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कोचिंग में पढ़ने गए दो बच्चों के साथ मौलवी शिक्षक ने की हैवानियत, होमवर्क नहीं करने पर दी यातना, देखें वीडियो…

8 वर्ष की छात्रा व 10 वर्ष के छात्र को बंद कमरे में बेरहमी से पीटा

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जुल्म के शिकार बच्चों का सरकारी अस्पताल में कराया गया दाखिल

अभिभावकों का गुस्सा भांप कर घर से फरार हो गया मौलवी शिक्षक

दरभंगा (voice4bihar news)। सरकार ने भले ही पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं की पिटाई पर सख्त पाबंदी लगा दी है, लेकिन कुछ सिरफिरे शिक्षक आज भी बच्चों के साथ पशुवत व्यवहार करने से बाज नहीं आते। ऐसा ही एक मामला दरभंगा जिले के बिरौल में सामने आया है, जहां एक मौलवी शिक्षक ने दो मासूमों को इस बेरहमी से पीटा कि हैवानियत भी शरमा जाए। 8 वर्ष की बच्ची के पूरे शरीर को छड़ी से मार-मार कर लाल कर दिया है। घटना बिरौल थाना क्षेत्र के अकबरपुर गांव की है।

बिरौल के अकबरपुर गांव में चलाता था कोचिंग

बताया जाता है कि अकबरपुर गांव में चल रहे एक निजी कोचिंग संस्थान के शिक्षक मो. कारी मोदस्सिर ने वशी अहमद की 8 वर्षीय पुत्री अलीशा एवं मो अतीक के 10 वर्षीय पुत्र आशिक पर इतना जुल्म ढाया कि उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। बच्चे व बच्ची का कसूर बस इतना था कि दोनों ने होमवर्क नहीं बनाया था। बाल स्वभाव के अनुकूल हुई इस गुस्ताखी की सजा देने में मौलवी शिक्षक ने यातना की हद पार कर दी।

घटना रविवार की शाम करीब 08:30 बजे की बताई जा रही है। आसपास से गुजरते लोगों ने बच्चों के चीखने की आवाज सुनी तो उनके परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही जो जिस स्थिति में था, उसी हालत में घर से कोचिंग की तरफ दौड़ पड़ा। वहां पहुंचकर दोनों बच्चों का हालत देख सभी अवाक रह गये। परिजनों ने अपने बच्चों को गोदी में उठाकर पहले थाने पहुंचाया, जहां से पुलिस ने दोनों मासूमों को इलाज के लिये सीएचसी भेज दिया। रात भर अस्पताल में भर्ती रहने के बाद सुबह तक बच्चों की हालत में कुछ सुधार हुआ तो उन्हें घर भेज दिया गया।

मौलवी की आदत में शुमार थी बच्चों की पिटाई

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इधर शिक्षक की कारतूस से ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर जा पहुंचा। लोगों ने आरोपी मौलवी शिक्षक की तलाश शुरू कर दी। इसी दौरान अनहोनी की आशंका को भांपते हुए शिक्षक घर छोड़ कर फरार हो गया। बताया जाता है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, जब उस शिक्षक ने कोचिंग में बच्चों पर ऐसा जुल्म ढाया है। सूत्रों के अनुसार ऐसी घटनाएं बार-बार दोहराने वाले इस मौलवी शिक्षक की आदत में शुमार था।

बंद कमरे में छटपटाते बच्चों पर की छड़ी की बरसात

ग्रामीणों की मानें तो होमवर्क नहीं करने वाले दोनों मासूमों को थप्पड़ से पीटने के बाद भाी जब मौलवी का मन नहीं भरा तो दोनों बच्चों को एक कमरे में अंदर से बन्द कर मन भर पीटा। इस दौरान दोनों मासूम जमीन पर छटपटाते व चिल्लाते रहे, लेकिन शिक्षक को उन दोनों बच्चों पर कोई तरस नहीं आयी। बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर जब अगल-बगल के पड़ोसी पहुंचे तो हकीकत सामने आई।

कोरोना गाइडलाइंस की धज्जी उड़ा रहा था मौलवी

मालूम हो कि मौलवी शिक्षक गांव के ही एक दरवाजे पर करीब तीन वर्षों से कोचिंग चला रहा है। कोविड-19 के गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाते हुए वह करीब 150 से 200 बच्चों को उर्दू की तालीम देता था। इसके एवज में प्रत्येक माह 3 सौ रुपये लेता था। इस बीच रविवार की शाम बच्चों पर जुल्म ढाने की यह घटना सामने आने के बाद अन्य अभिवावक भी अपने बच्चों को लेकर चिंतित नजर आने लगे हैं।

पुलिस ने कहा- शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई

दूसरी ओर, पिटाई से जख्मी बच्चों के परिजनों ने आरोपित शिक्षक के विरुद्ध सामाजिक एवं कानूनी दंड मिलने की बात कही। इधर सहायक थानाध्यक्ष किशोर कुणाल ने बताया कि रात्रि में जख्मी बच्चे को लेकर परिजन थाने आये थे, जहां से उन्हें पहले इलाज के लिये अस्प्ताल भेज दिया गया था। सोमवार को इस मामले में अभिभावकों की तरफ से कोई आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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