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गांजा तस्करी के मास्टरमाइंड के दो भाई शराब की खेप के साथ दबोचे गए

रोहतास, कैमूर व भोजपुर सहित झारखंड के 11 शराब तस्कर गिरफ्तार

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शाहाबाद में शराब माफिया और गांजा तस्करों के आपस में जुड़ रहे तार

कहीं एक ही गांव के रहने वाले दो तस्कर, तो कहीं आपस में खून का रिश्ता

नशा के कारोबार में एक भाई का नाम आने के बाद भी धंधे से मोह भंग नहीं

अभिषेक कुमार के साथ बजरंगी कुमार सुमन की रिपोर्ट

सासाराम (voice4bihar news)। राज्य में शराबबंदी कानून पर सख्ती के बाद शराब माफियाओं ने गांजा तस्करी को भी मुख्य धंधा बना लिया है। इन दोनों अवैध धंधे के तार आपस में काफी हद तक जुड़ते नजर आ रहे हैं। हाल ही में रोहतास जिले में पकड़े गए गांजा तस्करों व शराब तस्करों के आपसी रिश्ते ने पुलिस को भी हैरत में डाल दिया है। कहीं ये तस्कर आपस में भाई हैं, तो कहीं एक ही गांव के निवासी। जानकार बताते हैं कि नशे के काराबार में होने वाली काली कमाई की चकाचौंध इस कदर छाई है कि एक भाई पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने के बाद भी अन्य भाइयों ने तस्करी का धंधा नहीं छोड़ा।

कैमूर के सलखुआ गांव के पांच शख्स गांजा व शराब तस्करी में लिप्त

विदित हो कि रोहतास पुलिस ने एक ट्रक शराब के साथ तस्करों और कार में सवार लाइनरों को धर दबोचा है। दबोचे गए शराब तस्करों में कुछ तस्कर ऐसे हैं जिनके गांव के तस्कर को गांजा सप्लाई में जेल जा चुके हैं। साथ ही रोहतास पुलिस कुछ को तलाशने में भी जुटी है। कैमूर के सलखुआ गांव के पांच तस्करों का नाम सामने आ चुका है, इनमें चार की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। गांजा तस्करी का मास्टरमाइंड अब भी दिनेश कुमार अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

गांजा तस्करी का मास्टरमाइंड दिनेश कुमार अब भी गिरफ्त से बाहर

कुछ माह पहले गांजा तस्करी में पकड़े गए कैमूर जिले के सलखुआ निवासी ट्रक चालक ओमप्रकाश सिंह व खलासी निरंजन कुमार व इसी गांव के दिनेश कुमार पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने के बावजदू दिनेश के दो भाई शराब तस्करी में पकड़े गए हैं। सवाल उठता है कि इन तस्करों के बीच खून का रिश्ता व एक ही गांव का निवासी होना महज संयोग है या दोनों गिरोहों का आपस में कनेक्शन भी है? साथ ही गांजा तस्करी का फरार मास्टरमाइंड दिनेश कुमार की शराब तस्करी में संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

यह भी पढ़ें : रोहतास में फिर पकड़ी गयी गांजा की बड़ी खेप, गांजा लोडेड ट्रक के साथ एक धराया

मिनी ट्रक में लदी थी शराब, कार में चल रहे थे लाइनर

शनिवार को पुलिस कप्तान आशीष भारती को शराब ट्रांसपोर्टिंग से संबंधित मिली सूचना के आधार पर अगरेर पुलिस ने बाराडीह बाजार में संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की। इस दौरान एक मिनी ट्रक और कार से 691.2 लीटर विदेशी शराब जब्त की गयी है। आठ शराब माफिया और तीन लाइनर को दबोचते हुए एक दर्जन से अधिक मोबाईल जब्त किया है। पुलिस द्वारा दबोचे गये तस्करों में रोहतास सहित भोजपुर और कैमूर के अलावे झारखंड के तस्कर भी शामिल हैं।

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इसी ट्रक में लोड कर लाई जा रही थी शराब की खेप।

शराब तस्करी इन शातिरों की हुई गिरफ्तारी

अगरेर पुलिस ने जिन शराब तस्करों को दबोचा है, उनमें रोहतास जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत मुरादाबाद खुर्द गांव निवासी स्व. पूर्णवासी महतो के पुत्र अयोध्या सिंह, निर्मलपुर गांव निवासी राजेंद्र सिंह के पुत्र समरेश कुमार सिंह, रामपुर निवासी योगेंद्र सिंह के पुत्र रंजीत सिंह, करगहर थाना क्षेत्र के तेन्दुनी गांव निवासी कलेंद्र सिंह के पुत्र सीताराम सिंह, कैमूर जिले के कुदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत टुरथी गांव निवासी महरूम जान मोहम्मद के पुत्र असलम मियां, सलथुआ गांव निवासी स्व. रामएकबाल सिंह के पुत्र कमलेश सिंह और रमेश सिंह शामिल हैं।

इसके अलावे भोजपुर जिला अंतर्गत सिकरहट्टा थाना क्षेत्र के बेलडिहरी गांव निवासी गुप्तेश्वर सिंह के पुत्र राकेश कुमार सिंह, झारखंड के हजारीबाग जिला अंतर्गत चौपारण थाना क्षेत्र के दईवर गांव निवासी रामचंद्र चौधरी के पुत्र रवि कुमार चौधरी और चौपारण निवासी अमानुल्ला खान के पुत्र गुलाम खान भी शराब तस्करी के अभियुक्त के तौर पर शामिल हैं।

इसे भी देखें : पिकअप वैन पर लदी शराब की खेप जब्त, आल्टो पर सवार लाइनर गिरफ्तार

मिनी ट्रक में 11 हजार वोल्ट करंट का झटका!

अगरेर पुलिस के हाथ लगी शराब तस्करी की खेप के प्रकरण में एक मजेदार बात भी सामने आई है। जिस ट्रक में शराब लदी थी, उसके सामने लिखा था-“राणा इज बैक”। साथ ही इसके नंबर प्लेट के ऊपर एक खतरे के साइन वाला बोर्ड लगा था, जिस पर लिखा है- “खतरा, 11000 वोल्टस”। राणा इज बैक लिखना सामान्य बात हो सकती है, लेकिन एक मिनी ट्रक में 11हजार वोल्ट का खतरा कैसे लगेगा, यह समझ से परे है। माना जा रहा है कि बिजली विभाग की ओर से लगाए गए खतरे का बोर्ड कहीं से उखाड़कर ट्रक के आगे तार से नत्थी कर दिया गया होगा। तस्करों की इस कारिस्तानी को देख पुलिस वाले भी हंसी नहीं रोक सके।

भोजपुर के जिस गांव का निवासी है गांजा तस्कर, उसी गांव का रहने वाला शराब तस्कर धराया

सबसे बड़ी बात यह है कि दो दिन पहले पुलिस ने छत्तीसगढ़ से कुदरा-परसथुआ होते हुए गांजा की बड़ी खेप भोजपुर ले जाने के दौरान तस्कर के तौर पर विवेक कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह को धर दबोचा था। इस दौरान ट्रक से भूसे की बोरी में छिपा कर रखा गया 390.4 किलो गांजा बरामद किया था। इस मामले में भी तस्करों के आपसी कनेक्शन सामने आए हैं।

बताया जाता है कि विवेक कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह भोजपुर के सिकरहट्टा थाना क्षेत्र के बेलडिहरी गांव निवासी है। दूसरी ओर शराब की खेप के साथ पकड़े गए 11 तस्करों में शामिल राकेश कुमार भी सिकरहट्‌टा के बेलडिहरी गांव का ही रहने वाला है। इसी गांव के रहने वाले एक शख्स की शराब तस्करी में गिरफ्तारी महज संयोग नहीं हो सकती।

सासाराम मुफस्सिल थाने में दर्ज है विशाखापत्तनम से गांजा मंगाने का केस

इसके अलावे कैमूर के कुदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत सलथुआ गांव के कमलेश सिंह और रमेश सिंह नाम के जिन दो तस्करों को पुलिस ने दबोचा है, इन दोनों के भाई दिनेश सिंह पर आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से एक ट्रक गांजा रोहतास मंगाने का मामला मुफस्सिल थाना कांड संख्या 377/20 दर्ज है, जिसमें मुफस्सिल पुलिस ने अदमापुर से केला लदे ट्रक से 852 किलो गांजा बरामद किया था। इस मामले में ट्रक मालिक भोजपुर जिला बरनाव के दक्षिणी मठिया निवासी महादेव गिरी के पुत्र विनोद कुमार गिरी भी शामिल था।

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