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पुलिस इंस्पेक्टर ने बालू की लूट में शामिल होकर खूब उगाहा धन

पटना और मुजफ्फरपुर जिले में अपनों के नाम खरीदी लाखों की अचल संपत्ति

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बिहटा में थानेदारी के दौरान लाल बालू के काले खेल में शामिल रहे अवधेश झा

मुजफ्फरपुर (voice4bihar news)। आर्थिक अपराध इकाई के शिकंजे में फंसे पुलिस इंस्पेक्टर अवधेश कुमार झा ने लाल बालू के काले खेल में शामिल होकर खूब धन अर्जित किया है। पटना जिले के बिहटा थाना में थानेदार रह चुके अवधेश झा ने अपनी मां व पत्नी के नाम पर मुजफ्फरपुर में गृह प्रखंड सकरा के अलावा पटना जिले के बिक्रम और दानापुर में साठ लाख रुपये कीमत के पांच भूखंड खरीद रखे हैं। बालू के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण तथा गैर कानूनी व्यापार में संलिप्त पाये जाने पर अवधेश झा सस्पेंड किये गए थे। फिलहाल इनकी तैनाती पूर्णिया के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) दफ्तर में है।

बालू की लूट में अर्जित संपत्ति की टोह में आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने शुक्रवार को अवधेश झा के ठिकानों पर छापेमारी की। अवधेश झा 2009 बैच के सीधे नियुक्त पुलिस अवर निरीक्षक हैं। ये पूर्वी चम्पारण तथा पटना जिला में पदस्थापित रहे हैं। पुलिस निरीक्षक के पद पर प्रोन्नति के उपरांत पटना जिले के बिहटा थाना में थानाध्यक्ष के पद पर पदस्थापित थे। निलंबन के बाद अवधेश झा का मुख्यालय पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय, पूर्णिया में है।

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बताया जाता है कि अवधेश झा ने अपने पद का दुरूपयोग कर स्वयं तथा अपने परिजनों के नाम पर अकूत परिसपत्तियां अर्जित की है। भ्रष्ट तरीके से कमाए गए लाखों रुपये इन्होंने बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों में निवेश किया है। इनकी पत्नी एवं मां के नाम पर पटना के दानापुर तथा विक्रम एवं मुजफ्फरपुर के सकरा में 05 भू खण्डों का निबंधन कराया है। इन भूखंडों की खरीद में 59.08 / लाख रुपये व्यय किये गये हैं। झा की चल सम्पत्ति 15,95,529 रुपये की पायी गयी है।

60 लाख रुपये वैध कमाई तो 90 लाख की संपत्ति कहां से आई?

पुलिस अफसर अवधेश झा की कुल आय 60 लाख रुपये पायी गयी है। इनकी परिसम्पत्तियों एवं अन्य व्यय के आधार पर इनकी आय से अधिक सम्पत्ति 49,77.529 / रुपये पायी गयी है, जो आय के ज्ञात / वैध स्रोत से लगभग 83% अधिक है। आर्थिक अपराध इकाई की तलाशी में झा के ठिकानों से 25 जीवन बीमा पॉलिसियों के प्रीमियम भुगतान से संबंधित कागजात, बैंक खातों के पासबुक, सुगौली थाने की पुरानी स्टेशन डायरी आदि बरामद किये गए हैं। अनुसंधान में झा की अर्जित परिसम्पतियों में वृद्धि की पूरी संभावना है।

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