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महिला कांस्टेबल के पास पिस्टल देख थानेदार को हुआ शक, यहीं से खुला बांका में फर्जी थाना का राज

पुलिस की गाड़ी के सामने से गुजरी तो फर्जी पुलिसकर्मी ने जय हिंद बोलते हुए सलामी दे दी

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बांका शहर में प्रशासन के नाक के नीचे करीब 8 महीने से चल रहा था रुपये वसूली का खेल

बांका ( Voice4bihar news ) । एक कट्टा ने बांका में चल रहे फर्जी थाना का सारा राज खोल दिया। दरअसल, बुधवार को बांका पुलिस की एक टीम गश्ती पर थी। रास्ते में एक महिला पुलिस के पास हथियार देख थाना अध्यक्ष चौक गए। पुलिस की गाड़ी आगे बढ़ी तो नकली महिला पुलिस ने जय हिंद बोलते हुए सलामी ठोंक दी। महिला काउंस्टेबल के पास हथियार देख थानेदार का माथा ठनका। शायद पिस्टल की बनावट पर भी पुलिस को शक हुआ। इसके बाद थानाध्यक्ष ने सख्ती से पूछा तो पूरे फर्जीवाड़ा का खुलासा हो गया।

दरअसल, फर्जी थाने का पूरा मामला बांका जिला मुख्यालय का है, जहां टाउन थाना से कुछ ही दूरी पर अनुराग गेस्ट हाउस में फर्जी थाना चल रहा था। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक डॉ . सत्य प्रकाश ने बताया कि पूछताछ में अनिता देवी ने स्वीकार किया कि उसे नौकरी दिलाने के नाम पर यहां लाया गया है और शातिरों ने उनसे भी 55 हजार रुपए की ठगी की है।

फर्जी थाने में डीएसपी से लेकर कांस्टेबल की थी तैनाती

उल्लेखनीय है कि अनुराग होटल में पिछले चार माह से एक गिरोह फर्जी रूप से पुलिस कार्यालय चला रहा था, जिसमें फर्जी पुलिस उपाधीक्षक समेत अन्य कर्मी काम कर रहे थे। पिछले 8 महीना से फर्जी थाना चल रहा था, जहां डीएसपी से लेकर कॉन्स्टेबल तक की तैनाती की गई थी। जिला मुख्यालय में चल रहे इस गोरखधंधे की पुलिस को इसकी भनक भी नहीं थी। बताया जाता है कि ये लोग पुलिस बहाली के नाम पर बेरोजगार युवक-युवतियों से ठगी करते थे।

‘स्कॉर्ट पुलिस टीम पटना’ के नाम से बना रखा था फर्जी ट्रस्ट

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जांच में पता चला कि ठगों ने स्कॉर्ट पुलिस टीम पटना के नाम से फर्जी ट्रस्ट बनाकर रखा था। नगर थाना अध्यक्ष शंभू नाथ यादव गश्ती पर थे। शिवाजी चौक से कुछ दूरी पर उन्हें एक महिला कॉन्स्टेबल को कट्टे के साथ देखा तो वे दंग रह गए। दरअसल यहां पर किसी महिला कॉन्स्टेबल को हथियार नहीं दिया गया है। नगर थाना की गाड़ी जैसे ही आगे बढ़ी फर्जी महिला कॉन्स्टेबल ने उन्हें ‘जय हिन्द’ बोलते हुए सलामी ठोंक दी। शक पुख्ता होने पर उन्होंने पूछताछ के लिए उन्हें हिरासत में ले लिया।

पुलिस में बहाली के नाम युवती से ठगे 55 हजार रुपये

गिरफ्तार फर्जी कॉन्स्टेबल ने बताया कि उसने नियुक्ति के लिए 55000 रुपये दिए थे। फुल्लीडुमर के भोला यादव ने नियुक्ति दिलाई थी। पुलिस आरोपी भोला यादव की तलाश कर रही है। छापेमारी के दरम्यान कई बैनर एवं पोस्टर मिले। ठगों ने स्कॉट पुलिस टीम पटना के नाम से एक फर्जी ट्रस्ट बना रखा था। वहां आने वालों से जिला समादेष्टा कार्यालय के नाम पर आवेदन लेते थे और कहते थे बहुत जल्द पुलिस में भर्ती कराएंगे। सभी आरोपी खुद को पुलिस वाला बता कर पुलिस में बहाली कराने के नाम पर लोगों से ठगी करते थे।

मुख्य सरगना भोला यादव को तलाश रही पुलिस

टाउन थाना के थाना अध्यक्ष ने बताया कि अब तक 5 लोगों को पकड़कर लिया है। मुख्य आरोपित भोला यादव की तलाश जारी है। डीएसपी वर्दी पहने आकाश कुमार भागलपुर जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के खानपुर गांव का है। वही एक अन्य शख्स राकेश कुमार मांझी फुल्लीडुमर थाना क्षेत्र के बताया जा रहा है। वहीं कार्यालय के मुंशी का कार्य सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के खानपुर गांव की जुली कुमारी कर रही थी। एक चपरासी की भी नियुक्ति की गई थी, जो फुल्लीडुमर थाना क्षेत्र का वकील मांझी है।

सर्विस रिवाल्वर के नाम पर कांस्टेबल को थमा दिया कट्‌टा

बताया जाता है कि श्यामलाल की पुत्री अनिता देवी को सर्विस रिवाल्वर के नाम पर कट्टा दिया गया था। अनिता देवी ने बताया कि भोला यादव नाम के व्यक्ति ने 55000 रुपये लेकर सिपाही में बहाल किया तथा उसी के आधार पर हम कार्यालय में काम करते हैं। एक फर्जी पुलिस गार्ड आकाश कुमार ने भी बताया कि हमें 90000 रुपये लेकर नौकरी दी गयी। लेखापाल रमेश कुमार और जूली कुमारी ने भी बताया कि इस कार्यालय में मंत्री द्वारा बहाल करने की बात कही गयी थी। अगर शहर में इस तरह का खेल विगत 8 माह से चल रहा हो और पुलिस को भनक तक नहीं लगती तो इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि ठगी करने वाला यह गिरोह कितना शातिर है।

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