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नेपाल से बिहार आ रही भारी मात्रा में नेपाली शराब जब्त

सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने भारत - नेपाल सीमा पर की कार्रवाई

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पिकअप वैन में भर कर बिहार भेजी जा रही थी 3600 बोतल नेपाली शराब

मनिकपुर व डुमरिया में शराब की खेप पहुंचाने की फिराक में थे तस्कर

राजेश कुमार शर्मा की रिपोर्ट

जोगबनी (voice4bihar news)। बिहार के विभिन्न जिलों में शराब पीने से करीब 3 दर्जन लोगों की मौत से जहां खलबली मची है, वहीं सीमा पार से नेपाली शराब की तस्करी जारी है। शनिवार की अहले सुबह भारत – नेपाल सीमा के मानिकपुर के बॉर्डर पिलर के समीप 3600 बोतल नेपाली शराब पकड़ी गयी है। सशस्त्र सीमा बल की इस कार्रवाई में एक शराब तस्कर मिल्की डुमरिया निवासी मोहम्मद सुल्तान के पुत्र रकीब को हिरासत में लिया गया है।

दरअसल, भारत – नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में इन दिनों शराब तस्कर बड़े पैमाने पर शराब की आपूर्ति करने में जुटे हैं। बिहार में लागू शराबबंदी कानून को ठेंगा दिखा रहे इन शराब तस्करों ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिये हैं। हालांकि सरकार की सख्ती के बाद अब एसएसबी ने शराब तस्करों के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है।

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एसएसबी 56 वीं वाहनी के घूरना बीओपी कैम्प प्रभारी दुर्गेश पाण्डे लगातार तस्करें के विरुद्ध अभियान चला रहे हैं। इस कड़ी में शनिवार की अल सुबह मानिकपुर के बोर्डर पिलर संख्या 188/3 के समीप एक पिकअप वैन को पकड़ा गया। इसमें लदी 3600 बोतल नेपाली शराब के साथ मिल्की डुमरिया निवासी मो . रकीब पिता मोहम्मद सुल्तान को सुरक्षा बलों ने धर दबोचा।

पवन यादव और कुश यादव ने मंगवाई थी शराब की खेप

कैम्प प्रभारी श्री पाण्डे ने बताया कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति ने पूछताछ में बताया कि जब्त शराब की खेप मानिकपुर व मिल्की डुमरिया में उतारने की योजना थी । मनिकपुर के पवन यादव पिता जयनारायण यादव तथा मिल्की डुमरिया के कुश यादव पिता कुलानानन्द यादव को शराब की आपूर्ति की जानी थी। शराब जब्ती की कार्रवाई में कैम्प प्रभारी दुर्गेश पांडेय, खुर्शीद आलम, विजय बहादुर , राज शेखर व ड्राइवर देवेंद्र शामिल थे।

पुलिस के सहयोग के बिना एसएसबी का प्रयास नाकाफी

हाल के दिनों में बिहार में जहरीली शराब से मौत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भले ही सख्ती के निर्देश दिये हैं, लेकिन अररिया जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में शराब तस्करों की सक्रियता में कमी नहीं आई है। वजह है स्थानीय पुलिस की शिथिलता।

आंकड़े पर गौर करें तो सीमा क्षेत्र में नशीली दवा की जब्ती हो या शराब माफिया पर कार्रवाई , एसएसबी की भूमिका सहरानीय है। सशस्त्र सीमा बल की कोशिशों के बावजूद स्थानीय पुलिस के असहयोग कारण सीमा पार से तस्करी में कमी नहीं आ रही।

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