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इस गति से टीकाकरण में लगेंगे पांच साल

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पटना (voice4bihar desk)। बिहार में जिस गति से कोरोना से बचाव का टीकाकरण हो रहा उसके मुताबिक यहां टीकाकरण पूरा होने में पांच साल से अधिक समय लगेंगे। बिहार की कुल आबादी लगभग 12 करोड़ है और यहां अब तक लगभग 12 लाख लोगों को टीके के दोनों डोज लगाये गये हैं जबकि करीब 72 लाख लोगों को पहला डोज लगाया गया है। बिहार समेत पूरे देश में 16 जनवरी से कोरोना से बचाव का टीकाकरण शुरू हुआ है। यानी पिछले करीब साढ़े तीन महीने में बिहार के सिर्फ एक फीसद लोगों को दोनों डोज और छह फीसद लोगों को एक डोज दिया गया है।

105 दिनों में महज 12 लाख लोगों का हुआ पूर्ण टीकाकरण

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बिहार सरकार के राज्य स्वास्थ्य समिति के आंकड़े के अनुसार एक मई तक बिहार में 72,28,280 लोगों को टीके की एक खुराक दी गयी है। यह आंकड़ा 105 दिनों का है। इन 105 दिनों में 12,16,445 लोगों को दोनों डोज दिये गये हैं। बिहार में अब तक टीकाकरण के दो चरण चलाये गये हैं जबकि तीसरे चरण तैयारी चल रही है। पहले चरण में साठ साल से अधिक के सामान्य लोगों के अलावा हेल्थ वर्कर, पुलिस और सेना के जवानों का टीकाकरण किया गया। दूसरे चरण में 45 साल से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण किया गया और अब तीसरे चरण में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण किया जाना है।

कोरोना महामारी से बचाव में टीकाकरण को सबसे कारगर हथियार माना जा रहा है। पर इसकी धीमी रफ्तार लोगों पर भारी पड़ रही है। कई लोग ऐसे हैं जो सरकार द्वारा फिक्स क्राइटेरिया में आने के बावजूद टीका नहीं लगवाना चाह रहे हैं तो कई ऐसे हैं जो टीका लगवाना चाह रहे हैं पर क्राइटेरिया में फिट नहीं बैठ रहे हैं।

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