में रह रहे हैं। तेजस्वी का यह सरकारी बंगला मोस्ट वीवीआईपी क्षेत्र में अवस्थित है। ऐसे में इस बात की उम्मीद नहीं ही है कि सरकार इसे कोविड केयर सेंटर के रूप में इस्तेमाल करेगी। ऐसे में इसे केवल तेजस्वी का पॉलिटिकल स्टंट ही कहा जा सकता है।

बहरहाल, तेजस्वी पिछले कई दिनों से अपने सरकारी आवास को कोविड केयर सेंटर बनाने की मांग सीधे मुख्यमंत्री से कर रहे थे। इस बीच पार्टी की ओर से पूरे राज्य में कई जगहों पर कोविड केयर सेंटर की स्थापना की गयी है। साथ ही पार्टी के नेताओं की ओर से जरूरी दवाओं की आपूर्ति भी जरूरतमंदों को की जा रही है। इस बीच, बुधवार को तेजस्वी यादव ने अपने बंगले को कोविड केयर सेंटर के रूप में सुसज्जित कर राज्य सरकार को सौंपने की घोषणा की।

मेडिकल ऑक्सीजन गैस सिलिंडर और दवाइयां भी हैं उपलब्ध

इस बंगले के बड़े से हॉल में 24 बेड मरीजों के लिए लगाये गये हैं। साथ ही जरूरी दवाइयां और मेडिकल ऑक्सीजन गैस के दो सिलिंडर भी उपलब्ध कराये गये है। बुधवार को सोशल मीडिया पर जारी अपने एक वीडियो संदेश में तेजस्वी ने कहा कि चुंकि यह सरकारी बंगला है इसलिए वे यहां अपने स्तर से कोविड केयर सेंटर नहीं चला सकते हैं। यही कारण है कि वे इसे पूरी तरह कोविड केयर सेंटर के रूप में सुसज्जित कर राज्य सरकार के हवाले कर रहे हैं।

तेजस्वी यादव।

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सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा है कि अपने 1, पोलो रोड स्थित सरकारी आवास पर तमाम जरुरी मेडिकल दवाओं, आवश्यक उपकरणों तथा खाने-पीने की नि:शुल्क सुविधाओं से सुसज्जित राजद कोविड केयर की स्थापना कर नियमानुसार इसे सरकार द्वारा अपनाने का अनुरोध और सौंपने का निर्णय लिया है। आवश्यकता पड़ने पर इसे विस्तारित किया जा सकता है। आशा है बिहार सरकार इस सकारात्मक पहल का स्वागत कर मानवीय हित में नियमानुसार इस कोविड केयर केंद्र का संचालन करेगी।

इसके साथ ही तेजस्वी ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को एक पत्र भी लिखा है। इसमें लिखा है कि आज देश सहित बिहार कोविड -19 वैश्विक महामारी से जूझ रहा है। अब यह महामारी राज्य के गांवों में भी भयावह रूप से फैल गयी है। राज्य में इस महामारी से जूझने हेतु पर्याप्त और समुचित मेडिकल संरचना, सुविधा, आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। लोग सरकारी अस्पतालों, पीएचसी आदि में बेड की अनुलब्धता की स्थिति में प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं, जहां उनका शारीरिक व आर्थिक दोहन होता है।

बिना इलाज के काल कवलित हो रहे मरीज : तेजस्वी 

सबसे दुःखद पहलू यह है कि राज्य के गरीब जो इन निजी अस्पतालों का खर्च वहन नहीं कर सकते, वे बिना इलाज के ही काल-कवलित हो जा रहे हैं। ऐसे कई दृष्टांत सामने आए हैं जहां मरीज एनएमसीएच, आईजीआईएमएस जैसे अस्पतालों के गेट पर ही बेड, ऑक्सीजन और इलाज के बिना तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिए हैं। राज्य में बहुत बड़ी संख्या वैसे मरीजों की भी है जिन्हें अस्पताल में भर्ती न कर होम आईसोलेशन की सलाह दी जाती है।

पत्र में लिखा है कि आपको ज्ञात होगा कि राज्य में आधी से अधिक आबादी ऐसी है जिन्हें दो कमरे का घर तक उपलब्ध नहीं है वो एक कमरे के घर में कैसे आईसोलेट हो सकेंगे। वर्तमान में राज्य में आईसोलेशन सेंटर, कोविड केयर सेंटर नहीं के बराबर हैं। ऐसे हालात में सत्तापक्ष द्वारा मुझसे भी कई बार अपेक्षा की जाती है कि मैं भी इस महामारी से जूझने में यहां की जनता की सहायता करूं। राजद के सभी विधायक, पदाधिकारी सहित हमारी पूरी पार्टी पूर्व से ही जरूरतमंदों की सहायता करती आ रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने लिखा कि मैं अपने सरकारी आवास 1, पोलो रोड को आईसोलेशन सेंटर-सह-कोविंड केयर सेंटर बनाने हेतु मुख्यमंत्री से अनुरोध कर चुका हूं। इसी कड़ी में हमने आज अपने सरकारी आवास 1, पोलो रोड में आईसोलेशन / कोविड केयर सेंटर हेतु आवश्यक संरचना तैयार कर लिया है। बेड, ऑक्सीजन सिलिडर, आवश्यक मानक दवाइयां सहित मरीजों एवं उनके परिजन हेतु अल्पाहार तथा पौष्टिक भोजन आदि की समुचित सुविधा उपलब्ध कराते हुए पूरी संरचना एवं सुविधा आपको एवं आपके विभाग को संचालन हेतु सौपता हूं।

आवश्यकतानुसार चिकित्सकों की सलाह के अनुरूप सुविधाओं में विस्तार भी किया जा सकता है। अतः आपसे अनुरोध है कि मुख्यमंत्री द्वारा सदन में दिए गए वक्तव्य एवं मानवीय हित में राजनीतिक विद्वेषता को भूलकर आप अपने विभाग द्वारा इस उपलब्ध संरचना का राज्य की पीड़ित जनता हेतु इसका संचालन कराना सुनिश्चित करने का निदेश देना चाहेंगे एवं कृत कार्रवाई से मुझे भी अतिशीघ्र अवगत कराना चाहेंगें। फिलहाल इस पत्र पर स्वास्थ्य मंत्री अथवा उनके विभाग की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है।

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