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शराब कांड में दलित चौकीदार के निलंबन का मामला गरमाया, चिराग पासवान ने डीजीपी को लिखा पत्र

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संदिग्ध अवस्था में मिली 13 वर्षीया छात्रा के शव का पुलिस ने क्यों नहीं कराया पोस्टमार्टम?

थाने के पदाधिकारियों के विरुद्ध आवाज उठाने पर चौकीदार को शराब कांड में फंसाया

अररिया (voice4bihar news)। बिहार के पूर्णिया जिले में दलित प्रताड़ना के दो मामलों को लेकर चल रही सियासत के बीच अररिया जिले का भी एक मामला पटल पर आ गया है। वैसे तो यह मामला अररिया जिले के फुलकाहा थानाध्यक्ष हरेश तिवारी व उन्हीं के थाने के निलंबित चौकीदार डोमी राम के बीच कानूनी लड़ाई है, लेकिन शराब कांड से शुरू इस केस में अब राजनीति भी शुरू हो गयी है। मामले को सियासी पुट तब मिला जब लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने पुलिस महानिदेशक के पास पत्र लिखकर चौकीदार का पक्ष लिया।

शराब कारोबारी से मिलीभगत का आरोप है चौकीदार पर

दरअसल फुलकाहा थाना क्षेत्र में आइसक्रीम की पेटी में शराब बेचते पकड़े गए एक शख्स के साथ मिलीभगत के आरोप में चौकीदार डोमी पासवान को सस्पेंड कर दिया गया था। यह घटना दो माह पहले की है। इसमें नया मोड़ तब आया जब चौकीदार को शराब कांड में फंसाने का आरोप लगाते हुए उनकी पत्नी किरण देवी ने एसपी से गुहार लगाने के साथ ही अदालत का दरवाजा खटखटाया। किरण देवी ने अररिया न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराते हुए फुलकाहा थाना प्रभारी हरीश तिवारी, सहायक अवर निरीक्षक संतोष कुमार ठाकुर और ललित चौकीदार पर धमकाने, जाति सूचक गाली देने, मर्यादा भंग करने का आरोप लगाया है।

चिराग पासवान ने डीजीपी को लिखा पत्र, निष्पक्ष जांच की मांग

इस बीच लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह जमुई के सांसद चिराग पासवान ने इस मामले में संज्ञान में लेते हुए चौकीदार डोमी पासवान की पत्नी किरण देवी के अनुरोध पर डीजीपी की पत्र लिख दिया। 5 मई को लिखे पत्र में चिराग ने पुलिस महानिदेशक से मामले की निष्पक्ष जांच करवाने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि इस मामले की जांच उच्च स्तरीय हो एवं जो भी दोषी हैं उन्हें सजा हो तथा प्रार्थी को न्याय दिलाया जाए। इस पत्र की एक प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक अररिया को भी भेजने की बात कही है।

फुलकाहा शराब कांड : क्या है पूरा मामला!

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अररिया पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन में चौकीदार डोमी पासवान के पत्नी किरण देवी ने बताया है कि उनके पति को साजिश के तहत फुलकाहा थानाध्यक्ष हरेश तिवारी व एएसआई संतोष कुमार ठाकुर, एएसआई श्रीराम शर्मा सहित अन्य लोगो ने फंसाया है। घटनाक्रम के बारे में किरण देवी ने बताया कि छह माह पहले दर्ज हुए फुलकाहा थाना कांड संख्या 63/21 में शराब के साथ पकड़े गए मानिकपुर वार्ड 10 निवासी अर्जुन यादव को चौकीदार डोमी पासवान ने ही गिरफ्तार किया था। इस बात की पुष्टी फुलकाहा थाना के कागजात से की जा सकती है।

दूसरी ओर फुलकाहा थाना कांड संख्या 63/21 में एएसआई संतोष कुमार ठाकुर ने लिखा है कि 4 अप्रैल की सुबह 9:34 बजे अररिया पुलिस अधीक्षक की गोपनीय प्रशाखा ने सूचना दी कि एक मानिकपुर के लड़के को आइसक्रीम बक्सा में शराब ले जाते हुए डोमी चौकीदार ने पकड़ा है। नवाबगंज दुर्गा मंदिर के पास पकड़ कर चौकीदार उसे छोड़ रहा है, जबकि ग्रामीणों ने उन्हें घेर रखा है। इसकी के आधार पर डोमी पासवान को शराब कांड में पकड़ा गया।

इसके जवाब में किरण देवी का कहना है कि डोमी पासवान ने अपने मोबाइल से सुबह के 9:00 बजे ही अभियुक्त अर्जुन यादव को पकड़ने के उपरांत फुलकाहा थानाध्यक्ष के सरकारी मोबाइल नंबर पर फोन किया। फोन नहीं लगने के कारण उन्होंने तुरंत फुलकाहा थाना में पदस्थापित एएसआई सह मुंशी संतोष कुमार ठाकुर के मोबाइल नंबर पर फोन कर इसकी सूचना दी। साथ ही अतिशीघ्र घटनास्थल पर पुलिस बल के साथ आने के लिए कहा, लेकिन संतोष कुमार ठाकुर ने थानाध्यक्ष हरेश तिवारी को फोन कर सूचना देने को कहा।

इसी बीच श्रीराम शर्मा ने एक स्थानीय जनप्रतिनिधि को फोन करके कहा कि शराब तस्कर अर्जुन यादव को डोमी चौकीदार से छुड़ाकर भगा दीजिए। घटनास्थल पर अतिशीघ्र के पहुंचने के बजाय थानाध्यक्ष हरेश तिवारी की अगुवाई में उपरोक्त वर्णित सभी व्यक्ति घटनास्थल पर देर से आए और इस केस में डोमी राम को फंसा दिया। किरण देवी ने कहा है कि इस बात की पुष्टि उपरोक्त चारों मोबाइल नंबर सीडीआर निकालने से हो सकता है।

किशोरी की मौत का इस केस से क्या कनेक्शन?

अपने पति की तरफ से सफाई देने के साथ ही किरण देवी ने स्थानीय थानेदार पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। इस क्रम में एक किशोरी की मौत के मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल भी उठाये हैं। किरण देवी ने कहा है कि फुलकाहा थाना कांड संख्या 63/21 दर्ज होने से लगभग 10/12 दिन पूर्व डोमी पासवान के कार्य क्षेत्र में एक और घटना हुई थी, जिसका इस केस से सीधा संबंध है।

दरअसल नवाबगंज वार्ड संख्या 9 निवासी 13 वर्षीय अंजली कुमारी, पिता मनोज पासवान की रहस्यमय परिस्थिति में मौत हो गयी थी। इस घटना में बिना जांच पड़ताल किये व बिना प्राथमिकी दर्ज किये ही मामले को रफा-दफा कर दिया गया। यहां तक कि किशोरी के शव का पोस्टमार्टम करवाए बिना ही थानाध्यक्ष हरेश तिवारी ने शव का अंतिम संस्कार करा दिया।

चौकीदार डोमी पासवान ने मामले को रफा-दफा किए जाने का विरोध फुलकाहा थानाध्यक्ष सहित थाने में तैनात अन्य अफसरों के समक्ष किया। इसी बात से थानाध्यक्ष हरेश तिवारी व अन्य पुलिस अफसरों ने एक साजिश रची। जिस कांड में डोमी पासवान पर कार्रवाई हुई है, उसमें गवाह के तौर पर वही लोग रखे गए हैं, तो मृत लड़की के रिश्तेदार हैं और थानेदार का एहसान चुकाने के लिए झूठी गवाही दे रहे हैं। उन्हें डर है कि थानेदार की बात नहीं मामने पर अंजली कुमारी की मौत का मामला फिर से खुल सकता है।

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