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मुहर्रम पर अखाड़ा जुलूस में उपद्रव, नेपाल के लोगों ने भारतीय सीमा में घुसकर पुलिस पर किया पथराव

रोड़ेबाजी में कई पुलिस कर्मी हुए घायल, पुलिस की गाड़ी का शीशा फूटा

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विवादों में रहा है इस्लामपुर, चाणक्य चौक, फिर सुरक्षा में इतनी लापरवाही क्यों?

भारत की सीमा में घुसा नेपाल का जुलूस, मूकदर्शक बने रहे SSB के जवान!

जोगबनी (अररिया) (voice4bihar news)। मुहर्रम के मौके पर ताजिया जुलूस लेकर भारत-नेपाल सीमा पर आये नेपाल के लोगों ने भारतीय पुलिस पर भारी पथराव किया। इस घटना में जहां कई पुलिस वाले जख्मी हो गये, वहीं कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। मामले की सूचना पर घटना स्थल पहुंचे एसडीएम सुरेन्द्र कुमार अलबेला एवं डीएसपी रामपुकार सिंह ने हालात का जायजा लिया। उन्होंने पथराव की घटना पर कड़ा ऐतराज जताते हुए नेपाल के रानी थाना निरीक्षक प्रकाश रावत से कहा कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें।

मुहर्रम पर विधि व्यवस्था संधारण को लेकर तैनात मजिस्ट्रेट भी रहे नदारद

भारतीय अधिकारियों ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि कोरोना को लेकर भारतीय क्षेत्रों में मुहर्रम जुलूस पर प्रतिबंध है, इसके बावजूद नेपाल से निकला ताजिया जुलूस जबरन भारतीय क्षेत्र में कैसे घुसा? उन्होंने यह भी कहा कि भारत की ओर से बॉर्डर पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) आखिर मूकदर्शक कैसे बनी रही? विधि व्यवस्था पर निगरानी रखने के लिए तैनात मजिस्ट्रेट भी घटना के समय क्यों नदारद नजर आये?

इस्लामपुर में पथराव करते असामाजिक तत्व।

इस्लामपुर व चाणक्य चौक का विवादों से पुराना नाता

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अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अवस्थित चाणक्य चौक व इस्लामपुर का विवादों से गहरा नाता रहा है। समय-समय पर उपद्रवी किस्म के लोग दो देशों के सम्बंध को बिगाड़ने का प्रयास करते रहे हैं। पूर्व में भी चाणक्य चौक पर पत्थरबाजी की घटना हो चुकी है। वहीं इस्लामपुर के नेपाल भाग में वार्ड संख्या-17 के दस गज्जा में हो रहे नाले के निर्माण को रोकने पर बवाल हुआ था। नाला निर्माण पर भारत की तरफ से रोक लगाने पर भी कुछ असामाजिक तत्वों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में माहौल खराब करने का प्रयास किया था।

कौन थे पत्थरबाज और क्या है पूरा घटनाक्रम?

दरअसल चाणक्य चौक के समीप नेपाल भाग में मुहर्रम का अखाड़ लगाया गया था। इसे लेकर लोगों की काफी भीड़ इकट्ठा हो गई, जबकि भारत में कोविड को लेकर अखाड़ा एवं जुलूस पर रोक लगाई गयी थी तथा भीड़-भाड़ व मेले के आयोजन पर प्रतिबंध था। नेपाली नागरिकों द्वारा भारतीय क्षेत्रों से सटे नेपाल भाग में मुहर्रम अखाड़ा लगाए जाने से भारतीय क्षेत्रों में भी लोगों की भीड़ बढ़ने लगी। हालात यह हो गए कि कोरोना गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ने लगी।

भारतीय क्षेत्रों में हुजूम को हटाने के क्रम में भीड़ बेकाबू हो गयी और कुछ उपद्रवियों ने भारतीय सीमा में घुसकर पुलिस-प्रशासन पर पत्थराव कर दिया। उपद्रवियों ने इस दौरान नेपाल जिन्दाबाद के नारे लगाए। इस पथराव में पुलिस वैन का शीशा टूट गया और कई जवान घायल हो गए। हालात बेकाबू होता देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और बल प्रयोग करते हुए भीड़ को नियंत्रित किया। पुलिस की कार्रवाई को देख सभी उपद्रवी नेपाल की ओर भाग निकले।

उपद्रव को नियंत्रित करने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस व प्रशासन के अफसर।

वहीं घटना की सूचना पर घटना स्थल पर पहुंचे फारबिसगंज अनुमंडल अधिकार सुरेन्द्र कुमार अलबेला ने बताया कि इस मामले में जो भी दोषी होंगे, उनपर कार्रवाई के लिए नेपाल के अधिकारियों को कहा गया है। उपद्रवियों को चिह्नित करने के लिए अखाड़ा व उपद्रव का वीडियो उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि नेपाल के वरीय अधिकारियों को भी कड़ी कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।

फिलहाल अफसरों की फटकार के बाद मटियरवा सीमा स्थित चाणक्य चौक पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। वहीं घटना के बाद चाणक्या चौक खुली सीमा पर एसएसबी जवानों की छावनी लगा दी गयी थी। एसएसबी 56वीं वाहिनी के सहायक सेनानायक सौरभ कुमार व अमरेंद्र प्रताप सिंह घटना स्थल पर कैंप किये हुए हैं। वही घटनास्थल पर खबर लिखे जाने तक दोनों तरफ के वरिष्ठ अधिकारियों के मौके पर आने का इंतजार किया जा रहा था।

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