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पूर्व शिक्षा मंत्री व शिक्षाविद् मेवालाल चौधरी का कोरोना से निधन

आज राजकीय सम्मान के साथ होगा दाह संस्कार

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राजनीति, सामाजिक व शिक्षा जगत में छायी शोक की लहर

पटना (voice4bihar news)। जनता दल यूनाइटेड के कद्दावर नेता व पूर्व शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी का सोमवार को कोरोना से निधन हो गया। श्री चौधरी के निधन से सियासी गलियारों, शिक्षा जगत व उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ गयी है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा व बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के कुलपति रह चुके श्री चौधरी फिलहाल तारापुर विधानसभा सीट से विधायक थे। कोरोना संक्रमित होने के बाद उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, जिसके कारण राजधानी पटना के पारस हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया था। सोमवार की सुबह करीब साढ़े चार बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वे 68 साल के थे।

04 जनवरी 1953 को बिहार के मुंगेर में जन्मे प्रोफेसर मेवालाल चौधरी के निधन पर मुख्यमंत्री समेत पूरी पार्टी मर्माहत है। साथ ही सभी राजनेताओं ने इनके निधन पर गहरा शोक जताया है। शिक्षाविद  होने के कारण पूरा शिक्षा जगत इनके निधन से दुखी है। आज राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा-व्यक्तिगत रूप से मर्माहत हूं

मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा है कि श्री मेवालाल चौधरी एक कुशल राजनेता, प्रसिद्ध शिक्षाविद् व प्रख्यात समाजसेवी थे। वे मृदुभाषी एवं सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। उनके निधन से मैं व्यक्तिगत रूप से मर्माहत हूँ। उनका निधन बहुत ही दुखद है। उनके निधन से शिक्षा, राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है। मेवालाल चौधरी जी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की स्थायी शांति की कामना करते हुए कहा है कि दुख की इस घड़ी में उनके परिजनों को धैर्य धारण करने की शक्ति ईश्वर प्रदान करें।

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विवादों के कारण देना पड़ा था पद से इस्तीफा

उल्लेखनीय है कि राज्य में नई सरकार गठन के दौरान नीतीश सरकार ने श्री मेवालाल चौधरी को बिहार के शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी थी। 16 नवंबर 2020 को मंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही विपक्ष ने उनके खिलाफ विवाद खड़ा कर दिया था, जिहाजा पद संभालने के साथ ही उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा देकर उच्च नैतिक मानदंड का परिचय दिया था। उनके खिलाफ पूर्व में विश्वविद्यालय में नियुक्ति घोटाले तथा पत्नी की हत्या के मामले में जांच चल रही थी।

दो यूनिवर्सिटी के कुलपति रह चुके थे मेवालाल

मेवालाल चौधरी उर्फ मेवालाल कुशवाहा ने एग्रीकल्चर में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री ली थी। इनके पिता दीपनाराण चौधरी थे। जदयू विधायक नीतू चौधरी से उनका विवाह हुआ था लेकिन घर में हुए रसोई गैस सिलेंडर विस्फोट के कारण नीतू की मृत्यु हो गई। 2010 में सक्रिय राजनीति में मेवाला का प्रवेश हुआ और और जनता दल (यूनाइटेड) के टिकट पर वर्ष 2015 में बिहार विधानसभा सीट पर जीत हासिल की। उन्होंने उस चुनाव में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के शकुनी चौधरी को हराया था।

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