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पशुपति पारस को समर्थकों ने पहनाई एक टन फूलों की माला, विरोधियों ने फेंकी काली स्याही व मोबाइल

नरेंद्र मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने के बाद पहली बार हाजीपुर पहुंचे पशुपति कुमार पारस

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शानदार स्वागत के साथ निंदनीय विरोध भी दिखा, महिला व समर्थकों ने फेंकी स्याही

केंद्रीय मंत्री ने कहा- हाजीपुर के विकास के लिए अंतिम सांस तक करूंगा प्रयास

हाजीपुर (voice4bihar news) । मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री बनने के बाद पहली बार बिहार पहुंचे लोजपा नेता पशुपति पारस अचानक सुर्खियों में आ गए । जहां एक टन फूलों की माला से उनका स्वागत – सत्कार किया गयां वहीं काफिले पर मोबाइल और मंत्री पर स्याही फेंक कर विरोध जताया गया। लोकजनशक्ति पार्टी में दो फाड़ होने के बाद चिराग पासवान के समर्थक इतने गुस्से में दिखे कि केंद्रीय मंत्री को काला झंडा भी दिखाया। हालांकि पशुपति कुमार पारस का विरोध अप्रत्याशित नहीं था, फिर भी इस स्तर तक विरोध की आशंका नहीं थी। लिहाजा  ये सभी घटनाएं बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय रहीं।

दरअसल केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री बनने के बाद पशुपति कुमार पारस आज पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र हाजीपुर आये थे। महात्मा गांधी सेतु के एक नंबर पाया से शुरू हुआ स्वागत का सिलसिला कार्यक्रम स्थल तक चलता रहा। पानहाट के निकट एक बड़े क्रेन से एक टन की बड़ी माला से केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया गया। हालांकि हाजीपुर के चौरसिया चौक के निकट कुछ विरोधियों ने उनके काफिले पर मोबाइल और स्याही फेंकी। इस बीच केंद्रीय मंत्री की गाड़ी आगे निकल गयी थी। एक महिला व समर्थकों ने काली स्याही फेंकी, जो कई पुलिसकर्मियों व कार्यकर्ताओं पर पड़ी।

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हाजीपुर व मुजफ्फरपुर के बीच स्थापित होगी फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री

उधर फन पॉइंट रिसोर्ट सभागार में अभिनंदन समारोह में केंद्रीय मंत्री श्री पारस ने कहा कि बड़े भाई स्व . राम विलास पासवान उनके अभिभावक व भगवान थे। उनके आदेश से ही वे हाजीपुर से चुनाव लड़े और यहां की जनता ने अपार समर्थन देकर न सिर्फ सांसद बनाया बल्कि आज केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली। इसके साथ ही पारस ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग की एक इंडस्ट्री वैशाली जिले में बनेगी। यह हाजीपुर व मुजफ्फरपुर के बीच स्थापित होगी। हाजीपुर में केले की खेती होती है तो मुजफ्फरपुर में लीची की होती है। इस क्षेत्र में आम की खेती भी प्रचुर मात्रा में होती है। इससे संबंधित उद्योगों का बड़ा कारखाना लगेगा, जिसमें हजारों लोगों को नौकरियां मिलेंगी।

पशुपति ने कहा- सांसद फंड में नहीं है पैसा, मुख्यमंत्री से किया मदद का अनुरोध

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वैशाली जिले में बाढ़ की भयावह हालात है। सभी कार्यकर्ता बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद करने के लिए आगे बढ़े। मुझसे जो भी बन पड़ेगा मैं करूंगा। सभी को पता है कि सांसद निधि में पैसा नहीं है। इस संबंध में वैशाली के डीएम से उनकी बातें हो रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी अनुरोध किया है कि बाढ़ पीड़ितों को हरसंभव सहायता मिलनी चाहिए। पशुओं को चारे की व्यवस्था होनी चाहिए।

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