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पूर्व सांसद पप्पू यादव ने चार दिन बाद तोड़ा अनशन

11 मई को पटना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये जाने के बाद से थे अनशन पर

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पटना (voice4bihar desk)। मधेपुरा के पूर्व सांसद पप्पू यादव ने शुक्रवार की रात करीब 11 बजे अपना अनशन समाप्त कर लिया। 11 मई को जब पटना पुलिस ने पप्पू यादव को गिरफ्तार किया वे उसी वक्त से अनशन पर थे। चार दिन बाद अपना अनशन खत्म किये जाने की सूचना उन्होंने अपने ट्वीटर हैंडल के जरिये 14 मई की रात करीब 11 बजे दी। इसमें उन्होंने लिखा ‘साथियों अभी मैं अनशन समाप्त कर रहा हूं। मरीजों की सेवा में कोई कमी न हो। चार दिनों से भूख हड़ताल पर रहने के कारण सेहत बिगड़ती जा रही थी। डॉक्टरों ने कहा भोजन नहीं करने से इम्युनिटी पावर घट रही है। किडनी में इंफेक्शन, सांस में तकलीफ व हार्ट की समस्या है। तत्काल भोजन ग्रहण करने का दबाव था।

13 मई से डीएमसीएच में भर्ती हैं पप्पू यादव

पप्पू यादव का इस वक्त लहेरियासराय स्थित डीएमसीएच में पुलिस अभिरक्षा में इलाज चल रहा है। 11 मई को पटना में पीएमसीएच में लॉकडाउन उल्लंघन के आरोप में उन्हें उनके बुद्ध कॉलोनी स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था। दिन भर यहां के गांधी मैदान थाने में बिठाये रखने के बाद शाम को मधेपुरा से आयी पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर ले गयी थी। रात में मधेपुरा कोर्ट में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई के बाद उन्हें 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में वीरपुर जेल भेज दिया गया था।

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दरभंगा जिला प्रशासन पर लगाया उपचार में बाधा डालने का आरोप

इस दौरान अनशन के कारण तबियत बिगड़ने पर उन्हें डीएमसीएच भेजा गया और तब से वहीं भर्ती हैं। डीएमसीएच के डॉक्टरों का कहना है कि उनकी हालत स्थिर है। फिलहाल चिंता करने जैसी कोई बात नहीं है। हालांकि पप्पू यादव ने शनिवार को एक अन्य ट्वीट कर कहा है कि दरभंगा जिला प्रशासन अपने आका के इशारे डॉक्टर बन गया है। डीएमसीएच के डॉक्टर मेरा समुचित उपचार करना चाहते हैं तो दरभंगा जिला प्रशासन हस्तक्षेप कर रहा है। डॉक्टर सीटी स्कैन और एमआरआई करना चाहते हैं तो इसे बाधित कर रहा है। वह मुझे प्रताड़ित कर मेरी जिंदगी और स्वास्थ्य से खिलवाड़़ कर रहा है।

महामारी के दौर में लोगों की सेवा कर रॉबिनहुड की छवि बनाने वाले पप्पू यादव की गिरफ्तारी से जहां आम लोगों में नाराजगी है वहीं राजद इसे श्री यादव का पब्लिसिटी स्टंट बता रहा है। शुरु में राजद के बड़े नेता पूर्व मंत्री श्याम रजक ने गिरफ्तारी का विरोध करते हुए अपना वीडियो जारी किया था पर बाद में राजद ने आधिकारिक रूप से प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम को पप्पू यादव और राज्य सरकार की साठगांठ करार दिया।

11 मई को पप्पू यादव की गिरफ्तारी का सरकार में शामिल घटक दलों हम के प्रमुख जीतन राम मांझी और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने विरोध किया था पर इसके बाद से दोनों चुप्पी साधे हुए हैं। इधर पप्पू की पत्नी और कांग्रेस की सांसद रहीं रंजीता रंजन पूरे घटनाक्रम के विरोध में अपनी आवाज बुलंद कर रहीं हैं। उन्होंने तत्काल अपने पति पप्पू यादव को रिहा करने की मांग मुख्यमंत्री से की है। अपनी गिरफ्तारी के बाद से पूर्व सांसद पप्पू यादव लगातार भाजपा पर हमलावर हैं।

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