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महिलाओं की सीट पर पुरुषों की बहाली अभी नहीं

जदयू के जदता दरबार में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने शिक्षक बहाली को लेकर स्पष्ट की स्थिति

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पटना (voice4bihar desk)। बिहार के शिक्षा मंत्री ने पुरुष शिक्षक अभ्यर्थियों की उस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें तीसरे फेज की काउंसिलिंग में महिला अभ्यर्थियों की अनुपस्थिति में पुरुषों को मौका देने की मांग की जा रही है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह इतनी आसानी से नहीं किया जा सकता है। अभी काउंसिलिंग प्रक्रिया चल रही है, कई ऐसी नियोजन इकाइयों हैं जहां एक चरण की भी काउंसिलिंग नहीं हुई है, ऐसे में महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर पुरुषों को बहाल करना संभव नहीं है।

साथ ही शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने शिक्षक अभ्यर्थियों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि विभाग स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहा है और समय आने पर उचित फैसला लिया जायेगा।

जदयू कार्यालय के समक्ष भूख हड़ताल पर बैठे पुरुष शिक्षक अभ्यर्थी

यहां बता दें कि मंगलवार को जब राजधानी पटना के वीरचंद पटेल पथ स्थित जदयू के मुख्य कार्यालय में बिहार के शिक्षा मंत्री जनता दरबार लगा कर बैठे थे उसी वक्त काफी संख्या में पुरुष शिक्षक अभ्यर्थी कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे थे। बिहार में इन दिनों 94000 प्राथमिक शिक्षकों की बहाली के लिए काउंसिलिंग प्रक्रिया चल रही है। जुलाई और अगस्त माह में दो फेज की काउंसिलिंग हुई है।

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सितंबर में तीसरे फेज की काउंसिलिंग होने की उम्मीद है। हालांकि अब तक बिहार के शिक्षा विभाग ने तीसरे फेज की काउंसिलिंग के लिए तारीख की घोषणा नहीं की है। भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थी तीसरे फेज की काउंसिलिंग की तारीख घोषित करने की भी मांग कर रहे थे।

अब तक हुई दो फेज की काउंसिलिंग में शिक्षा विभाग को महज 44 फीसद सीटों के लिए ही अभ्यर्थी मिल पाये हैं जबकि 56 फीसद सीटें खाली रह गयीं हैं। खाली रह गयी सीटों में बड़ी संख्या अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें हैं। पुरुष अभ्यर्थियों की मांग है कि इन खाली सीटों पर उसी कोटि के पुरुष अभ्यर्थियों की बहाली की जाये। इसके पक्ष में वे सामान्य प्रशासन विभाग के उस आदेश का भी हवाला देते हैं जिसमें कहा गया है कि योग्य महिला अभ्यर्थी नहीं रहने पर उसी कोटि के पुरुष अभ्यर्थी से उस सीट को भरा जाये।

मंगलवार को जनता दरबार में जब पत्रकारों ने शिक्षा मंत्री का ध्यान सामान्य प्रशासन विभाग के उस आदेश की ओर दिलाया तो उन्होंने कहा कि इसके लिए आवयक प्रक्रिया है और उसी प्रक्रिया के तहत इसे लागू किया जा सकता है। अभी काउंसिलिंग प्रक्रिया चल ही रही है और बीच में ही महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर पुरुषों को बहाल नहीं किया जा सकता है।

एक सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि अब बिहार में कोई भी नियोजित शिक्षक नहीं हैं, सभी शिक्षक हैं। शिक्षकों के स्थनांतरण को लेकर पूछे गये जवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि इसक लिए सॉफ्टवेयर बनाया जा रहा है। सॉफ्टवेयर तैयार होते ही स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू की जायेगी। स्थानांतरण में महिलाओं और दिव्यांगों को प्राथमिकता दी जायेगी।

मंगलवार को जदयू के प्रदेश कार्यालय में लगाये गये जनता दरबार में शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी के अलावा खाद्य आपूर्ति मंत्री लेसी सिंह और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान भी मौजूद थे। तीनों मंत्रियों ने जनता दरबार में आये पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों की समस्याएं सुनीं और उनका यथासंभव समाधान किया।

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