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नवादा में 16 मौतों के लिए दोषी अब तक तीन पर गिरी गाज

'दुर्भाग्यपूर्ण मौत' के मामले में सामने आ रहा शराब का एंगल 

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नगर थाना प्रभारी टीएन तिवारी व उत्पाद अवर निरीक्षक नागेन्द्र प्रसाद निलंबित

एक दिन पहले ही क्षेत्र के चौकीदार को किया गया था सस्पेंड

Voice4bihar news. नवादा में 16 मौतों के मामले में पुलिस व उत्पाद विभाग के अफसरों पर कार्रवाई के साथ ही इस कांड में शराब एंगल की पुष्टि होती दिख रही है। अब तक इस मामले को ‘दुर्भाग्यपूर्ण मौत’ करार देने वाले नवादा प्रशासन ने आखिरकार एक्शन लेना शुरू कर दिया है। इस क्रम में नवादा के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर टी एन तिवारी को निलंबित कर दिया गया है। अवर निरीक्षक उमाशंकर को अस्थायी तौर पर नगर थानाध्यक्ष बनाया गया है।

कई अन्य अफसरों पर भी गाज गिरने की संभावना

इतना ही नहीं, कई पुलिस व उत्पाद अधिकारियों को इस घटना की जिम्मेदारी के लिए चिन्हित किया गया है। जिन्हें भी शीघ्र निलंबित करने की कवायद चल रही है। उधर डीएम यशपाल मीणा की रिपोर्ट पर नवादा अंचल में पदस्थापित उत्पाद अवर निरीक्षक नागेन्द्र प्रसाद को निलम्बित कर दिया गया है। चौकीदार विकास मिश्रा को एक दिन पूर्व ही निलम्बित किया गया था। ऐसे में अभी कई लोगों पर गाज गिरने की संभावना प्रबल दिख रही है।

आईजी के आदेश पर हटाये गए नगर थाना प्रभारी

नवादा के एसपी सायली धूरत ने बताया कि 31 मार्च से लेकर 3 दिनों में मौतों के मामले में प्रथम दृष्टया नगर थाना प्रभारी टीएन तिवारी को जिम्मेवार माना गया। मगध प्रक्षेत्र के आईजी के आदेश पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके पूर्व नवादा नगर थाने के चौकीदार विकास मिश्रा को निलंबित कर दिया गया था। जिसे टाउन थाना प्रभारी ने कभी भी गांव में रहकर चौकीदारी करने का मौका नहीं दिया।

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परिवार के सदस्य की मौत पर बिलखतीं महिलाएं।    फाइल फोटो

चौकीदारी की बजाय थानेदार की ड्राइवरी करता था क्षेत्र का चौकीदार

बताया जाता है कि चौकीदार विकास मिश्रा को थाना प्रभारी चौबीसों घंटे थाने में रखकर गाड़ियां चलवाने का काम करते थे। चौकीदार से 24 घंटे थाने में काम लेना और उसे गांव की जानकारी नहीं देने के मामले में निलंबित करना निश्चित तौर पर प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध है। नगर थाना प्रभारी तिवारी के निलंबन से जिले वासियों में हर्ष देखा जा रहा है। जहरीली शराब से मौत के मामले में लगातार थाना प्रभारी पर शराब माफियाओं से मिलीभगत का आरोप आम रूप से लगाया जाता रहा है।

  वरीय पुलिस के अधिकारियों से भी हुई चूक

इधर जिले में चर्चा आम है कि थानेदार की कार्यशैली पर वरीय अफसरों ने ध्यान दिया होता तो संभव था 16 लोगों की मौत नहीं होती। निश्चित तौर पर यह कहा जा सकता है कि नगर थाना क्षेत्र के बुधौल, कोंदापुर , खरीदीबीघा आदि जगहों पर अवैध रूप से शराब बेचे जाने की जानकारी लोगों ने पुलिस को दी  थी। अगर नगर थाना प्रभारी टीएन तिवारी इस पर ध्यान देते तो आज इतनी बड़ी संख्या में जनों की क्षति नहीं होती। इंस्पेक्टर तिवारी पर कार्रवाई में देर होने से ही आमलोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा था। निलंबन कर जन भावनाओं का सम्मान कर आक्रोश कम किया गया।

एसपी ने कहा-अन्य अफसरों के खिलाफ भी चल रही 

नवादा एसपी धूरत सायली सांवलाराम ने पत्रकारों को बताया कि प्रथम दृष्टया नवादा अंचल में पदस्थापित उत्पाद निरीक्षक नागेंद्र प्रसाद लापरवाही के दोषी पाए गए हैं। यही वजह है कि नवादा के डीएम यशपाल मीणा की रिपोर्ट पर उत्पादन निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। एसपी ने बताया कि कई अधिकारियों के विरुद्ध जांच चल रही है। गहराई से जांच में आए तथ्यों के अवलोकन के बाद दोषी लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि जिले में शराब माफियाओं के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है, जो लोग भी शराब निर्माण, बेचने व पीने के गैर कानूनी कृत्य में शामिल होंगे, उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। निलंबन की कार्रवाई से अवैध शराब के मामले में लिप्त अधिकारियों में दहशत देखा जा रहा है।

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