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हर ग्राम पंचायत में खोलें बैंक की शाखा : मुख्यमंत्री

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 76वीं बैठक में हुए शामिल मुख्यमंत्री

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पटना (voice4bihar desk)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की76 वीं बैठक में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 5000 हजार की आबादी पर बैंकों की शाखा खोलने की आपलोगों की योजना नहीं पूरी हो पा रही है। हम शुरु से कहते आ रहे हैं कि हरेक ग्राम पंचायत में बैंकों की एक शाखा खोली जाए। हमारे यहां औसत ग्राम पंचायत की आबादी 11 हजार है जबकि यहां 16 हजार की आबादी पर बैंकों की शाखा है। हमलोग बैंकों की शाखा के लिए पंचायत सरकार भवन में जगह देने को तैयार हैं। बैंकों की शाखा खुलेगी, बैंकों का विस्तार होगा तो न सिर्फ राज्य और देश का विकास होगा बल्कि बैंकों का भी विकास होगा।

सीडी रेशियो बढ़ाएं और इसे राष्ट्रीय स्तर के लक्ष्य तक लाने की कोशिश करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में भी बैंकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। वर्ष 2020-21 में राज्य का क्रेडिट डिपॉजिट (सीडी) रेशियो 46.40 प्रतिशत रहा है जबकि पूरे देश का 76.5 प्रतिशत रहा है। इस मामले में लक्ष्य से हमलोग काफी पीछे हैं। राष्ट्रीय स्तर तक सीडी रेशियो के लक्ष्य को लाने की कोशिश करें। यहां के लोगों का पैसा यहां के बैंकों में जमा होता है जबकि यह विकसित राज्यों में चला जाता है।

बिहार के लोगों का बैंकों पर पूरा भरोसा है जिस कारण वे अपना पैसा बैंकों में रखते हैं। कुछ राज्य ऐसे हैं जिसका सीडी रेशियो 100 प्रतिशत से ऊपर है। बिहार के कई जिलों में लक्ष्य से काफी कम सीडी रेशियो है। राज्य की राजधानी पटना, जो काफी एक्टिविटी वाला जिला है इसकी भी सीडी रेशियो 39.22 प्रतिशत है।

अगले वर्ष के एनुअल क्रेडिट प्लान के लक्ष्य को पूरा करें

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मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020-21 में एनुअल क्रेडिट प्लान (एसीपी) का लक्ष्य 1 लाख 54 हजार 500 करोड़ रखा गया था, जिसका 87.86 प्रतिशत, 1 लाख 27 हजार 161 करोड़ रुपये खर्च किया गया। मुख्य कृषि क्षेत्र के लिए 47 हजार 778 करोड़ रुपये जबकि एग्रिकल्चर अलायड क्षेत्र में 917 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो कि लक्ष्य से कम है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष के लिए एसीपी का लक्ष्य 1 लाख 61 हजार 500 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है । कृषि क्षेत्र के लिए 51 हजार 500 करोड़ रुपये तथा एग्रिकल्चर अलायड के लिए 15 हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उम्मीद है इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कदम उठाएंगे।

एमएसएमई के क्षेत्र में बिहार में काफी संभावनाएं, इसे बढ़ावा देने के लिए बैंकों का सहयोग जरूरी

उन्होंने कहा कि एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) के क्षेत्र में बिहार में काफी संभावनाएं हैं। विकास के कई कार्य किए गए हैं। राज्य में व्यापार बढ़ा है लेकिन उस तरह उद्योग की प्रगति नहीं हुई जैसा हमलोग चाहते हैं। एमएसएमई क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए आपके सहयोग जरुरत है। अगले वर्ष के एसीपी में एमएसएमई के लिए 35 हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है। मेरा निवेदन है कि इसे पूरा करें।

उन्होंने कहा कि यहां के लोगों का जो पैसा यहां जमा है उसी का हिस्सा आपको लगाना है। मेडिकल के क्षेत्र में तथा ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं। इथेनॉल के उत्पादन के लिए हमलोग वर्ष 2007 से ही प्रयासरत हैं। बिहार में इथेनॉल उत्पादन की काफी संभावनाएं हैं इसके लिए कई प्रस्ताव आ रहे हैं, जिसमें आपके सहयोग की जरुरत है। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा के लिए औद्योगिक प्रोत्साहन नीति लायी गई। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान बाहर से आए श्रमिकों को यहीं पर रहकर काम करने की व्यवस्था की जा रही है। हमलोग इसके लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। पश्चिम चंपारण में कुछ श्रमिक सामूहिक तौर पर बेहतर काम कर उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया है। इससे 1.27 करोड़ परिवार जुड़ चुके हैं। जीविका समूहों को बैंकों की मदद करने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि आपलोगों की सुरक्षा के लिए हमलोग हमेशा चिंतित रहते हैं। बैंकों की सुरक्षा के इंतजाम में किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं रहेगी। बैंकों में सशस्त्र गार्ड की नियुक्ति करें। उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारियों के साथ मुख्य सचिव, डीजीपी के स्तर पर बैठक आयोजित की जाये जिसमें सुरक्षा संबंधी सुझावों पर गौर कर आगे की कार्रवाई हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की बैठक में सिर्फ बातचीत ही न हो बल्कि जो लक्ष्य निर्धारित किये जाते हैं उस पर गंभीरता से अमल हो। कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, मुख्य महाप्रबंधक एसबीआई सुरेंद्र कुमार राणा, महाप्रबंधक एवं प्रभारी भारतीय रिजर्व बैंक बृजराज और मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड डॉ० सुनील कुमार ने भी संबोधित किया।

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