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नक्सलियों से संबंध के आरोप में गिरफ्तार काशी राजभर की जमानत याचिका खारिज

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हार्डकोर नक्सली संदेश की स्वीकारोक्ति पर हुई थी राजभर की गिरफ्तारी

रोहतास से अभिषेक कुमार सुमन की रिपोर्ट

सासाराम (voice4bihar news)| विगत फरवरी माह में रोहतास पुलिस के हत्थे चढ़े बड्डी थाना कांड संख्या 167 / 2016 के आरोपी काशी राजभर उर्फ काशी सिंह की जमानत याचिका अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने खारिज कर दी है। नक्सलियों से सम्बंध के आरोप में गिरफ्तार काशी राजभर के खिलाफ आईपीसी की धारा 341, 323, 342 ,365, 506 एवं यूएपीए की धारा 13,17 और 20 के तहत एफआईआर दर्ज है।


अदालत में दी दलील, नक्सली गतिविधियों का विरोध करने के कारण फंसाया गया

बड्डी थाना कांड संख्या 167/ 2016 में गिरफ्तार काशी राजभर उर्फ काशी सिंह ने जमानत याचिका में अपना पक्ष रखते हुए दलील दी है कि उग्रवादी संगठन का विरोध करने उग्रवादी संगठनों को गांव में आने से रोकने के कारण नाराज उग्रवादियों ने उसके नाम बताए हैं। राजभर ने स्वयं को गरीब व्यक्ति बताते हुए फैक्ट्री में काम करने वाला मजदूर बताया है।

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उसने अदालत को यह भी बताया कि कोरोना को लेकर हुए लॉकडाउन के कारण फैक्ट्री बंद हो गई थी। ऐसी स्थिति में वह गांव में आ गया। राजभर ने स्वयं के विरुद्ध मुकदमे के मामले में अनभिज्ञता जताई है।

हार्डकोर नक्सली अनिल कुशवाहा उर्फ संदेश उर्फ राकेश मिश्रा का सहयोगी

हार्डकोर नक्सली कमांडर संदेश के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर काशी राजभर की गिरफ्तारी हुई थी। विगत फरवरी माह में रोहतास पुलिस और एसएसबी के संयुक्त कार्रवाई में पुलिस के हत्थे चढ़ा काशी राजभर उर्फ काशी सिंह हार्डकोर नक्सली कमांडर अनिल कुशवाहा उर्फ संदेश उर्फ राकेश मिश्रा का सहयोगी है।

इसका खुलासा राकेश मिश्रा ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में किया है राकेश मिश्रा के नाम से कैमूरांचल घाटी में चर्चित नक्सली कमांडर अनिल कुशवाहा उर्फ संदेश के इस खुलासे का जिक्र दरिगांव थाना कांड संख्या 351 /17 की कांड दैनिकी के पैरा संख्या 42 में पुलिस ने किया है ।

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