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कोरोना से तीन बीडीओ की मौत के बाद अफसरों में बौखलाहट

ग्रामीण विकास सेवा संवर्ग के अफसरों ने प्रधान सचिव को भेजा त्राहिमाम संदेश

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अपने भविष्य व परिवार की चिंताओं से विभाग को कराया अवगत

पटना (voice4bihar news)। राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच फ्रंटलाइन अफसरों में हड़कंप मच गया है। विगत 10 दिनों के भीतर राज्य के तीन बीडीओ के कोरोना संक्रमण से आकस्मिक निधन होने के कारण ग्रामीण विकास सेवा संवर्ग के अफसरों में भविष्य को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं। ऐसे में ग्राामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव को त्राहिमाम संदेश भेजते हुए अपनी चिंताएं जाहिर की है।

राज्य में 10 दिनों के भीतर 3 बीडीओ की कोरोना से मौत

अपने मूल विभाग (ग्रामीण विकास विभाग) को भेजे पत्र में ग्रामीण विकास सेवा संघ ने कहा है कि वर्तमान में 50 से अधिक प्रखंड विकास पदाधिकारी कोरोना से संक्रमित हैं और लगातार संक्रमित हो रहे हैं। अब तक 03 प्रखंड विकास पदाधिकारियों की कर्तव्य निर्वहन में कोरोना से मृत्यु हो चुकी है। 17 अप्रैल को नालंदा जिले के नूरसराय के बीडीओ राहुल कुमार, 22 अप्रैल को पूर्वी चंपारण जिले के मधुबन के पूर्व बीडीओ रामजी प्रसाद तथा 24 अप्रैल को सीवान जिले के हुसैनगंज की बीडीओ मनीषा प्रसाद की कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो चुकी है।

बीडीओ को भी अस्पतालों नहीं मिल रहा ICU बेड

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संगठन का कहना है कि कोरोना प्रबंधन के अगली कतार में खड़े प्रखंड विकास पदाधिकारियों के प्रति पैतृक विभाग की उदासीनता से मनोबल टूट रहा है। इतनी संख्या में पदाधिकारियों के संक्रमित एवं मृत्यु होने पर भी विभाग ने अपने अफसरों के प्रति सकारात्मक सोच नहीं दिखाई। क्षोभ इस बात का भी है कि कोरोना संक्रमित इन अफसरों के इलाज के लिए अस्पतालों में बेड एवं ICU उपलब्ध नहीं हो रहा।

संगठन ने मांग की है कि कोरोना संक्रमित सभी बीडीओ के इलाज की व्यवस्था पटना एम्स, आईजीआईएमएस व पीएमसीएच जैसे अस्पतालों में करते हुए ICU बेड उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही विभाग के स्तर से बिहार ग्रामीण विकास सेवा के सभी पदाधिकारियों के लिए राज्य एवं देश के सर्वोच्च चिकित्सीय अस्पतालों यथा- AIIMS , JIPMER, PGI चंडीगढ़ आदि में चिकित्सा की सुरक्षित व्यवस्था की जाए, जिसके बिल का भुगतान विभाग की ओर से की जाए।

अपने अफसरों के प्रति पैतृक विभाग की उदासीनता से बढ़ी बेचैनी

संगठन ने मांग की है कि कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले बीडीओ के आश्रितों को एक हफ्ते के भीतर आपदा राहत राशि के तौर पर 4 लाख रुपये का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही गत वर्ष स्वास्थ्य विभाग के लिए की गयी व्यवस्था के अनुरूप बिहार ग्रामीण विकास सेवा के पदाधिकारियों की मृत्यु की स्थिति में अविलम्ब सरकार के स्तर से न्यूनतम पचास लाख रुपये का तत्काल भुगतान हो। इसके अलावा मृत्योपरांत आश्रितों को सरकारी नौकरी, कम से कम दो करोड़ का टर्म इंश्योरेंस, ग्रुप इंश्योरेंस, मेडिकल इंश्यारेंस आदि की व्यवस्था करने की मांग भी ग्रामीण सेवा संवर्ग के अफसरों ने की है।

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