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लॉकडाउन उल्लंघन के आरोप में पप्पू यादव गिरफ्तार

भाजपा सांसद से पंगा लेना पूर्व सांसद को पड़ा महंगा

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पटना (Voice4bihar desk)। भाजपा सांसद से पंगा लेना जाप प्रमुख पप्पू यादव को फिलहाल महंगा पड़ता दिख रहा है। मंगलवार की सुबह पटना पुलिस ने उन्हें उनके बुद्धा कॉलोनी स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। टाउन डीएसपी के नेतृत्व में पहुंची पांच थानों की पुलिस आज सुबह उन्हें गिरफ्तार कर गांधी मैदान थाने ले आयी। उन पर लॉकडाउन का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।

शहर में इस बात की खबर फैलते ही पप्पू यादव के समर्थक काफी संख्या में थाने के बाहर जमा हो गये। पुलिस ने मधेपुरा के पूर्व सांसद पप्पू यादव का कोरोना एंटीजेन टेस्ट किया है जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आयी है। अब पटना पुलिस उन्हें बेऊर जेल भेजने की तैयारी में है। इस बीच गांधी मैदान थाने के पास जमा उनके हजारों समर्थक उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं।

अपनी गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव ने बयान जारी कर कहा है कि लॉकडाउन उल्लंघन के नाम पर गिरफ्तार कर सरकार ने खुद अपने पांव पर कुल्हाड़ी मार ली है। उन्होंने कहा है कि जाग गयी जनता तो मोदी-नीतीश को यह भारी पड़ेगा। साथ ही उन्होंने पीएम और सीएम को चैलेंज करते हुए कहा कि कोरोना काल में जिंदगियां बचाने के लिए अपनी जान हथेली पर रख जूझना अपराध है, तो हां मैं अपराधी हूं। PM साहब, CM साहब, दे दो फांसी या भेज दो जेल, झुकूंगा नहीं, रुकूंगा नहीं। लोगों को बचाऊंगा। बेईमानों को बेनकाब करता रहूंगा। बयान में पप्पू यादव ने कहा है कि मुझे गिरफ्तार कर पटना के गांधी मैदान थाने ले आया गया है।

इस बीच, पप्पू यादव की रिहाई की मांग कर सरकार में शामिल दलों हम और वीआईपी ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी है। हम के प्रमुख जीतन राम मांझी ने इसे मानवता के खिलाफ बताया है। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा है कि कोई जनप्रतिनिधि अगर दिन-रात जनता की सेवा करे और उसके एवज़ में उसे गिरफ़्तार किया जाए, ऐसी घटना मानवता के लिए ख़तरनाक है। ऐसे मामलों की पहले न्यायिक जांच हो तब ही कोई कारवाई होनी चाहिए नहीं तो जन आक्रोश होना लाज़मी है।

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एक अन्य बयान में वीआईपी प्रमुख और बिहार सरकार में मंत्री मुकेश सहनी ने भी पुलिस की कार्रवाई को असंवेदाशीलता बताया। उन्होंने कहा है कि जनता की सेवा ही धर्म होना चाहिए। सरकार को जन प्रतिनिधि, सामाजिक संस्था एवं कार्यकर्ता को आमजन की मदद के लिए प्रेरित करना चाहिए। सहनी ने कहा है कि ऐसे समय में सेवा में लगे पप्पू यादव को गिरफ्तार करना असंवेदनशीलता है। साथ ही उन्होंने जन प्रतिनिधि को भी कोरोना गाइड्लाइन का सख़्ती से पालन करते हुए कार्य करने की नसीहत दी है।

इधर, पप्पू यादव की रिहाई के लिए उनके समर्थकों ने ट्वीटर पर भी कैंपेन शुरू किया है। #ReleasePappuYadav शीर्षक से चल रहा कैंपेन ट्वीटर पर टॉप ट्रेंड कर रहा है। पप्पू यादव के समर्थक उन्हें सुपर हीरो बता रहे हैं जबकि बिहार सरकार के इस कदम के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा के छपरा के सांसद राजीव प्रताप रूडी निशाने पर हैं।

बता दें कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर में एक साथ हजारों मरीजों के बीमार पड़ने के बाद पूर्व सांसद पप्पू यादव लगातार सक्रिय हैं। एनएमसीएच, पीएमसीएच, पटना एम्स और आईजीआईएमएस में भर्ती मरीजों का वे हाल ले रहे हैं और जरूरतमंदों को दवा, ऑक्सीजन भी उपलब्ध करा रहे हैं। सत्ताधारी दल के एमएलसी तनवीर अख्तर के लिए भी प्लाज्मा का इंतजाम पप्पू यादव ने ही किया था। हांलांकि तनवीर अख्तर को बचाया नहीं जा सका।

इसके अलावा पप्पू यादव लगातार स्वास्थ्य व्यवस्था की नाकामियों की पोल खेल रहे हैं। दवा और ऑक्सीजन की कालाबाजारी से लेकर निजी अस्पतालों और एंबुलेंस चालक की मनमानी वसूली के खिलाफ वे लगातार हमलावर हैं। हाल ही में छपरा के एक गांव में 40 एंबुलेंस को भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी पर छुपाकर रखने का आरोप भी पप्पू यादव ने लगाया था। इसके बाद से पप्पू यादव भाजपा के भी निशाने पर आ गया। पप्पू यादव के समर्थकों का मानना है कि भाजपा सांसद पर एंबुलेंस चोरी करने का आरोप लगाने के कारण ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है।

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