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जाली नोटों के दो सौदागरों की सरगर्मी से तलाश, NIA को सूचना देने पर मिलेगा इनाम

नेपाल के परसा जिले छपकहिया निवासी हैं दोनों धंधेबाज, सुरक्षा एजेंसियां भी मुस्तैद

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जानकारी पक्की मिली तो 25 हजार का इनाम तय, NIA ने जारी किए टेलीफोन नंबर

दरभंगा ब्लास्ट के बाद भारत विरोधी कार्य में लगे लोगों की कुंडली खंगाल रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी

राजेश कुमार शर्मा की रिपोर्ट

जोगबनी/अररिया (voice4bihar news)। बिहार के दरभंगा में रेलवे स्टेशन पर पार्सल में हुए विस्फोट की जांच में जुटी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की नजर अब भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में चल रही भारत विरोधी गतिविधियों पर भी है। सीमावर्ती क्षेत्र में देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों की तलाश राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। इसके लिए जाली नोटों के कारोबार में संलिप्त धंधेबाजों को चिन्हित कर तलाश शुरू की गई है। इनकी तलाश के लिए सीमा पर तैनात सक्रिय सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट किया गया है।

जाली नोटों के कारोबारियों पर इनाम घोषित

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय जाली नोटों के धंधे से जुड़े दो नेपाली नागरिकों के ऊपर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। भारतीय करेंसी की जालसाजी के धंधे से जुड़े इनामी अपराधी नेपाल के परसा जिले के छपकहिया के इनरवा निवासी बताये जाते हैं। इनमें इनरवा के वार्ड संख्या-19 निवासी मोतीलाल का पुत्र चंदेश्वर उर्फ कीनू तथा वार्ड संख्या 2 निवासी मोहम्मद इब्राहिम शामिल हैं, जिन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) सरगर्मी से तलाश रही है।

सूचना के लिए जारी किए गए हैं फोन नंबर

भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल इन दोनों की गुप्त सूचना देने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आम जनता से भी सहयोग मांगा है। इसके लिए NIA के कंट्रोल रूम दिल्ली के फोन नम्बर 011-24368800 व रायपुर शाखा का फोन नम्बर 0771-297235 जारी कर इनकी सूचना देने को कहा गया है। इसके साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया है कि सूचना देने वालों की पहचान पूर्णतः गुप्त रखी जाएगी और सूचना सटीक होने पर इनाम की राशि दी जाएगी।

यूपी व दिल्ली को नेपाल से जोड़ने वाले राजमार्गों पर निगरानी

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जाली नोटों के कारोबारियों की तलाश में NIA चौतरफा निगरानी कर रही है। सूत्रों की मानें तो दरभंगा में पार्सल विस्फोट की कड़ियां जोड़ने के क्रम में भारत-नेपाल सीमा पर भारत विरोधी गतिविधियों पर NIA की निगाह पड़ी। ऐसे में जाली नोटों के कारोबार से जुड़े इन दोनों की तलाश तेज हो गयी है।

यह भी पढ़ें : एनआईए पहुंची दरभंगा, पार्सल विस्फोट की जांच में जुटी

पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल में चिपकाए गए हैं पोस्टर

भारत से जुड़ी नेपाल की पश्चिमी सीमा पर अवस्थित उत्तर प्रदेश व दिल्ली को नेपाल से जोड़ने वाले राजमार्ग व सहायक ग्रामीण मार्ग पर निगरानी रखी जा रही है। इस संबंध में पूछे जाने पर एसएसबी 71वीं वाहनी के कमाण्डेन्ट प्रियव्रत शर्मा ने कहा कि रक्सौल के अनुमंडल क्षेत्र में जाली नोटों के धंधेबाजों के संबंध में पोस्टर चिपकाए गए हैं।

जाली नोटों के कारोबार के माध्यम से भारत में हो रही टेरर फंडिंग

बीते 27 फरवरी को एसएसबी 52वीं बटालियन की सीमा चौकी लेटी ने एक लाख 66 हजार पांच सौ रुपये के जाली नोटों के साथ एक शख्स को गिरफ्तार किया था। युवक की गिरफ्तारी के बाद एसएसबी 52वीं वाहनी ने जाली नोट होने की बात कही थी। गिरफ्तार युवक परवेज आलम लेटी गांव के ही मो. हातिम का पुत्र बताया गया था। इस प्रकरण की गहराई से जांच होने पर सनसनीखेज खुलासा हुआ।

ग्राहक सेवा केंद्र संचालक के जरिये जम्मू-कश्मीर भेजे जा रहे थे नोट

जांच एजेंसी को यह जानकारी मिली कि एक सीएसपी संचालक के माध्यम से ये रुपये जम्मू कश्मीर भेजे जाने थे, जिसका इस्तेमाल टेरर फंडिंग के रूप में किया जाना था। दूसरी ओर गिरफ्तार युवक ने जांच एजेंसी को बताया है कि जाली नोटों की खेप नेपाल के मोरंग जिले के रंगेली से एक सोना चांदी के ज्वेलर्स के यहां से लाया था। इस खुलासे के बाद भारत-नेपाल सीमा पर भारत विरोधी गतिविधियां संचालित होने की आशंका पुष्ट हुई है।

यह भी देखें : नेपाल भाग गया मोहम्मद सुफियान, एनआईए करेगी जांच

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