Header 300×250 Mobile

अस्पताल के कोविड वार्ड में बेधड़क पहुंचे विधायक, अस्पताल प्रबंधन ने जताई आपत्ति

आरा सदर अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे माले विधायक मनोज मंजिल

- Sponsored -

361

- Sponsored -

- sponsored -

कोविड वार्ड में 12 घंटे से मरीजों की सुधि लेने के लिए नहीं आया कोई स्वास्थ्यकर्मी : विधायक

अस्पताल के कोविड-19 प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश की इजाजत किसी को नहीं : अस्पताल अधीक्षक

आरा (voice4bihar news)। जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले व हेल्थकेयर सिस्टम पर उठ रहे सवालों के बीच आज अगिआंव विधायक मनोज मंजिल तब सुर्खियों में आ गये जब सदर अस्पताल आरा में कोविड मरीजों के बीच जा पहुंचे। गुरुवार की सुबह जहां मनोज मंजिल ने अस्पताल में कोविड मरीजों के इलाज में लापरवाही पर प्रशासन व सरकार को घेरने को कोशिश की वहीं दूसरी तरफ कोविड वार्ड के प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने पर अस्पताल प्रबंधन व प्रशासन ने आपत्ति दर्ज कर विधायक को ही कठघरे में खड़ा कर दिया।

मरीजों के परिजन से की बात, अस्पताल की कुव्यवस्था पर बरसे

दरअसल भाकपा – माले केंद्रीय कमिटी सदस्य व अगिआंव विधायक मनोज मंज़िल ने सुबह- सुबह सदर अस्पताल के कोविड वार्ड में व्यवस्था व मरीजों का हाल चाल लेने पहुंचे। कोविड वार्ड में विधायक ने मरीजों के अटेंडेंट से बात की। लोगों ने बताया कि पिछले 12 घंटों से कोई भी मरीजों का कोई हाल – चाल नहीं लेने आया और जरूरत पड़ने पर अटेंडेंट खुद से ऑक्सीजन सिलिंडर कोविड वार्ड में ला कर मरीज को लगा रहे हैं। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सिलिंडर का फ्लोमीटर और फेसमास्क भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। ऐसी जरूरी चीजें भी बाजार से खरीदनी पड़ रही है।

कोरोना मरीजों के अटेंडेंट से बात करते विधायक मनोज मंजिल।

विज्ञापन

माले नेताओं ने जिलाधिकारी को वस्तुस्थिति से कराया अवगत

इस व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए विधायक मनोज मंज़िल ने कहा कि सरकार केवल महामारी पर बचाव का प्रवचन दे रही है। अस्पताल – डॉक्टर, ऑक्सीजन की व्यवस्था करने की बजाय इस विकट परिस्थिति में जनता को खुद के भरोसे छोड़ दिया। उन्होंने लगे हाथ यह भी कह दिया कि इन सवालों पर आज भाकपा – माले का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से बात करेगा। ऐसा हुआ भी। पार्टी के एक शिष्टमंडल ने डीएम रोशन कुशवाहा से मिलकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया।

कोविड वार्ड में मरीजों के अलावा किसी को भी नहीं जाने दिया जाएगा : एसडीओ

इधर विधायक की ओर से उठाये गए सवालों का जवाब देने की बजाय अस्पताल प्रबंधन व जिला प्रशासन ने मनोज मंजिल के इस कदम को ही गलत करार दिया। इस संदर्भ में सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ . प्रवीण कुमार सिन्हा ने बताया कि अस्पताल का कोराना वार्ड कोविड -19 प्रतिबंधित क्षेत्र है। इसमें मरीज के अलावे किसी के भी प्रवेश की इजाजत नहीं है। बावजूद इसके लोग नियमों का उल्लंघन करके प्रवेश कर जा रहे हैं। वही इस संदर्भ में सदर एसडीओ वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि कोविड वार्ड में मरीज के अलावा किसी भी परिजन को जाने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए पुलिस जवानों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है।

सदर अस्पताल में लगातार सामने आ रही व्यवस्था की खामियां

अभी एक दिन पहले ही आरा सदर अस्पताल से खबर आई कि चार घंटे तक बिना डॉक्टर के रहा सदर अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड। इस मामले में अस्पताल अधीक्षक ने डॉक्टरों समेत चार लोगों को शोकॉज भी जारी किया है। ऐसे में खुद जाकर व्यवस्था को देखने की इच्छा से विधायक मनोज मंजिल सदर अस्पताल पहुंचे थे। मरीजों का दर्द जानने के मकसद से किया गया यह निरीक्षण सही कदम हो सकता है लेकिन बिना सेफ्टी किट पहने कोरोना वार्ड में प्रवेश को भी जायज नहीं ठहराया जा सकता। बहरहाल देखना दिलचस्प होगा कि विधायक के निरीक्षण के बाद कोरोना मरीजों के इलाज की व्यवस्था में सुधार आता है या सिर्फ दोनों ओर से राजनीतिक रंग देकर मामले को खत्म कर दिया जाएगा।

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored -

- Sponsored