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जदयू व राजद में सियासी हलचल तेज, उपेंद्र-ललन और प्रभुनाथ-सिद्दिकी की मुलाकात के बड़े सियासी मायने

राज्य में तेजी से बदल रहे घटनाक्रम, देर शाम को जगदानंद सिंह ने इस्तीफा प्रकरण का किया खंडन

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राजद : पूर्व सांसद प्रभुनाथ से मिलने छपरा पहुंचे पूर्व मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी

जदयू : संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से एक घंटे हुई ललन सिंह की भेंट

पटना (voice4bihar news)। बिहार के दो बड़े राजनीतिक दल राजद व जदयू में एक-एक कर सामने आ रहे घटनाक्रम को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। आरसीपी सिंह के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद जहां जदयू में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा, वहीं राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के इस्तीफे की अटकलों के बीच पार्टी नेताओं की हर गतिविधि के मायने निकाले जा रहे हैं। हालांकि देर शाम को जगदानंद सिंह से इस्तीफा प्रकरण का खंडन कर दिया।

मंत्रिमंडल में जाने से चूके ललन सिंह, पार्टी की कमान से वंचित हुए उपेंद्र कुशवाहा

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद नए राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा था कि आरसीपी को केंद्र की राजनीति में भेजने के बाद जदयू की कमान उपेंद्र कुशवाहा को मिल सकती है, लेकिन अगले तीन साल तक इस पद पर आरसीपी के बने रहने की बात सामने आ गयी। वहीं ललन सिंह को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर भी चर्चाएं हैं। इन हालातों के बीच उपेंद्र कुशवाहा व ललन सिंह की मुलाकात ने सियासत को हवा दे दी है।

उपेंद्र व ललन ने अटकलों का किया खारिज

जदयू संसदीय दल के नेता ललन सिंह आज संसदीय बोर्ड के अध्‍यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक मुलाकात में क्या बातें हुई, यह बात मीडिया में सामने नहीं आई है। हालांकि ललन सिंह ने पत्रकारों के सवाल पर कहा कि मंत्रिमंडल विस्‍तार पर खुद मुख्‍यमंत्री ही स्थिति स्‍पष्‍ट कर चुके हैं। इसमें वे क्‍या बता सकते हैं। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उन दोनों की मुलाकात में कुछ भी अस्‍वभाविक नहीं है। दोनों एक दल में हैं। पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए ऐसी मुलाकातें होती रहती हैं।

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प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे की अटकलों के बीच प्रभुनाथ से मिले सिद्दिकी

राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के इस्तीफे की अटकलों की बीच राज्य की सियासत में आई गरमाहट के बीच राजद के दो बड़े नेताओं की मुलाकात ने कयासों का बाजार गर्म कर दिया। सारण के मशरक में शुक्रवार को पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह से मिलने के लिए उनके आवास पर पूर्व मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी जा पहुंचे। वैसे तो इस मुलाकात को सिद्दिकी ने मित्रमंडली एवं पारिवारिक मुलाकात बताया है, लेकिन सियासत में शुरू उठापटक के बीच इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं।

प्रभुनाथ सिंह का कुशलक्षेम पूछने आया हूं : सिद्दिकी

दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद अब्दुल बारी सिद्दिकी ने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रभुनाथ सिंह का कुशल क्षेम पूछने आया हूं। मौके पर पूछे गए सवाल पर सिद्दीकी ने पत्रकारों से कहा कि सुशील मोदी ने हाल ही में राजद को दबंगों की पार्टी कहा है, इस पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सुशील मोदी के बयान को राजद कभी भी गंभीरता से नहीं लेता। छोटे मोदी खुद ही अपनी पार्टी में अलग थलग हो गए हैं।

शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा से मिलने सीवान गए सिद्दिकी

दूसरी ओर दोनों नेताओं की गुफ्तगू पर राजनीतिक पंडित तरह-तरह के कयास लगाने लगे हैं, लेकिन खुलकर कोई कुछ भी नहीं बोल रहा। मौके पर विधायक केदारनाथ सिंह, पूर्व विधायक महेश्वर सिंह, पूर्व सांसद के अनुज दीनानाथ सिंह, परिवर्तनकारी शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष समरेंद्र बहादुर सिंह, पूर्व सांसद के प्रवक्ता सुरेन्द्र पांडेय सहित दर्जनों नेता मौजूद थे। पूर्व सांसद से मिलने के बाद देर शाम अब्दुल बारी सिद्दीकी सीवान रवाना हुए, जहां दिवंगत पूर्व सांसद मो. शाहबुद्दीन के बेटे ओसामा से मुलाकात होनी है।

यह भी देखें : केंद्रीय कैबिनेट के विस्तार के साथ ही बिहार की राजनीति में भूचाल

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