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जहरीली शराब नहीं, ‘जहरीला पेय पदार्थ’ पीने से हुई 5 ग्रामीणों की मौत!

मुजफ्फरपुर के रुपौली शराब कांड में दो पुलिस अधिकारियों पर गिरी गाज

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सरैया के थानाध्यक्ष और प्रभारी थानाध्यक्ष को एसएसपी ने किया निलंबित

पंचायत समिति सदस्य समेत दो लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर (voice4bihar news)। मुजफ्फरपुर जिले के सरैया थाना क्षेत्र अंतर्गत रेपुरा रुपौली गांव में जश्न पार्टी के बाद 5 लोगों की मौत की प्रारंभिक वजह अब स्पष्ट हो चुकी है। पुलिस ने तीन शवों का पोस्टमार्टम कराया है और इसकी रिपोर्ट भी सामने आ गयी है। इसमें स्पष्ट रूप से शराब शब्द का जिक्र नहीं है। मौत का कारण जहरीला रासायनिक पेय पदार्थ का सेवन बताया गया है। इसके साथ ही दो पुलिस अफसरों को जिम्मेदार मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गयी है।

…तो नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्य ने दी थी शराब की पार्टी!

तीन लाशों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में सरैया थानाध्यक्ष रविन्द्र कुमार यादव व प्रभारी थानाध्यक्ष कलामुद्दीन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दूसरी ओर रेपुरा रुपौली गांव के जिस जगह पर पार्टी हो रही थी, उस घर को पुलिस ने सील कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने पंचायत समिति सदस्य सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।

जिस घर में हो रही थी शराब की पार्टी, वहां से शराब की बोतलें बरामद

एक ही गांव के 5 लोगों की मौत के मामले में डिफेंसिव मोड में दिखती पुलिस अब एक्शन ने दिख रही है। पुलिस ने घटनास्थल से शराब की कई बोतल भी बरामद की है। इस मामले की जांच के लिए पहुंची एफएसएल की टीम ने साक्ष्य के रूप में कई नमूने संग्रह कर ले गई है। मुजफ्फरपुर के एसएसपी जयंत कांत की मानें तो घटना के बाद सभी बिन्दुओं पर वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। सरैया शराब मामले में एफएसएल और सीआईडी की टीम भी रुपौली पहुंची है।

जहरीली शराब पीने से कई लोग बीमार

ग्रामीणों की मानें तो जहरीली शराब पीने से कई लोग बीमार हुए हैं। जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में हो रहा है। माना जा रहा है कि मृतकों की संख्या अभी बढ़ सकती है। दूसरी ओर इस मामले में जहरीली शराब का एंगल स्पष्ट हो चुका है। पुलिस सूत्रों की मानें तो घटनास्थल से शराब की खाली बोतलें सहित कई सामान बरामद किये गए हैं। फिलहाल गांव में दूसरे दिन भी कोहराम की स्थिति बनी रही।

जहरीली शराब कांड में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करने पहुंचे जाप सुप्रीमो पप्पू यादव।
जहरीली शराब कांड में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करने पहुंचे जाप सुप्रीमो पप्पू यादव।

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पप्पू यादव की नसीहत, शराबबंदी कानून पर फिर विचार करे सरकार

रेपुरा रुपौली गांव में शराब पीने से 5 लोगों की मौत के बाद शनिवार को राजनेताओं का आना-जाना लगा रहा। जन अधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव अहले सुबह सरैया पहुंचे, जहां घर-घर जाकर शोकाकुल परिजनों को सांत्वना दी। मीडिया से बातचीत के दौरान श्री यादव ने कहा कि बिहार सरकार को एक बार फिर शराबबंदी कानून पर विचार करना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि एकदम से शराब बंदी होने के बाद जेल कौन जा रहे हैं? डिलेवरी बॉय, शराब पीने वाले या शराब की रखवाली करने वाला चौकीदार?

रुपौली गांव में जहरीली शराब ही बनी 5 मौतों की वजह : पप्पू यादव

पप्पू यादव ने कहा कि बड़े-बड़े शराब के कारोबारियों को एमपी, एमएलए, एसएसपी एवं आला अधिकारियों का संरक्षण मिला है। इसका कानून का खामियाजा गरीब जनता ही भुगत रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रुपौली गांव के लोगों की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है, लेकिन प्रशासन व शासन में इस बात को खुलकर स्वीकार करने की हिम्मत नहीं है। असल में इन सभी लोगों की मौत के लिए शराब माफिया और सरकार दिनों जिम्मेदार हैं।

राजद नेताओं का शिष्टमंडल भी पहुंचा रुपौली

राष्ट्रीय जनता दल का प्रतिनिधि मंडल लेकर पहुंचे राजद जिलाध्यक्ष रमेश गुप्ता ने कहा कि बिहार में शराबबंदी फेल है। जहरीली शराब धड़ल्ले से बिक रही है। जिले के कटरा के दरगाह टोला, कुढ़नी के माधोपुर, मोतीपुर सहित कई जगहों पर दर्जनों लोग पूर्व में जहरीली शराब पीने से मरे हैं। बावजूद इसके सरकार चुप्पी साध रखी है। सरकार और प्रशासन की लापरवाही के कारण आज पुनः 6 लोगों की मृत्यु हो गई। राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष पूर्व विधान पार्षद गणेश भारती ने कहा कि इस सरकार में शराब धड़ल्ले से बिक रही है।

शराब कांड के खिलाफ प्रदर्शन करते एसयूसीआई संगठन के सदस्य।
शराब कांड के खिलाफ प्रदर्शन करते एसयूसीआई संगठन के सदस्य।

एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) ने प्रतिरोध जुलूस निकाला

एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) के प्रतिरोध जुलूस के बाद सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रखंड सचिव योगेन्द्र राम ने कहा कि जब बिहार में सम्पूर्ण रूप से शराब बंदी है तो बिहार के अंदर शराब लेकर कौन आ रहा है। किसके संरक्षण में शराब की बिक्री हो रही है। लोग बाग शराब पीकर बेमौत मर रहे हैं। इस सवाल का जवाब मुख्यमंत्री को देना पड़ेगा। बेसहारा हुए परिजनों की हिमायत करते हुए प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपने नाकाम प्रशासन के वेतन से मौत का मुआवजा पीड़ित परिजनों को देने की मांग की।

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