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पप्पू यादव और सुशील मोदी के बीच ट्वीटर युद्ध

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पटना (voice4bihar desk)। बीती रात जाप प्रमुख पप्पू यादव और भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी के बीच ट्वीटर युद्ध चला। पप्पू यादव ने जहां सुशील मोदी को ज्यादा नहीं फड़फड़ाने की सलाह दी वहीं सुशील मोदी ने बिना पप्पू यादव का नाम लिए उन पर दवा दुकानदारों को धमकाने का आरोप लगाया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस करते पप्पू यादव।

पहले बात पप्पू यादव की। पप्पू यादव एक मात्र राजनेता हैं जो महामारी के इस दौर में सार्वजनिक जगहों पर देखे जा रहे हैं। लोगों के बीच मास्क बांटना हो या लोगों को रेमडेसिविर जैसी दवा की जरूरत हो, पप्पू यादव ही याद आ रहे हैं। एनएमसीएच में ऑक्सीजन सप्लाई की निगरानी से लेकर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के खिलाफ भी पप्पू यादव आवाज उठा रहे हैं। एंबुलेंस चालक द्वारा एक हॉस्पीटल पहुंचाने का 12,000 और तीन हॉस्पीटल का चक्कर लगाने पर 36,000 रुपये लिए जाने का विरोध भी पप्पू यादव ही कर रहे हैं।

पप्पू यादव रोज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर व्यवस्था की खामियों की ओर सरकार और मीडिया का ध्यान आकृष्ट कर रहे हैं। रेमडेसिविर की कालाबाजारी के लिए उसकी निर्माता कंपनी को भी रोज खरी खोटी सुना रहे हैं। पप्पू यादव ने बृहस्पतिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दवा निर्माता कंपनियों सिपला और हेटरो का नाम लेते हुए कहा कि रेमडेसिविर इंजेक्शन के अभाव में यदि बिहार में किसी की मौत होती है तो वे इन कंपनियों को बिहार में कारोबार नहीं करने देंगे।

पूर्व सांसद ने कहा कि उनके संगठन के पदाधिकारी नेपाल से रेमडेसिविर इंजेक्शन का सौ वाइल लेकर आये हैं जिसे वे जरूरतमंदों तक पहुंचा रहे हैं। बिहार में इस दवा के लिए दुकानदार 35 से 70 हजार रुपये तक वसूल रहे हैं। पूर्व सांसद ने डॉक्टरों को भी आड़े हाथ लेते हुए कहा कि जब रेमडेसिविर के बदले में दूसरी दवा दी जा सकती है तो वे क्यों यही दवा मरीजों को प्रिसक्राइब कर रहे हैं।

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सुशील कुमार मोदी

इसी को लेकर बृहस्पतिवार की रात सुशील मोदी ने दो ट्वीट किये। हालांकि इस ट्वीट में उन्होंने किसी का नाम नहीं था पर इशारा पूर्व सांसद पप्पू यादव की ओर ही था। सुशील मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा कि कुछ राजनीतिक दल के नेता दवा दुकानदारों को धमकी देकर रेमडेसिविर इंजेक्शन बड़ी संख्या में देने का दबाव बना रहें हैं ताकि उन्हें अपने समर्थकों को वितरित किया जा सके। दवा दुकानदारों से अपील है कि वैसे लोगों के बारे में सूचना दें जो दवा की किल्लत एवं कालाबाजारी कर रहें हैं।

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा कि रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री मनसुख भाई मांडविया की पहल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप से बिहार को कैडिला की 14000 वाइल, हेटेरो की 6500, माइलम की 1000, सिपला की 2000 और जुबिलेंट कंपनी की बनी रेमडेसिविर इंजेक्शन की 1000 वाइल का आवंटन हुआ है।

बाद में इसका जवाब देते हुए पूर्व सांसद पप्पू यादव ने अपने ट्वीटर हैंडल पर पोस्ट किया कि सुशील जी ज्यादा फड़फड़ाईये मत। आप ही थे न जो पटना जलजमाव में अपने पड़ोसियों, अपने अंगरक्षकों को उनके हाल पर छोड़ हाफ पैंट पहन भाग खड़े हुए थे। आप जैसे अखबारी नेताओं की औकात पता है। आपलोगों ने ही 15 साल में बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था का कबाड़ा किया। ड्रग माफिया से इलू-इलू नहीं चलेगा।

पप्पू यादव का कहना है कि रेमडेसिविर जैसी दवा के 35 से 70 हजार रुपये तक में बिकने में दवा माफिया का हाथ है और इसमें सरकार से लेकर राजनेता तक शामिल हैं। उन्होंने कहा है कि बिहार में एक-एक व्यक्ति को रेमडेसिविर आदि दवाई उपलब्ध नहीं हुई तो राज्य में सिपला और हेटरो जैसी दवा कंपनियों को बंद करवा देंगे। उनका ऑफिस, सेल्स मार्केटिंग ठप्प करवा देंगे। यह कोई धमकी नहीं, मेरा कठोर निर्णय है।

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