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बिहार सरकार के गले की हड्‌डी बने पप्पू यादव

मांझी और सहनी के बचाव में उतरने के बाद असमंजस में सरकार

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पटना (Voice4bihar desk)। मंगलवार को दिन के करीब 10 बजे से गिरफ्तार कर गांधी मैदान थाने में रखे गये पूर्व सांसद पप्पू यादव बिहार सरकार के गले की हड्‌डी बनते दिख रहे हैं। उन्हें थाने से रिहा कर सरकार अपनी किरकिरी नहीं करवाना चाह रही तो जेल भेज कर हम और वीआईपी को और नाराज भी नहीं करना चाह रही है। इस बीच, पूर्व सांसद ने सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चेतावनी दी है।

पप्पू यादव ने दी चेतावनी-धैर्य की न लें परीक्षा

पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री के नाम जारी ट्वीट में लिखा है कि पांच घंटे से गांधी मैदान थाने में बैठा रखा है। इतनी देर में कितने लोगों के लिए ऑक्सीजन, हॉस्पिटल बेड, रेमडेसिविर आदि का प्रबंध कर पाता, कितनी जिंदगी बचाने का प्रयास कर पाता। साथ ही उन्होंने लिखा है कि नीतीश कुमार जी, जो करना है जल्दी करें। आप भाजपा के दबाव में क्रूरता की हद न पार करें। इतिहास माफ नहीं करेगा।

एक अन्य ट्वीट में लिखा कि नीतीश जी धैर्य की परीक्षा न लें। अन्यथा जनता अपने हाथों में व्यवस्था लेगी तो आपका प्रशासन सारा लॉकडाउन प्रोटोकॉल भूल जाएगा। मेरा एक माह पहले ऑपेरशन हुआ है। तब भी अपना जीवन दांव पर लगाकर जिंदगियां बचा रहा हूं। अभी मेरा टेस्ट हुआ कोरोना निगेटिव आया। आप पॉजिटिव कर मुझे मारना चाहते हैं।

पप्पू ने लिखा कि सरकारों को कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी करनी चाहिए तो पप्पू यादव से लड़ रहीं हैं। हमारे साथ सेवा में, मदद में, जिंदगी बचाने में प्रतिस्पर्धा करो न, फंसाने और जेल भेजने की साजिश में समय जाया क्यों कर रहे हो? पूरे बिहार में मामला खोज रहे हैं, कैसे फंसाकर अपनी नाकामी छुपाएं।

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बतां दें कि मंगलवार की सुबह टाउन डीएसपी के नेतृत्व में पहुंची पांच थानों की पुलिस ने पप्पू यादव को बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को गांधी मैदान थाने ले जाया गया है। पिछले पांच घंटे से अधिक समय से उन्हें थाने में रखा गया है।

सरकार को मांझी और सहनी की नाराजगी का नहीं था अंदेशा

इघर, पप्पू यादव की गिरफ्तारी का बिहार सरकार में शामिल हम और वीआईपी ने सार्वजनिक रूप से विरोध कर दिया है। हम प्रमुख जीतन राम मांझी ने जहां इसे मानवता के विरुद्ध बताया वहीं मुकेश सहनी ने इसे असंवेदनशीलता बताया। यहां बता दें कि बिहार में नीतीश कुमार की अल्प बहुमत की सरकार हम और वीआईपी के बैशाखी के सहारे चल रही है। इन दोनों पार्टियों के आठ विधायक हैं। दोनों पार्टियों के एक-एक विधायक बिहार सरकार में मंत्री भी हैं। ऐसे में इनकी नाराजगी से सरकार के भविष्य पर सवाल खड़े हो सकते हैं।

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समझा जा रहा है कि सरकार के कर्ताधर्ताओं को पप्पू यादव की गिरफ्तारी से मांझी और सहनी की नाराजगी का अंदेशा नहीं था। अब जब इन दोनों नेताओं ने एक साथ अपनी नाराजगी का इजहार कर दिया है तो पुलिस प्रशासन के कदम भी ठिठक गये हैं। वे उच्चाधिकारी से निर्देश मिलने का इ्रतजार कर रहे हैं। उनसे निर्देश मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जायेगी।

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