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मांझी ने कहा-वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री की तस्वीर क्यों? मुख्यमंत्री की क्यों नहीं…

कहा- तस्वीर लगाने का इतना ही शौक है तो डेथ सर्टिफिकेट पर भी लगाएं

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पूर्व मुख्यमंत्री के ट्विट पर मचा सियासी भूचाल, आ रही तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं

पटना (voice4bihar news)। देश भर में फैले कोरोना संक्रमण व वैक्सीनेशन के खिलाफ कमजोर पड़ती सरकार की कोशिशों के बीच अब सियासत भी तेज हो गयी है। दुनिया के कई देश जहां अपने नागरिकों का वैक्सीनेशन करने के बाद देश को ‘मास्क फ्री’ घोषित कर चुके हैं, वहीं भारत में अभी वैक्सीन की किल्लत के कारण इच्छुक लोगों को स्लॉट नहीं मिल रहा है। ऊपर से ट्विटर पर छिड़ी सियासी टिप्पणी अब प्रधानमंत्री तक जा पहुंची है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने पीएम को निशाना बनाते हुए दो ऐसे ट्विट किये हैं, जिसने राजनीति में भूचाल ला दिया है।

वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर राष्ट्रपति या मुख्यमंत्री की भी तस्वीर हो

दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की आपत्ति यह है कि कोरोना से बचाव के लिए दिये जाने वाले वैक्सीन के सर्टिफिकेट पर सिर्फ प्रधानमंत्री की तस्वीर क्यों लगी है। कायदे से इसमें देश के सर्वोच्च पद पर बैठे राष्ट्रपति की तस्वीर भी लगनी चाहिए थी। क्योंकि संवैधानिक संस्थाओं के सर्वे सर्वा राष्ट्रपति हैं। अगर राजनीतिक शख्सियत की तस्वीर लगनी ही है तो संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री की तस्वीर क्यों नहीं?

ज्ञात हो कि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख श्री मांझी ने रविवार को गया के महकार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज ली थी। वैक्सीनेशन के बाद मिले सर्टिफिकेट पर पीएम मोदी की तस्वीर देख उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल दाग दिया। जाहिर है इस सवाल के बाद सियासी बवाल होना लाजिमी है।

रविवार को किये गए ट्विट में श्री मांझी ने लिखा- “को-वैक्सीन का दूसरा डोज़ के उपरांत मुझे प्रमाण-पत्र दिया गया जिसमें प्रधानमंत्री की तस्वीर लगी है। देश में संवैधानिक संस्थाओं के सर्वेसर्वा राष्ट्रपति हैं इस नाते उसमें राष्ट्रपति की तस्वीर होनी चाहिए,वैसे तस्वीर ही लगानी है तो राष्ट्रपति के अलावा P.M स्थानीय C.M की भी तस्वीर हो।”

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ज्यादा शौक है तो डेथ सर्टिफिकेट पर भी लगवाएं तस्वीर

बात यहीं खत्म नहीं हुई। रविवार की शाम आए इस ट्विट पर अभी बहस चल ही रही थी कि जीतन राम मांझी ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए सीधे प्रधानमंत्री को कठघरे में ला खड़ा किया। उन्होंने यहां तक कह दिया कि यदि वैक्सीनेशन वाले सर्टिफिकेट पर प्रधानमंत्री की तस्वीर लगाई जा रही है तो कोरोना काल में हुई मौत के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र पर भी वही तस्वीर लगाई जाए। श्री मांझी ने लिखा- “वैक्सीन के सर्टिफिकेट पर यदि तस्वीर लगाने का इतना ही शौक़ है तो कोरोना से हो रही मृत्यु के डेथ सर्टिफिकेट पर भी तस्वीर लगाई जाए। यही न्याय संगत होगा।”

उल्लेखनीय है कि बिहार में इन दिनों चल रहे ‘ट्विटर वॉर’ में इन दिनों भाजपा के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी के अलावा राजद प्रमुख लालू प्रसाद व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का परिवार अपनी बेबाक टिप्पणियों को लेकर सुर्खियां बटोर रहा है। अब देखना है कि वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर तस्वीर का यह मामला क्या रंग लाता है।

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