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रोहतास के जांबाज रमेश कुमार सिंह को मिला राष्ट्रपति वीरता पदक, तेलारी गांव में खुशी का माहौल

वर्ष 2018 में आतंकियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन में शामिल थे रमेश

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इंडियन आर्मी व सीआरपीएफ बटालियन के ज्वाइंट ऑपरेशन में मारे गए थे दो आतंकी

ग्रामीणों ने उनके जज्बे को दिल से किया सलाम, पैतृक गांव में भाई-भाभी को दी बधाई

मनु कुमार सिंह की रिपोर्ट

Voice4bihar news. तीन साल पूर्व सर्दी का मौसम, स्थान- जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले का शटगुंडबाला गांव… आतंकियों के छुपे होने का इनपुट मिलने पर सर्च अभियान में हमारे सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को ढेर कर दिया। इस  टीम का हिस्सा रहे सीआरपीएफ के जांबाज रमेश कुमार सिंह को राष्ट्रपति वीरता पदक से नवाजा गया है। अदम्य साहस व बहादुरी के साथ आतंकियों का सफाया करने वाले रमेश को विगत सप्ताह 23 जुलाई को वीरता पदक व प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित सीआरपीएफ के 3 सिग्नल बटालियन के मुख्यालय में आयोजित समारोह में उन्हें यह पदक प्रदान किया गया।

चेनारी थाना क्षेत्र के तेलारी गांव में है रमेश का पैतृक घर

मूल रूप से रोहतास जिले के चेनारी थाना अंतर्गत तेलारी गांव के रहने वाले रमेश कुमार सिंह को राष्ट्रपति पदक मिलने से पैतृक गांव में खुशियां छा गयी। वीरता पुरस्कार मिलने की सूचना पर पूरा गांव खुशी से झूम उठा। गांव वालों ने रमेश के भाई व भाभी को बधाई देते हुए अपने सपूत की वीरता को दिल से सलाम किया।

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उल्लेखनीय है कि रमेश के पाता-पिता कुछ साल पहले ही परलोक सिधार गए हैं। गांव में उनके भाई व भाभी रहते हैं। गांव के लोगों के अलावा नाते-रिश्तेदारों ने भी रमेश के परिवार को बधाई दी। सीआरपीएफ जवान रमेश कुमार सिंह एक गरीब किसान परिवार से आते हैं, और देश सेवा को अपने जीवन का मकसद बना लिया है।

वीरता पदक मिलने के बाद समारोह स्थल पर फोटो खिंचाते रमेश।

गांव में ही हुई रमेश कुमार सिंह की प्रारंभिक शिक्षा

रमेश की प्रारंभिक शिक्षा अपने पैतृक गांव तेलारी स्थित राजकीय मध्य विद्यालय में हुई। माध्यमिक शिक्षा के लिए उन्होंने रेड़िया हाईस्कूल में दाखिला लिया था। इसके बाद सासाराम के श्रीशंकर इंटर स्तरीय स्कूल में दाखिला लेकर 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद पारामिलिट्री फोर्स में भर्ती हो गए। केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स के जांबाज के तौर पर राष्ट्रपति वीरता पदक मिलने पर रमेश के आंसू छलक पड़े। फोन से बातचीत के दौरान रमेश ने मीडिया को बताया कि आज हमारे बीच माता-पिता होते तो खुशी कुछ और ज्यादा होती। उन्होंने आंसू छलकाते हुए मां व पिता को याद किया।

आतंकी मनान बानी और हमजा भाई को मुठभेड़ में किया गया था ढेर

11अक्टूबर 2018 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिला अंतर्गत कलमाबाद थाना क्षेत्र का शटगुड़वाला गांव, जहां आतंकियों से रमेश व उसके साथियों को सामना हुआ। शटगुड़वाला गांव में आतंकवादियों के छुपे होने की सूचना पर सेना व सीआरपीएफ ने सर्च अभियान चलाया। जम्मू कश्मीर 32 वीं बटालियन आर्मी और 38 बटालियन सीआरपीएफ के ज्वाइंट ऑपरेशन में दो आतंकवादी ढेर हो गए। मारे गए आतंकियों की पहचान मनान वानी और हमजाभाई के रूप में हुई। इस ऑपरेशन में बहादुरी के लिए सीआरपीएफ जवान को तीन वर्ष बाद वीरता पुरस्कार से नवाजा गया।

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