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अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्‌डा पर नहीं है ड्रग्स पकड़ने की मशीन, ड्रग्स माफियों का ट्रांजिट पॉइंट बना नेपाल

त्रिभुवन एयरपोर्ट पर सुरक्षा खामियों का फायदा उठा रहे तस्कर, भारत के लिए चिंता का विषय

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दुबई से कतर के रास्ते नेपाल पहुंची थी 3 किलोग्राम कोकीन, भारत के महानगरों में होनी थी सप्लाई

काठमांडू के त्रिभुवन हवाई अड्‌डा पर उतरा 9 करोड़ का कोकीन, बिना जांच के आया बाहर

काठमांडू से राजेश कुमार शर्मा की रिपोर्ट

Voice4bihar news. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फैला नशे का काराबार भारत को भी तेजी से गिरफ्त में लेता जा रहा है। इसके लिए भारत के निकटतम पड़ोसी देश नेपाल को ड्रग्स आपूर्ति का आसान जरिया बनाया जा रहा है। दुनिया के किसी भी देश से ड्रग्स की खेप पहले नेपाल पहुंचाई जा रही है, इसके बाद दोनों देशों की खुली सीमा का फायदा उठाते हुए भारत में भेजा जा रहा है। सीमा पार कराने के काम में कई तस्कर गिरोह जुटे हैं। अर्थात नेपाल इन दिनों भारत में ड्रग्स सप्लाई का ट्रांजिट प्वाइंट बनता जा रहा है।

इस बात का खुलासा पिछले दिनों नारकोटिक्स ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा चलाये गए ‘अपरेशन कोक–2’ के दौरान हुआ। इस अभियान में रविवार को करीब तीन किलो कोकीन के साथ तीन एक भारतीय नागरिक सहित दो अन्य विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया था। गिरफ्तार ड्रग्स तस्करों में अफ्रीकी नागरिक 30 वर्षीय स्रिले गेमा (30), भारतीय नागरिक विजय सिंह तथा तान्जेनियन नागरिक गेट्यूड लिनर्ड किमारो शामिल हैं।

बताया जाता है कि करीब 9 करोड़ रुपये की कोकीन के साथ पकड़े गए तीनों शख्स महज कोकीन के डिलेवरी बॉयज ही हैं। इस गिरोह का माफिया भारत की राजधानी दिल्ली में बैठा है। गिरफ्तार स्रिले गेमा ने अपने बयान में कहा है कि वह 3 किलोग्राम कोकिन की खेप लेकर आया था। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्‌डा पर 9 अगस्त उतरने के बाद वह आसानी से अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच गया था। कोकीन की यह खेप फारस की खाड़ी में स्थित देश कतर (Qatar) के रास्ते काठमांडू भेजा गया था।

त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय विमान स्थल की सुरक्षा जांच पर प्रश्नचिन्ह!

अरब प्रायद्वीप के पूर्वी छोर पर स्थित कतार (Qatar) से हवाई जहाज के जरिये 9 करोड़ की कोकीन नेपाल पहुंचने और एयरपोर्ट के जांच पास से निकलने की घटना ने सबको हैरान कर दिया है। ऐसे में त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्‌डा की सुरक्षा जांच भी सवालों के घेरे में आ गयी है। इस सवाल पर नेपाल नारकोटिक्स ब्यूरो के एसपी जीवन श्रेष्ठ का कहना है कि विमानस्थल से कोकिन कैसे बाहर गया, इस सम्बंध में अनुसंधान किया जा रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्‌डा पर नहीं है ड्रग्स पकड़ने की मशीन

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दूसरी ओर एयरपोर्ट से ड्रग्स बाहर निकलने की घटना की पड़ताल के दौरान चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल भंसार कार्यालय के प्रमुख भंसार अधिकृत दयानन्द केसी से बात करने पर हैरान करने वाली बात पता चली। उन्होंने कहा कि त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्‌डा में ड्रग्स की जांच ही नहीं होती। आगे उन्होंने बताया कि एक्सरे से होने वाली जांच में ड्रग्स व अन्य खाद्य पदार्थों में कोई अंतर नहीं दिखता। ऐसे में यह कह पाना मुश्किल होता है कि कोई ड्रग्स ले कर आया है।

नेपाल बन रहा है ड्रग्स माफिया का ट्रांजिट पॉइंट

हैरानी तब और बढ़ गयी जब दयानन्द केसी के बयान की पुष्टि अन्य स्तरों पर भी हो गयी। इस बाबत पूछे जाने पर नेपाल नारकोटिक्स ब्यूरो (एनसीबी) के प्रमुख ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल में ड्रग्स जांच के लिए हाईटेक उपकरण की आवश्यकता है। अन्य देशों में यह व्यवस्था है लेकिन नेपाल में नहीं। बहरहाल जिस तरह भारत में ड्रग्स सप्लाई के लिए नेपाल ड्रग्स माफियों के लिए सुरक्षित रास्ता बन रहा है, यह निश्चित ही चिंता का बिषय है।

सूटकेस में फाल्स बॉटम बनाकर लाया गया था कोकीन

नारकोटिक्स ब्यूरो से मिली जानकारी के अनुसार 9 करोड़ की कोकीन लाने के लिए तस्करों का शातिराना अंदाज भी दिखा। ड्रग्स माफिया एक सूटकेस के अंदर फाल्स बॉटम बना कर कोकीन की खेप नेपाल लाये थे। इस सूचना के आधार में डीएसपी फणिन्द्र प्रसाईं के नेतृत्व की टीम ने तस्करों की खोजबीन शुरू की। डीएसपी ने यह भी कहा कि अगर ब्यूरो का सूचना तंत्र नहीं होता तो ड्रग्स माफिया आसानी से बच निकलते। पुलिस को इन तस्करों को ट्रेस करने में करीब 3 सप्ताह लग गए।

होटल में कोकीन डिलीवरी होने के वक्त पुलिस ने धर दबोचा

नारकोटिक्स ब्यूरो के प्रवक्ता एसपी जीवन श्रेष्ठ ने स्वीकार किया कि खाड़ी के देश दुबई व कतर से नेपाल के रास्ते भारत में कोकीन भेजे जाने साजिश थी। इनके अनुसार 9 अगस्त को कतर एयरवेज (Qatar airways) के जरिये कोकिन नेपाल आने की सूचना थी। इसी सूचना को आधार बना कर ब्यूरो की टीम स्रिले गेमा का पीछा करते हुए होटल तक पहुंची थी। उन्होंने बताया कि सूचना के आधार पर ही कोकीन डीलिंग की जानकारी थी कि कमलादी स्थित एक होटल में जब कोकिन लेने भारतीय नागरिक विजय सिंह आया तब पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया।

विजय व गेमा की गिरफ्तारी के बाद भारत भागना चाहता था किमारो

इन लोगों की जिम्मेवारी विजय सिंह को कोकीन डेलिवर करना था। जब जानकारी मिली कि इन दोनों के कारोबार में शामिल किमारो भी है, जो पिछले दो वर्ष से नेपाल में रह रहा था। गेमा और विजय की गिरफ्तारी की भनक लगते ही किमारो सतर्क हो गया। वह नेपाल से भारत भागने की फिराक में था, लेकिन उसे सिंधुली से गिरफ्तार किया गया है। एसपी थापा के अनुसार नेपाल से कोकीन की खेप विभिन्न रास्तो से भारत भेजे जाने की बात सामने आई है। इससे पूर्व भी 6 किलो कोकीन की जब्ती की गई जिसे भारत भेजा जाना था।

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