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काउंसिलिंग सेंटर पर मनमानी, कंकड़बाग सेटर पर हंगामा

दिन में 11 बजे ही काउंसिलिंग सेंटर का गेट बंद कर दिये जाने से बंधक बन कर रह जा रहे अभ्यर्थी

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पटना (voice4bihar desk)। शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश के उलट काउंसिलिंग सेंटर पर अपना नियम लागू किये जाने से शिक्षक अभ्यर्थियों मे आक्रोश पनप रहा है। मंगलवार को इसके चलते कंकड़बाग के रघुनाथ प्रसाद बालिका उच्च विद्यालय के बाहर गेट पर अभ्यर्थियों ने हंगामा भी किया। गेट पर हंगामे को देखते हुए स्कूल प्रशासन की ओर से पुलिस बुला ली गयी। हालांकि मौके पर पहुंचे कंकड़बाग थाने के इंस्पेक्टर को अभ्यर्थियों ने जब काउंसिलिंग सेंटर पर की जा रही गड़बड़ियों के बारे में बताया तो वे निरुत्तर होकर वापस चले गये।

कंकड़बाग के काउंसिलिंग सेंटर रघुनाथ प्रसाद बालिका उच्च विद्यालय के बाहर लगी अभ्यर्थियों की भीड़।

नहीं हो रहा शिक्षा विभाग के निर्देशों का पालन

असल में शिक्षा विभाग ने जो आदेश जारी किया है उसके मुताबिक काउंसिलिंग सेंटर दिन में 11 बजे से शाम 4.30 बजे तक कार्यरत रहने हैं। इस दौरान मेधा क्रम के अनुसार 50-50 अभ्यर्थियों को बारी-बारी से बुलाया जाना है। सीट फुल हो जाने अथवा अपने नियोजन की गुंजाइश कम दिखने पर अभ्यर्थियों को दूसरे काउंसिलिंग सेंटर पर जाने की छूट है।

पर, राजधानी पटना के काउंसिलिंग सेंटर पर इस निर्देश का पालन नहीं किया जा रहा है। यहां दिन में 11 बजे तक ही अभ्यर्थी काउंसिलिंग सेंटर पर जा सकते हैं। 11 बजे के बाद अभ्यर्थी अंदर तो नहीं ही जा सकते हैं दोपहर एक बजे तक बाहर भी नहीं निकल सकते हैं। इस दौरान अगर किसी अभ्यर्थी को महसूस होता है कि यहां समय व्यतीत करना व्यर्थ है तो वह दूसरी जगह भी नहीं जा सकता है, क्योंकि दोपहर एक बजे तक बाहर जाने की इजाजत नहीं है।

शिक्षा विभाग के हेल्पलाइन नंबर 06122215181 पर लगती ही नहीं कॉल

इस मनमानी से परेशान अभ्यर्थियों ने जब शिक्षा विभाग के हेल्पलाइन नंबर 06122215181 पर कॉल करना चाहा तो वहां फोन लगा ही नहीं। काफी देर तक गेट खोलने की मिन्नत का भी जब असर नहीं दिखा तो कुछ अभ्यर्थी जोर-जोर से गेट पीटने लगे। इसके बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से इसकी सूचना स्थानीय डीएसपी को दी गयी। डीएसपी ने मौके पर कंकड़बाग थाने के इंस्पेक्टर को भेज दिया। इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचे तो अभ्यर्थियों ने उन्हें स्कूल प्रबंधन की मनमानी के बारे में बताया तो वे भी चुपचाप चले गये।

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काउंसिलिंग सेंटर की गलत सूचना का खमियाजा अभ्यर्थियोंं ने भुगता

कुछ अभ्यर्थियों का कहना था कि बाढ़, बख्तियारपुर और मसौढ़ी की काउंसिलिंग पहले शास्त्रीनगर में होने की सूचना दी गयी थी। वहां जाने पर पता चला कि यहां से 10 किलोमीटर दूर कंकड़बाग के स्कूल में काउंसिलिंग होनी है। इतनी दूर से आने में देर हुई। विभाग द्वारा दीी गयी गलत सूचना का खामियाजा अभ्यर्थी क्यों भुगतें। इसी सब वाद-विवाद के बीच दोपहर करीब एक बज गये और सभी खाली सीटें फुल हो जाने की सूचना मिली। इसके बाद अभ्यर्थी धीरे-धीरे वहां से निकल गये।

यह भी देखें :अभ्यर्थी बंधक बने रहे और सीटें रह गयीं खाली

बिहार में 94000 शिक्षकों की बहाली के लिए हो रही काउंसिलिंग

यहां बता दें कि बिहार में 94000 शिक्षकों की बहाली के लिए 5 जुलाई से राज्य भर के जिला मुख्यालयों में काउंसिलिंग की जानी है। पांच जुलाई को विभिन्न नगर पंचायतों के कक्षा VI से VIII तक के अभ्यर्थियों की जबकि छह जुलाई यानी आज कक्षा I से V तक के अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग हुई। छह जुलाई यानी आज कक्षा I से V तक के 786 पदों पर बहाली के लिए काउंसिलिंग हुई।

पांच जुलाई को 390 सीटों में से 131 रह गयीं खाली

एक दिन पहले पांच जुलाई को राज्य भर के 30 जिलों के 71 नगर निकायों के 390 पदों के लिए काउंसिलिंग हुई थी। कक्षा VI से VIII तक के लिए हुई इस काउंसिलिंग में 258 अभ्यर्थियों की नौकरी पक्की हुई जबकि 131 सीटों के लिए काेई दावेदार नहीं पहुंचा। सबसे ज्यादा सीटें राजधानी पटना में खाली रहीं। यहां के नौ नगर निकायों में 35 सीटों के लिए हुई काउंसिलिंग के लिए महज 13 दावेदार ही पहुंचे 22 सीटें खाली ही रह गयीें। बताया जाता है कि सबसे ज्यादा सीटें संस्कृत और उर्दू शिक्षकों की खाली रहीं।

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