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मानव तस्करों के चंगुल में फंसकर नेपाल से पहुंचे दरभंगा, अब घर वापसी की गुहार लगा रहे तीन बालक

मायानगरी मुंबई में जाने का झांसा देकर बच्चों को नेपाल से लाए थे मानव तस्कर

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फिलहाल दरभंगा के बाल सुधार गृह में रखे गए हैं तीनों, परिजनों ने लगाई गुहार

भारत-नेपाल सामाजिक संस्कृति मंच की सराहनीय पहल, वापसी की प्रक्रिया हुई तेज

राजेश कुमार शर्मा की रिपोर्ट

जोगबनी (voice4bihar news)। मानव तस्करों के चंगुल में फंसकर नेपाल से भारत आए तीन मासूम बच्चे अब घर वापसी की गुहार लगा रहे हैं। पड़ोसी देश नेपाल के महोत्तरी जिले के रहने वाले बच्चे फिलहाल बिहार के दरभंगा स्थित बाल सुधार गृह में रखे गए हैं। भारत की मायानगरी मुंबई व अन्य शहरों में रहने का सपना दिखाकर नेपाल के मानव तस्करों ने बच्चों को घर से भगा लिया था। इनमें से एक बालक को करीब एक माह पूर्व रेस्क्यू किया गया था, जबकि दो अन्य बच्चे करीब दो माह से बाल सुधार गृह दरभंगा में रखे गए हैं।

बताया जाता है कि मानव तस्कर के जाल में फंस कर महोत्तरी जिले के जलेश्वर नगरपालिका वार्ड संख्या 4 निवासी सत्यम झा (13 वर्ष) मुंबई जाने को तैयार हो गया था। इस बीच मुंबई जाने के क्रम में दरभंगा रेलवे स्टेशन पर बालक को अकेला देख पुलिस ने पूछताछ की और मानव तस्करों के चंगुल से रेस्क्यू कर दरभंगा स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया था। एक माह तक वहां रहने के बाद बालक को अपनी गलती का अहसास हुआ। अब वह अपने घर वापसी के इंतजार में है।

परिजनों ने भारत-नेपाल सामाजिक संस्कृति मंच से मांगी मदद

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काफी खोजबीन के बाद परिजनों को इसकी जानकारी मिली तो वे भी अपने बच्चे को पाने के लिए बेचैन हो गए। उन्होंने इस मामले की जानकारी भारत-नेपाल सामाजिक संस्कृति मंच को दी। जब मंच ने टेलीफोन से सम्पर्क किया तो बच्चे ने पूरा वाकया बताया। उसने सीतामढ़ी के किसी ब्यक्ति के साथ मुंबई जाने को बात कही है। दरभंगा के बाल सुधार गृह में सत्यम झा के अलावा नेपाल के दो अन्य बच्चे भी हैं, जो अपने घर वापसी के इंतजार में हैं।

दरअसल नेपाल के सिराहा जिले के लहान नगरपालिका वार्ड संख्या 5 के बलुवा निवासी महादेव पासवान (10 वर्ष) व लक्ष्मीपुर पतारी गांवपालिका निवासी अमरलाल दास (13 वर्ष) भी पिछले दो महीनों से दरभंगा स्थित बालगृह में रखे गए हैं। हालांकि इन दोनों बच्चों के परिवार से बाल गृह का सम्पर्क नहीं हो पाया है। ऐसे में इनके वतन वापसी को लेकर दुविधा बरकरार है।

बालगृह सुपरिटेंडेंट ने कहा- बच्चों की घर वापसी के लिए नेपाल प्रशासन पहल करे

मामले की पुष्टि करते हुए दरभंगा बाल सुधार गृह के सुपरिटेन्डेन्ट दीपक कुमार सिंह ने बताया कि तीनों बच्चों को मानव तस्करों के चंगुल से रेस्क्यु कर सकुशल बालगृह में रखा गया है। श्री सिंह ने कहा कि महीनों से बालगृह में रहने से बच्चे असहज महसूस कर रहे हैं। बच्चों की घर वापसी के लिए नेपाल प्रशासन से पहल करने का आग्रह किया है। श्री सिंह ने बताया कि अभिभावक विहीन बच्चे रेलवे स्टेशन में दिखने के बाद बाल-बालिका के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था ने इन बच्चों को बालगृह में लाकर रखा है।

सिरहा के जिलाधिकारी ने कहा- जल्द पूरी कर ली जाएगी कागजी प्रक्रिया

भारत-नेपाल सामाजिक संस्कृति मंच ने इस संबंध में नेपाल प्रशासन से बात की। नेपाल के सिराहा जिले के प्रमुख जिला अधिकारी प्रदीपराज कडेल ने बताया कि आप के माध्यम से भारतीय बाल गृह में बच्चे के सकुशल होने की जानकारी मिली है। बच्चों को नेपाल लाने के लिए जल्द ही कागजी प्रक्रिया पूरा कर ली जाएगी। तीनों बच्चों को नेपाल लाया जाएगा।

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